हमीरपुर में आयोजित हुआ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह: पढ़िए कितने जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न किया गया विवाह
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
हमीरपुर: उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल के रूप में लगातार प्रभावी साबित हो रही है। इसी क्रम में हमीरपुर जिले में बुधवार को राजकीय डिग्री कॉलेज, कुछेछा परिसर में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस आयोजन में जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए 160 जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया।
पूरे समारोह में धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया। नवविवाहित जोड़ों के साथ उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी और उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया। जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहतकारी योजना
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य उन परिवारों को सहायता प्रदान करना है, जो आर्थिक कारणों से अपने बच्चों का विवाह कराने में कठिनाई महसूस करते हैं। इस योजना के माध्यम से सरकार न केवल आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराती है, बल्कि विवाह को सामाजिक गरिमा और सम्मान के साथ संपन्न कराने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करती है।
हमीरपुर में आयोजित इस समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही यह योजना सामाजिक समरसता और सामूहिक सहभागिता को भी मजबूत करती है।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ विवाह
राजकीय डिग्री कॉलेज, कुछेछा परिसर में बनाए गए भव्य मंडप में सभी 160 जोड़ों का विवाह विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कराया गया। विवाह संस्कार के दौरान पंडितों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए।
नवदंपतियों ने सात फेरे लेकर एक-दूसरे के साथ जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। विवाह के दौरान मौजूद परिजनों ने भी इस ऐतिहासिक पल को भावनात्मक और आनंदमय वातावरण में देखा।
जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को दिया आशीर्वाद
समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की कामना की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समानता, पारिवारिक मूल्यों और सामूहिक सहभागिता को भी बढ़ावा देती है। ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं।
योजना से बढ़ रही सामाजिक समरसता
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक भेदभाव को कम करने और समाज में समानता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा ऐसे आयोजनों से अनावश्यक विवाह खर्चों में कमी आती है तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवार सम्मानपूर्वक अपने बच्चों का विवाह संपन्न करा पाते हैं।
प्रशासन ने सुनिश्चित की बेहतर व्यवस्थाएं
समारोह के दौरान जिला प्रशासन ने सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा, भोजन, बैठने की व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रबंध किया था। सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं, जिससे नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ तथा प्रशासन की तैयारियों की भी सराहना की गई।
इन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति
समारोह में सदर विधायक मनोज प्रजापति, मुख्य विकास अधिकारी अरुण कुमार सिंह, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार राघवेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल, खंड विकास अधिकारी सुमेरपुर श्वेता तिवारी, खंड विकास अधिकारी कुरारा ज्ञान प्रकाश, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव कुमार सिंह सहित कई प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इसके अलावा ब्रज किशोर गुप्ता भी विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
सफल संचालन और उत्साहपूर्ण माहौल
कार्यक्रम का संचालन सर्वेश द्विवेदी और ज्ञानेंद्र द्विवेदी ने किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और गरिमा बनाए रखी गई।
नवविवाहित जोड़ों तथा उनके परिवारों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विवाह संपन्न होने के बाद सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और नवदंपतियों के सुखद भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य
उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देना है। इस योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को निर्धारित वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिससे विवाह सम्मानजनक तरीके से संपन्न हो सके।
इसके साथ ही योजना का लक्ष्य सामाजिक कुरीतियों को कम करना, विवाह में अनावश्यक खर्च को रोकना और समाज में समान अवसर उपलब्ध कराना भी है।
समाज के लिए सकारात्मक संदेश
हमीरपुर में आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक एकता, सहयोग और समरसता का प्रतीक बनकर सामने आया। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजन न केवल जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक राहत देते हैं, बल्कि समाज में सहयोग और भाईचारे की भावना भी मजबूत करते हैं।
हमीरपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आयोजित समारोह में 160 जोड़ों का विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सुव्यवस्थित आयोजन और प्रशासन की बेहतर तैयारियों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सामाजिक सुरक्षा और सम्मान का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रही है।

