वाराणसी में साइबर क्राइम पुलिस ने इंश्योरेंस ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़, 5 शातिर आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार

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रिपोर्ट – धर्मेंद्र पांडेय 

वाराणसी: पुलिस उपायुक्त अपराध, कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देश पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर अवैध साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गैंग के सरगना सहित कुल 05 शातिर साइबर अपराधियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

यह कार्रवाई एक संगठित साइबर ठगी के मामले में की गई है, जिसमें पीड़ित को इंश्योरेंस पॉलिसी का प्रीमियम भरने, अपडेट कराने और अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी की गई थी।

शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ मामला

पुलिस के अनुसार, 11 मई 2026 को वाराणसी निवासी जीशान (काल्पनिक नाम) ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने स्वयं को रिलायंस निप्पॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का अधिकारी बताकर उनसे संपर्क किया।

इसके बाद आरोपियों ने प्रीमियम भुगतान और पॉलिसी अपडेट के नाम पर उन्हें झांसे में लेकर लगभग 12.5 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली।

इस शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम वाराणसी में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई।

पुलिस ने गठित की विशेष टीम

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर, पुलिस उपायुक्त अपराध नीतू कादयान और अपर पुलिस उपायुक्त अपराध नृपेन्द्र द्वारा विशेष टीम गठित की गई।

इसके बाद सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध विदुष सक्सेना के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम बनाई गई, जिसे हरियाणा, दिल्ली NCR और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर आरोपी की तलाश के लिए रवाना किया गया।

लगातार तकनीकी और सर्विलांस इनपुट के आधार पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 31 जून 2026 को दिल्ली से 05 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

ठगी का तरीका और नेटवर्क

जांच में सामने आया कि आरोपी साइबर अपराधी पहले से उपलब्ध इंश्योरेंस पॉलिसीधारकों का डेटा प्राप्त करते थे। इसके बाद वे खुद को प्रतिष्ठित इंश्योरेंस कंपनी का कर्मचारी या अधिकारी बताकर पीड़ितों से संपर्क करते थे।

इसके बाद उन्हें प्रीमियम जमा करने या पॉलिसी अपडेट कराने के नाम पर आकर्षक लाभ का झांसा दिया जाता था। जैसे ही पीड़ित विश्वास में आते थे, उनसे अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे।

इसके बाद यह राशि फर्जी म्यूल बैंक खातों के माध्यम से कई स्तरों पर घुमाई जाती थी और अंत में नकद निकासी कर ली जाती थी।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण

पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें मुख्य रूप से दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट क्षेत्र के निवासी शामिल हैं। इनमें शिव कुमार गौतम (28), अमन कुमार (20), विष्णु कुमार (21), राहुल कुमार (25) और आलोक सिंह (31) शामिल हैं।

बरामदगी और आगे की जांच

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 01 आईफोन, 05 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 65,000 रुपये नकद तथा एक चार पहिया वाहन (Froxx) बरामद किया है।

इसके अलावा, पुलिस ने बताया कि आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है और यह भी जांच की जा रही है कि इनके साथ अन्य लोग भी इस नेटवर्क में शामिल हैं या नहीं।

पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि किसी भी अनजान कॉल या ऑफर पर विश्वास न करें।

कुल मिलाकर वाराणसी साइबर क्राइम पुलिस की यह कार्रवाई साइबर ठगी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस गिरफ्तारी से इंश्योरेंस फ्रॉड से जुड़े संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है और आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।

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