वृंदावन परिक्रमा मार्ग का होगा कायाकल्प, 100 करोड़ की परियोजना से श्रद्धालुओं को मिलेगी आधुनिक और सुरक्षित सुविधा

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

वृंदावन (मथुरा)। भगवान श्रीकृष्ण की लीला भूमि और ठाकुर श्री बांके बिहारी जी की नगरी वृंदावन में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिक्रमा मार्ग का व्यापक कायाकल्प किया जाएगा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (एमवीडीए) ने इस महत्वाकांक्षी अवस्थापना विकास योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी है। योजना के तहत परिक्रमा मार्ग को आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

परियोजना के अंतर्गत रमणरेती से निधिवन तक लगभग 3.30 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। साथ ही, अटल्ला चुंगी चौराहे पर लगभग 800 मीटर लंबा फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा। इन दोनों परियोजनाओं पर कुल लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

श्रद्धालुओं की सुविधा होगी प्राथमिकता

एमवीडीए की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि वृंदावन परिक्रमा मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु श्री बांके बिहारी जी के दर्शन के साथ परिक्रमा भी करते हैं। हालांकि, वर्तमान समय में वाहन, ई-रिक्शा और पैदल श्रद्धालुओं के एक ही मार्ग का उपयोग करने के कारण कई स्थानों पर जाम और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

इसी समस्या के समाधान के लिए नई योजना तैयार की गई है, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

पहले चरण में 20 करोड़ रुपये से होगा मार्ग का विकास

परियोजना के प्रथम चरण में रमणरेती से निधिवन तक लगभग 3.30 किलोमीटर लंबे परिक्रमा मार्ग का पुनर्विकास किया जाएगा। इस कार्य पर लगभग 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

योजना के अनुसार—

  • ई-रिक्शा और अन्य वाहनों के लिए अलग लेन बनाई जाएगी।
  • पैदल परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग सुरक्षित मार्ग विकसित होगा।
  • आधुनिक फुटपाथ और सुविधा जोन तैयार किए जाएंगे।
  • आरसीसी कवर ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा।
  • बिजली, संचार और अन्य यूटिलिटी सेवाओं को भूमिगत किया जाएगा।
  • मार्ग की सौंदर्यात्मक और तकनीकी गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा।

इन कार्यों से न केवल यातायात सुचारु होगा, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा भी बढ़ेगी।

अटल्ला चुंगी पर बनेगा 800 मीटर लंबा फ्लाईओवर

योजना के दूसरे चरण में अटल्ला चुंगी चौराहे पर लगभग 800 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

एमवीडीए के अनुसार, अटल्ला चुंगी वृंदावन का अत्यंत व्यस्त चौराहा है, जहां दिनभर भारी यातायात रहता है। फ्लाईओवर बनने के बाद वाहनों का आवागमन बाधारहित होगा, जबकि नीचे से श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के अपनी परिक्रमा पूरी कर सकेंगे। इससे ट्रैफिक जाम में भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।

बिजली और संचार सेवाएं होंगी भूमिगत

परियोजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह भी है कि परिक्रमा मार्ग पर मौजूद बिजली के तार, संचार लाइनें और अन्य सार्वजनिक उपयोगिताओं को भूमिगत किया जाएगा। इससे न केवल क्षेत्र का सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि सुरक्षा संबंधी जोखिम भी कम होंगे। साथ ही, भविष्य में रखरखाव का कार्य भी अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

मथुरा में भी स्वीकृत हुई दो बड़ी परियोजनाएं

एमवीडीए ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में मथुरा शहर के लिए भी दो महत्वपूर्ण अवस्थापना परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पहली परियोजना के तहत मछली फाटक से श्रीकृष्ण जन्मभूमि (गेट संख्या-03) तक लगभग 3.50 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 350 करोड़ रुपये है।

दूसरी परियोजना के अंतर्गत मसानी कट स्थित कल्याण करोति हॉस्पिटल से रामलीला मैदान होते हुए महाविद्या कॉलोनी स्थित सीएम ग्रिड लिंक रोड तक लगभग 1050 मीटर लंबा लिंक मार्ग, पार्किंग, बाउंड्री वॉल और अन्य जन सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वृंदावन और मथुरा में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। बेहतर सड़कें, सुगम यातायात, सुरक्षित पैदल मार्ग और आधुनिक सुविधाएं श्रद्धालुओं के अनुभव को और बेहतर बनाएंगी। इसके साथ ही स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन सेवाओं और छोटे व्यवसायों को भी इसका लाभ मिलने की संभावना है।

आस्था और आधुनिक सुविधाओं का होगा समन्वय

एमवीडीए का उद्देश्य धार्मिक महत्व को बनाए रखते हुए आधुनिक शहरी सुविधाओं का विकास करना है। इसलिए परियोजना में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि परिक्रमा की पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित एवं सहज अनुभव प्राप्त हो।

विकास के साथ संरक्षण पर भी रहेगा ध्यान

प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि विकास कार्यों के दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व का पूरा ध्यान रखा जाएगा। निर्माण कार्यों में ऐसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा जिससे क्षेत्र की मूल पहचान सुरक्षित रहे।

वृंदावन परिक्रमा मार्ग के पुनर्विकास की यह परियोजना श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस योजना में अलग-अलग परिक्रमा मार्ग, ई-रिक्शा लेन, भूमिगत यूटिलिटी सेवाएं और अटल्ला चुंगी फ्लाईओवर जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही मथुरा में एलिवेटेड रोड और लिंक रोड परियोजनाओं की स्वीकृति से पूरे धार्मिक क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

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