मथुरा के राया में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर हुआ आयोजित, 50 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह, रक्तवीरों का हुआ सम्मान

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: रक्तदान को जीवनदान का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है। एक यूनिट रक्त किसी गंभीर मरीज के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसी उद्देश्य को लेकर मथुरा जनपद के राया कस्बे में बुधवार को श्री रामलीला कमेटी राया के तत्वावधान तथा रक्तदाता फाउंडेशन के सहयोग से एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रामलीला मैदान में आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं, समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। कार्यक्रम के दौरान रक्तदाताओं को सम्मानित कर समाज में रक्तदान के प्रति सकारात्मक संदेश भी दिया गया।

शिविर का शुभारंभ नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया (एनयूजेआई) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट तथा राया नगर पंचायत के चेयरमैन राजकुमार (राजू) अग्रवाल ने गिरिराज महाराज के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद अतिथियों ने रक्तदान शिविर का निरीक्षण किया और रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया।

रक्तदान को बताया सबसे बड़ा सामाजिक दान

मुख्य अतिथि डॉ. कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने अपने संबोधन में कहा कि “रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता।” उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति यदि नियमित रूप से वर्ष में दो बार रक्तदान करे, तो अनेक जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसलिए अस्पतालों में मरीजों की आवश्यकता केवल स्वैच्छिक रक्तदाताओं के माध्यम से ही पूरी होती है। उन्होंने राया जैसे कस्बे में बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह समाज में बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।

डॉ. उपमन्यु ने कहा कि रक्तदान केवल सामाजिक सेवा नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने युवाओं से नियमित रक्तदान करने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

50 से अधिक यूनिट रक्त का हुआ संग्रह

कार्यक्रम के दौरान श्री रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक पाराशर, रक्तदाता फाउंडेशन के अमित गोयल तथा ब्रजवासी चैरिटेबल ब्लड सेंटर के प्रभारी शुभम अग्रवाल ने बताया कि शिविर में 50 से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

उन्होंने जानकारी दी कि शिविर में एकत्रित रक्त को मसानी स्थित ब्रजवासी चैरिटेबल ब्लड सेंटर के माध्यम से सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपलब्ध कराया जा सके।

आयोजकों ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे रक्तदान शिविरों का आयोजन नियमित रूप से किया जाएगा, जिससे जिले में रक्त की उपलब्धता बनी रहे और किसी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।

गंभीर मरीजों के लिए रक्तदान की उपयोगिता

कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. अंकुर गोयल ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक स्वस्थ व्यक्ति का रक्त अनेक गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होता है।

उन्होंने बताया कि थैलेसीमिया, डायलिसिस और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को समय-समय पर रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे मरीजों की नियमित चिकित्सा तभी संभव है, जब समाज में पर्याप्त संख्या में स्वैच्छिक रक्तदाता उपलब्ध हों।

उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सकीय मानकों के अनुसार किया गया रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है और इससे रक्तदाता के स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। बल्कि निर्धारित अवधि के बाद शरीर पुनः रक्त का निर्माण कर लेता है।

रक्तवीरों का किया गया सम्मान

रक्तदान शिविर में भाग लेने वाले सभी रक्तदाताओं का आयोजन समिति की ओर से सम्मान किया गया। प्रत्येक रक्तदाता को स्मृति चिन्ह तथा प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके सामाजिक योगदान की सराहना की गई।

आयोजकों ने कहा कि रक्तदान करने वाले लोग समाज के लिए प्रेरणा हैं। ऐसे सम्मान कार्यक्रम अन्य लोगों को भी इस पुनीत कार्य से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से रक्तवीरों का अभिनंदन किया।

युवाओं ने बढ़-चढ़कर निभाई सामाजिक जिम्मेदारी

शिविर में बड़ी संख्या में युवाओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इनमें अमित शर्मा, विकास अग्रवाल, दिनेश कुमार, भगवान सैनी, राहुल, गौरव, विष्णु, नितिन, प्रांजुल गोयल, पवन सहित कई अन्य रक्तवीर शामिल रहे।

रक्तदाताओं ने कहा कि रक्तदान करके उन्हें आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है। उनका मानना है कि यदि उनके द्वारा दिया गया रक्त किसी मरीज के जीवन को बचा सकता है, तो इससे बड़ा कोई सामाजिक योगदान नहीं हो सकता।

समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम

विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित रक्तदान शिविर केवल रक्त संग्रह का माध्यम नहीं होते, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी महत्वपूर्ण मंच बनते हैं। ऐसे आयोजनों से लोगों की भ्रांतियां दूर होती हैं और वे वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर रक्तदान के लिए आगे आते हैं।

राया में आयोजित यह शिविर भी इसी दिशा में एक सफल प्रयास साबित हुआ। कार्यक्रम के दौरान लोगों को रक्तदान से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं की जानकारी दी गई तथा उन्हें नियमित अंतराल पर रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया गया।

सामाजिक संस्थाओं की भूमिका रही महत्वपूर्ण

इस आयोजन को सफल बनाने में श्री रामलीला कमेटी राया, रक्तदाता फाउंडेशन और ब्रजवासी चैरिटेबल ब्लड सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन संस्थाओं ने मिलकर न केवल रक्तदान शिविर का सफल संचालन किया, बल्कि लोगों को मानव सेवा के इस अभियान से जोड़ने का भी सराहनीय कार्य किया।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं।

अनेक गणमान्य लोग रहे उपस्थित

रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में सामाजिक, धार्मिक एवं सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग उपस्थित रहे। इनमें डॉ. अशोक अग्रवाल, प्रतुल गंगल, भूपेश अग्रवाल, सभासद सरवन अहमद, नरेश रावत, सुधीर व्यास, पुनीत चौबे, आकाश शर्मा, रोहित अग्रवाल, निखिल कंसल, गौरव सैनी, रविकांत वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

सभी ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए समाज के अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की।

मानव सेवा का प्रेरणादायी संदेश

राया में आयोजित यह स्वैच्छिक रक्तदान शिविर केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मानवता और सेवा भाव का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि रक्तदान एक ऐसा दान है, जिसका लाभ सीधे किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को मिलता है।

यदि समाज का प्रत्येक स्वस्थ नागरिक समय-समय पर स्वेच्छा से रक्तदान करे, तो अस्पतालों में रक्त की कमी की समस्या काफी हद तक दूर की जा सकती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी नियमित रक्तदान को समाज और मानवता दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक मानते हैं।

इस सफल आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि सामूहिक प्रयास, सामाजिक जागरूकता और सेवा भावना के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। राया का यह रक्तदान शिविर निश्चित रूप से अन्य संस्थाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।