कानपुर डीएम ने शिक्षा, स्वच्छता व पर्यावरण संरक्षण अभियान का किया शुभारंभ, बच्चों का नामांकन भी कराया

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: जनपद में बुधवार को शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े तीन महत्वपूर्ण अभियानों का संयुक्त शुभारंभ किया गया। इनमें विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान, स्कूल चलो अभियान (द्वितीय चरण) और वन महोत्सव शामिल हैं। इस अवसर पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इन अभियानों की शुरुआत करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाना चाहिए।

गीता नगर पार्क (रामलीला मैदान), काकादेव में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजागरूकता बढ़ाना और विभिन्न सरकारी योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी रूप से पहुंचाना रहा।

बच्चों के नामांकन से हुई अभियान की शुरुआत

कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल चलो अभियान के तहत दो बच्चों—आकाश और अंशिका—का कक्षा-1 में नामांकन कराया। साथ ही उन्हें निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें भी वितरित की गईं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलना उसका अधिकार है।

इसके अलावा उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने भी सभी विभागों को मिलकर अभियान को सफल बनाने की बात कही।

वन महोत्सव के तहत पौधारोपण और जागरूकता रैली

इसी कार्यक्रम में वन महोत्सव के अंतर्गत “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया गया। जिलाधिकारी ने पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके साथ ही जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इसके अलावा फॉगिंग वाहनों को भी रवाना किया गया ताकि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम में मदद मिल सके। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को प्रभावी बनाया।

विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान पर जोर

जिलाधिकारी ने बताया कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 जुलाई से 31 जुलाई तक और दस्तक अभियान 11 जुलाई से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। वर्षा ऋतु के दौरान मच्छर जनित रोगों की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण है।

इस दौरान घर-घर सर्वेक्षण, बुखार के मरीजों की पहचान, जांच, एंटी लार्वा छिड़काव, फॉगिंग और जनजागरूकता गतिविधियां की जाएंगी। विशेष रूप से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस और अन्य संचारी रोगों की रोकथाम पर ध्यान दिया जाएगा।

नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की कि वे सप्ताह में एक दिन “सूखा दिवस” अवश्य मनाएं और घरों में पानी जमा न होने दें। कूलर, टंकी, गमले, टायर और अन्य पात्रों में पानी एकत्र न होने दिया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने सलाह दी कि बुखार या अन्य लक्षण होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं। स्वच्छ पेयजल, ताजा भोजन और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़ों के उपयोग पर भी जोर दिया गया।

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका और जनसहभागिता

अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. जी. के. मिश्रा ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम में जनसहभागिता सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान में सर्विलांस, वेक्टर नियंत्रण, स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विभागीय समन्वय और नागरिकों की भागीदारी से ही इन अभियानों को सफल बनाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, कानपुर में शुरू किए गए ये संयुक्त अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। प्रशासन का उद्देश्य इन योजनाओं को केवल सरकारी कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनआंदोलन का स्वरूप देना है। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और दीर्घकालिक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

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