जानिए कानपुर में कब और पहली बार होगी जया किशोरी की श्रीमद् भागवत कथा, सीएसए ग्राउंड में होगा भव्य धार्मिक आयोजन

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रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित 

कानपुर: धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से जुड़े कार्यक्रमों के लिए पहचाने जाने वाले कानपुर शहर में इस वर्ष एक विशेष धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। पहली बार प्रसिद्ध कथावाचक सुश्री जया किशोरी के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। यह भव्य धार्मिक कार्यक्रम 17 दिसंबर से 24 दिसंबर 2026 तक चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) ग्राउंड में आयोजित होगा। आयोजन की घोषणा के साथ ही तैयारियां तेज कर दी गई हैं और विभिन्न व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रबंध समिति का गठन भी कर दिया गया है।

आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि शहर के सांस्कृतिक और सामाजिक जीवन में भी एक नई पहचान स्थापित करेगा। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कानपुर पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

श्री अग्रसेन सेवा समिति के तत्वावधान में होगा आयोजन

इस धार्मिक आयोजन का संचालन श्री अग्रसेन सेवा समिति के तत्वावधान में किया जाएगा। समिति ने आयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया है। प्रत्येक समिति को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि कथा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

आयोजन समिति के अनुसार, कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर ली गई है और सभी पदाधिकारियों को उनके दायित्वों से अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा आयोजन से जुड़े स्वयंसेवकों को भी चरणबद्ध तरीके से जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।

पहली बार कानपुर में होगी जया किशोरी की श्रीमद्भागवत कथा

कार्यक्रम संयोजक कमल किशोर अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह आयोजन कानपुर के लिए ऐतिहासिक अवसर होगा। उन्होंने कहा कि शहर में पहली बार जया किशोरी की श्रीमद्भागवत कथा आयोजित की जा रही है, इसलिए श्रद्धालुओं में इसे लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जया किशोरी देश और विदेश में अपने प्रेरणादायी प्रवचनों, भक्ति संदेशों और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से लाखों लोगों को आध्यात्मिक मार्ग से जोड़ चुकी हैं। ऐसे में कानपुर में उनका आगमन शहरवासियों के लिए एक विशेष अवसर होगा।

तैयारियों को लेकर हुई पहली बैठक

आयोजन की तैयारियों के क्रम में शुक्रवार को प्रबंध समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में कथा स्थल की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था तथा जनसहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

कमल किशोर अग्रवाल ने बताया कि आयोजन को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक समिति अपने निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करेगी।

श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर रहेगा विशेष ध्यान

आयोजन समिति के अनुसार कथा स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की जाएंगी। विशेष रूप से पार्किंग, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, स्वच्छता और बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की योजना बनाई गई है।

इसके अलावा प्रशासन और संबंधित विभागों से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त करने के लिए संपर्क किया जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यदि व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित होंगी, तो श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के कथा का श्रवण कर सकेंगे।

जनसहभागिता को मिलेगा विशेष महत्व

कार्यक्रम संयोजक कमल किशोर अग्रवाल ने कहा कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन की सफलता समाज के सहयोग से ही संभव होती है। इसलिए शहर के सभी सामाजिक, धार्मिक और व्यापारिक संगठनों से सहयोग का आग्रह किया जा रहा है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस आयोजन से जुड़ें और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की भागीदारी भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

भव्य और सुव्यवस्थित आयोजन का लक्ष्य

आयोजन समिति का उद्देश्य केवल एक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करना नहीं है, बल्कि ऐसा आयोजन करना है जो अनुशासन, व्यवस्था और श्रद्धा का उदाहरण बने। इसी कारण आयोजन से जुड़े प्रत्येक पहलू की विस्तृत योजना तैयार की जा रही है।

समिति के सदस्यों का कहना है कि कथा स्थल पर प्रवेश, निकास, वाहन पार्किंग, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन के लिए स्वयंसेवकों की विशेष टीम भी तैनात रहेगी।

धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण होगा सुदृढ़

धार्मिक आयोजनों का समाज में केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक महत्व भी होता है। ऐसे कार्यक्रम लोगों को एक मंच पर जोड़ते हैं और भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने का अवसर प्रदान करते हैं।

आयोजकों का मानना है कि श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से समाज में सकारात्मक विचार, नैतिक मूल्यों और पारिवारिक संस्कारों का संदेश भी प्रसारित होगा। इसके साथ ही शहर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा मिलेगी।

लगातार जारी रहेंगी तैयारियां

आयोजन समिति के सदस्य अंकित अग्रवाल ने बताया कि आने वाले दिनों में तैयारियों की गति और तेज की जाएगी। सभी समितियां नियमित बैठकें करेंगी और प्रत्येक व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी ताकि आयोजन के समय किसी प्रकार की कमी न रहे।

उन्होंने बताया कि कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को उसी स्तर पर विकसित किया जा रहा है। आयोजन समिति का प्रयास रहेगा कि प्रत्येक श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

कानपुर में पहली बार आयोजित होने जा रही सुश्री जया किशोरी की श्रीमद्भागवत कथा धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण आयोजन माना जा रहा है। 17 से 24 दिसंबर 2026 तक सीएसए ग्राउंड में होने वाले इस आयोजन को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी हैं। समिति का लक्ष्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए कथा का भव्य, अनुशासित और सफल आयोजन करना है। यदि सभी तैयारियां निर्धारित योजना के अनुसार पूरी होती हैं, तो यह आयोजन कानपुर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल हो सकता है और हजारों श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

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