आजमगढ़ में वारंटियों पर पुलिस का शिकंजा: फूलपुर थाना पुलिस ने विशेष अभियान में 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में न्यायालय से जारी वारंटों के प्रभावी अनुपालन और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस लगातार विशेष अभियान चला रही है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर फूलपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न न्यायालयों से जारी वारंटों के आधार पर पांच वारंटियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद संबंधित न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई न्यायालय के आदेशों के अनुपालन और फरार अथवा वांछित वारंटियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। अभियान का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी बनाना तथा कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत करना है।

एसएसपी के निर्देश पर चला विशेष अभियान

आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार द्वारा जिले के सभी थाना प्रभारियों को न्यायालय से जारी वारंटों के समयबद्ध अनुपालन के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत 29 जुलाई को फूलपुर थाना क्षेत्र में प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया।

पुलिस टीम ने पूर्व से चिन्हित वारंटियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और न्यायालय द्वारा जारी वारंटों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया। अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।

एएससी/एसटी कोर्ट के वारंट पर तीन गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, माननीय विशेष न्यायालय एएससी/एसटी कोर्ट, आजमगढ़ से जारी वारंट के अनुपालन में ग्राम टेऊँगा निवासी तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

इनमें रामनाथ नोना चमार, दुल्ली नोना चमार और वीरेन्द्र कुमार नोना चमार शामिल हैं। पुलिस ने सभी को उनके विरुद्ध जारी न्यायालयी वारंट के आधार पर हिरासत में लिया।

गिरफ्तारी के बाद नियमानुसार आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

ACJM कोर्ट के वारंट पर दो अन्य आरोपी गिरफ्तार

इसी अभियान के दौरान माननीय ACJM कोर्ट संख्या-11, आजमगढ़ से जारी वारंट के अनुपालन में दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।

इनकी पहचान जयचन्द पुत्र फूलचन्द, निवासी कनेरी मिट्टा का पुर, तथा सुरेन्द्र कुमार मौर्य पुत्र रामधीन मौर्य, निवासी कस्बा फूलपुर के रूप में हुई।

पुलिस ने दोनों को उनके घर के बाहर से गिरफ्तार किया और आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश कर दिया।

मानवाधिकार और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन

फूलपुर थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया गया।

पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी तरह विधिसम्मत और पारदर्शी तरीके से अपनाई गई, ताकि किसी भी व्यक्ति के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन न हो।

आरोपियों ने न्यायालय में पक्ष रखने की कही बात

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार सभी व्यक्तियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे अपना पक्ष संबंधित न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।

यह ध्यान देने योग्य है कि किसी भी आपराधिक मामले में अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही लिया जाता है।

वारंटियों की गिरफ्तारी क्यों होती है महत्वपूर्ण?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जब कोई व्यक्ति न्यायालय द्वारा जारी समन या आदेश का पालन नहीं करता अथवा न्यायालय में निर्धारित तिथि पर उपस्थित नहीं होता, तो न्यायालय उसके विरुद्ध वारंट जारी कर सकता है।

ऐसे मामलों में पुलिस का दायित्व होता है कि वह न्यायालय के आदेश का पालन कर संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत करे। इससे न्यायिक प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित होती है।

जिले में लगातार चल रहा अभियान

आजमगढ़ पुलिस का कहना है कि जिले में फरार आरोपियों, वारंटियों और वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

इसके अलावा अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और न्यायालय के आदेशों के प्रभावी अनुपालन के लिए नियमित रूप से विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध न्यायालय से कोई समन या वारंट जारी हुआ है तो वह समय पर न्यायालय में उपस्थित होकर कानूनी प्रक्रिया का पालन करे। इससे अनावश्यक कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।

आजमगढ़ के फूलपुर थाना क्षेत्र में विशेष अभियान के तहत पुलिस ने न्यायालय से जारी वारंटों के आधार पर पांच वारंटियों को गिरफ्तार कर संबंधित अदालत में पेश किया। पुलिस ने बताया कि पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट और मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइंस के अनुरूप की गई। अधिकारियों का कहना है कि जिले में न्यायालयी वारंटों के अनुपालन और अपराध नियंत्रण के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

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