संसद परिसर में कल्याण बनर्जी का प्रदर्शन, प्रियंका गांधी से बातचीत का वीडियो वायरल , ’20 गद्दार सांसद’ वाले बयान पर बढ़ी चर्चा

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Digital UP News Desk 

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद कल्याण बनर्जी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के बीच हल्की-फुल्की लेकिन राजनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण बातचीत दिखाई दे रही है। वीडियो में कल्याण बनर्जी पश्चिम बंगाल की राजनीति, कांग्रेस, टीएमसी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लेकर कई टिप्पणियां करते नजर आते हैं। हालांकि, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है।

वीडियो में सबसे अधिक चर्चा उस समय शुरू हुई जब कल्याण बनर्जी ने कथित तौर पर कहा कि “20 गद्दार सांसदों की तस्वीर लेकर आए हैं, जो संसद के अंदर बैठे हैं।” इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई और सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

संसद परिसर में हुई राजनीतिक बातचीत

वायरल वीडियो के अनुसार, संसद के मकर द्वार के पास कई सांसद आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि वे उन नेताओं की तस्वीर लेकर आए हैं जिन्हें उन्होंने “गद्दार” बताया और दावा किया कि वे सांसद इस समय संसद के भीतर मौजूद हैं।

इसके बाद बातचीत का रुख कांग्रेस और टीएमसी के पुराने राजनीतिक संबंधों की ओर मुड़ गया। प्रियंका गांधी ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “कुछ लोग हमारे यहां से पहले आपके यहां गए और फिर बीजेपी चले गए।” उनके इस बयान के बाद वहां मौजूद अन्य नेताओं के बीच भी चर्चा शुरू हो गई।

कांग्रेस और टीएमसी के रिश्तों पर टिप्पणी

बातचीत के दौरान कल्याण बनर्जी ने कांग्रेस की पश्चिम बंगाल में राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का जनाधार काफी कमजोर हो चुका है और इसी कारण कुछ नेता कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए थे।

उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता कांग्रेस से टीएमसी में आए थे, वे कांग्रेस के टिकट पर कभी सांसद नहीं बने थे। इस दौरान निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बातचीत में हस्तक्षेप करते हुए कहा, “तो वो कांग्रेसी हैं ना।”

इस पर कल्याण बनर्जी ने जवाब दिया, “अरे, कांग्रेसी तो हम लोग भी थे।” यह टिप्पणी सुनकर वहां मौजूद नेताओं के बीच हल्का माहौल भी देखने को मिला।

ममता बनर्जी और कांग्रेस के पुराने संबंधों का भी हुआ जिक्र

बातचीत के दौरान कल्याण बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर का भी उल्लेख किया। उन्होंने प्रियंका गांधी से कहा कि कांग्रेस ने कभी ममता बनर्जी को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि उस समय परिस्थितियां अलग होतीं तो शायद पश्चिम बंगाल की राजनीति का स्वरूप भी अलग होता।

कल्याण बनर्जी ने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ममता बनर्जी का सम्मान करते थे और उन्हें स्नेह भी देते थे। उन्होंने बातचीत के दौरान यह भी उल्लेख किया कि समय के साथ कांग्रेस और वाम दलों के बीच राजनीतिक समीकरण बने, जबकि टीएमसी हमेशा से वामपंथी दलों के खिलाफ राजनीति करती रही है।

सोशल मीडिया पर वीडियो बना चर्चा का विषय

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, विभिन्न राजनीतिक समर्थकों और आम लोगों ने इसे अलग-अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने इसे नेताओं के बीच सामान्य राजनीतिक संवाद बताया, जबकि कुछ ने इसे पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ा महत्वपूर्ण संकेत माना।

हालांकि, वीडियो में की गई टिप्पणियों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। अभी तक इस बातचीत को लेकर किसी पक्ष की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति में दलबदल का मुद्दा

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में दलबदल एक बड़ा मुद्दा रहा है। विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों के दौरान कई नेताओं ने अलग-अलग दलों का दामन थामा। टीएमसी और भाजपा दोनों ही एक-दूसरे पर अपने नेताओं को तोड़ने के आरोप लगाते रहे हैं। वहीं कांग्रेस और वाम दल भी समय-समय पर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा में रहे हैं।

ऐसे में संसद परिसर में हुई यह बातचीत केवल हल्की राजनीतिक नोकझोंक तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।

संसद सत्र के दौरान बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

मानसून सत्र के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार तीखी बहस देखने को मिल रही है। संसद के भीतर होने वाली चर्चाओं के साथ-साथ परिसर में नेताओं की अनौपचारिक बातचीत भी अक्सर सुर्खियां बन जाती है।

इसी क्रम में कल्याण बनर्जी, प्रियंका गांधी और पप्पू यादव के बीच हुई यह बातचीत भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

संसद परिसर में हुई यह बातचीत एक बार फिर इस बात को दर्शाती है कि भारतीय राजनीति में पुराने राजनीतिक संबंध, दलबदल और क्षेत्रीय समीकरण आज भी चर्चा के प्रमुख विषय बने हुए हैं। कल्याण बनर्जी के “20 गद्दार सांसद” वाले बयान और प्रियंका गांधी के साथ हुई उनकी बातचीत ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यदि इस मुद्दे पर संबंधित दलों की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया आती है, तो यह मामला और अधिक राजनीतिक महत्व प्राप्त कर सकता है।

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