कानपुर राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल ने की खाद्य एवं औषधि विभाग की समीक्षा, मिलावटखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
रिपोर्ट – ऋषभ देव सिंह
कानपुर: खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल ने गुरुवार को कानपुर स्थित सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में खाद्य सुरक्षा, औषधियों की गुणवत्ता, मिलावटखोरी पर नियंत्रण तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही प्रवर्तन गतिविधियों की समीक्षा करना और आम जनता को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य तथा औषधीय उत्पाद उपलब्ध कराना था।
शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता
राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए नियमित और सघन जांच अभियान चलाया जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि ऐसे मामलों में कमी लाई जा सके।
नकली दवाओं पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश
बैठक के दौरान राज्य मंत्री ने औषधि गुणवत्ता को लेकर भी गंभीरता जताई। उन्होंने नकली और मानकविहीन दवाओं की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही औषधि प्रतिष्ठानों की नियमित जांच और निगरानी को और अधिक सख्त करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसलिए औषधि विक्रय केंद्रों और निर्माण इकाइयों पर लगातार निरीक्षण आवश्यक है।
विभागीय प्रगति की हुई समीक्षा
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने राज्य मंत्री को जिले में चल रही कार्रवाई, सैंपलिंग प्रक्रिया, प्रवर्तन कार्यों और विभिन्न योजनाओं की प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मिलावटखोरी पर नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और कई मामलों में कार्रवाई भी की गई है।
इस पर राज्य मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इन प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कार्यों में ढिलाई पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करना चाहिए ताकि जनता का विश्वास मजबूत हो सके।
जनस्वास्थ्य सुरक्षा पर सरकार का फोकस
राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसलिए खाद्य एवं औषधि विभाग को पूरी सक्रियता के साथ कार्य करना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि नियमित निरीक्षण, सैंपलिंग और जागरूकता अभियानों के माध्यम से ही मिलावटखोरी और नकली दवाओं की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, कानपुर में हुई यह समीक्षा बैठक खाद्य सुरक्षा और औषधि गुणवत्ता को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल के निर्देशों से स्पष्ट है कि विभाग अब और अधिक सख्ती के साथ काम करेगा ताकि आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिल सकें।

