जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जुड़े जुनैद पर सियासत तेज, बीजेपी नेता बोले रोने का नाटक कर रहे हैं, पैसे का सोर्स बताएं
Digital UP News Desk
लखनऊ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन से जुड़े एक व्यक्ति को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आंदोलन के दौरान छात्रों को खाना उपलब्ध कराने वाले जुनैद चर्चा में आए थे। अब उनके मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी और विपक्ष के बीच बयानबाजी शुरू हो गई है।
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अमील शम्सी ने जुनैद के मामले पर सवाल उठाते हुए कई आरोप लगाए हैं। वहीं, जुनैद ने पहले पुलिस पूछताछ और परिवार को परेशान किए जाने का आरोप लगाया था। इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
छात्र आंदोलन में खाना पहुंचाने को लेकर चर्चा में आए जुनैद
जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव निवासी मोहम्मद जुनैद जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों को खाना उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा में आए थे।
बताया गया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद पुलिस ने उनसे और उनके परिवार से इस संबंध में पूछताछ की थी। जुनैद का आरोप था कि पुलिस उनसे यह जानकारी लेना चाहती थी कि छात्रों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए पैसा कहां से आया।
जुनैद ने इस मामले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की थी और कैमरे के सामने भावुक भी नजर आए थे।
बीजेपी नेता ने लगाए सवाल, फंडिंग को लेकर मांगा जवाब
बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अमील शम्सी ने जुनैद के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब स्पष्ट रूप से दिया जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि जुनैद से जब फंड के स्रोत को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे अलग मुद्दे से जोड़ दिया। अमील शम्सी ने कहा कि अगर किसी सामाजिक कार्य के लिए धन खर्च किया गया है तो उसके स्रोत की जानकारी सामने आनी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों पर जुनैद की ओर से अपनी स्थिति पहले ही स्पष्ट की जा चुकी है।
प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी के बीच बढ़ा विवाद
अमील शम्सी ने अपने बयान में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल छात्र आंदोलनों को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई आंदोलनों के दौरान इसी तरह की स्थितियां देखने को मिली हैं। वहीं, उन्होंने आगामी चुनावों को लेकर भी राजनीतिक टिप्पणी की और बीजेपी सरकार की वापसी का दावा किया।
दूसरी ओर, विपक्ष की ओर से इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए हैं।
अखिलेश यादव से भी मिले थे जुनैद
जुनैद ने इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात की थी। इसके बाद अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे और इसे सामाजिक सौहार्द से जोड़ते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी थी।
अखिलेश यादव की मुलाकात के बाद यह मामला और अधिक राजनीतिक चर्चा में आ गया।
वहीं, इससे पहले जुनैद ने छात्र आंदोलन से जुड़े संगठन के शीर्ष नेतृत्व से सहयोग नहीं मिलने की बात कही थी। हालांकि, बाद में उन्होंने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा कि आंदोलन से जुड़े लोग उनके साथ हैं।
पुलिस पूछताछ को लेकर उठे थे सवाल
जुनैद का कहना था कि पुलिस उनसे भोजन व्यवस्था के लिए खर्च किए गए पैसों के स्रोत के बारे में जानकारी मांग रही थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस प्रक्रिया के दौरान उनके परिवार को भी परेशान किया गया।
हालांकि, पुलिस की ओर से इस मामले में पूछताछ को सामान्य प्रक्रिया बताया गया है। पुलिस का उद्देश्य पूरे मामले से जुड़ी जानकारी जुटाना बताया गया।
जुनैद करते हैं मोबाइल रिपेयरिंग का काम
जानकारी के अनुसार, जुनैद पेशे से मोबाइल रिपेयरिंग का काम करते हैं। जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों की मदद करने के कारण वह चर्चा में आए।
सोशल मीडिया और राजनीतिक बयानों के कारण यह मामला अब व्यापक बहस का विषय बन गया है।
छात्र आंदोलनों में बाहरी सहयोग को लेकर चर्चा
किसी भी बड़े आंदोलन के दौरान अक्सर यह सवाल उठता है कि आयोजन में आर्थिक और अन्य प्रकार की सहायता कहां से मिल रही है। इसी वजह से प्रशासन भी कई बार आंदोलन से जुड़े लोगों से जानकारी जुटाता है।
वहीं, सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों का कहना है कि मदद करने वाले लोगों को बिना आधार के सवालों के घेरे में नहीं रखा जाना चाहिए। इस मामले में भी दोनों पक्षों की अलग-अलग राय सामने आ रही है।
बीजेपी नेता ने फंड और आंदोलन से जुड़े सवाल उठाए
जंतर-मंतर छात्र आंदोलन से जुड़े जुनैद को लेकर अब राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। जहां बीजेपी नेता ने फंड और आंदोलन से जुड़े सवाल उठाए हैं, वहीं जुनैद ने पुलिस पूछताछ को लेकर अपनी आपत्ति जताई थी।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी और सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बना हुआ है। आने वाले समय में इस मामले को लेकर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।

