कानपुर में SBI की नई पहल: सरकारी मान्यता प्राप्त स्कूल में आधुनिक कंप्यूटर लैब का शुभारंभ, 450 छात्रों को मिलेगा डिजिटल शिक्षा का लाभ
रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित
कानपुर: डिजिटल युग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देने की दिशा में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने कानपुर में एक महत्वपूर्ण पहल की है। बैंक ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) योजना के तहत एक सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालय में आधुनिक कंप्यूटर कक्ष (Computer Lab) का शुभारंभ किया। इस नई कंप्यूटर लैब में 40 आधुनिक कंप्यूटर स्थापित किए गए हैं, जिनसे विद्यालय के लगभग 450 विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा और कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
विद्यालय परिसर में आयोजित उद्घाटन समारोह में भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज ने फीता काटकर कंप्यूटर लैब का उद्घाटन किया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं तथा बैंक के अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को डिजिटल शिक्षा के महत्व, साइबर सुरक्षा और भविष्य में तकनीकी दक्षता की आवश्यकता के बारे में भी जानकारी दी गई।
डिजिटल शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
आज के समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। स्कूलों में पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ डिजिटल माध्यमों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक कंप्यूटर लैब विद्यार्थियों के लिए न केवल तकनीकी ज्ञान का माध्यम बनेगी, बल्कि उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धी दुनिया के लिए भी तैयार करेगी।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि कंप्यूटर शिक्षा अब केवल एक अतिरिक्त विषय नहीं रह गई है, बल्कि लगभग हर क्षेत्र में इसकी आवश्यकता महसूस की जाती है। इसलिए छात्रों को शुरुआती स्तर से ही कंप्यूटर संचालन, इंटरनेट उपयोग और डिजिटल तकनीकों की जानकारी देना समय की आवश्यकता है।
450 विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
विद्यालय में स्थापित इस नई कंप्यूटर लैब में 40 कंप्यूटर लगाए गए हैं। इन कंप्यूटरों की मदद से करीब 450 छात्र-छात्राएं नियमित रूप से कंप्यूटर शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, छात्रों को बेसिक कंप्यूटर ज्ञान के साथ-साथ टाइपिंग, ऑफिस एप्लिकेशन, इंटरनेट उपयोग, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और अन्य तकनीकी विषयों की जानकारी भी दी जाएगी। इससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
स्कूल प्रबंधक ने बताया डिजिटल शिक्षा का महत्व
विद्यालय की प्रबंधक पल्लवी मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय पूरी तरह तकनीक आधारित हो चुका है। उन्होंने बताया कि आज लगभग हर सरकारी और निजी क्षेत्र में कंप्यूटर का उपयोग अनिवार्य हो गया है। ऐसे में यदि विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही आधुनिक तकनीक की जानकारी दी जाए तो उनका भविष्य अधिक सुरक्षित और बेहतर बन सकता है।
उन्होंने कहा कि इस कंप्यूटर लैब के माध्यम से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण डिजिटल शिक्षा मिलेगी और वे नई तकनीकों को बेहतर ढंग से सीख सकेंगे। साथ ही यह पहल बैंक की CSR योजना के तहत शिक्षा को प्रोत्साहित करने का सराहनीय प्रयास है।
SBI अधिकारियों ने छात्रों को दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज ने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और डिजिटल साक्षरता प्रत्येक छात्र के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने छात्रों से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करने की अपील करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक का सकारात्मक उपयोग उन्हें भविष्य में बेहतर अवसर प्रदान करेगा।
साइबर फ्रॉड को लेकर किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान दीपेश राज ने साइबर सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहना भी आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी बातें लोगों को डराकर ठगी करने के तरीके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन लिंक पर बिना पुष्टि के भरोसा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक समय-समय पर साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहता है, ताकि लोग ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सकें।
CSR के माध्यम से शिक्षा को मिल रहा बढ़ावा
भारतीय स्टेट बैंक देशभर में अपनी CSR गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाएं संचालित करता है।
विद्यालय में कंप्यूटर लैब की स्थापना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना और उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है।
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विद्यालय स्तर पर ही छात्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ दिया जाए, तो वे उच्च शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
इसके अलावा डिजिटल शिक्षा से विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और तकनीकी समझ भी विकसित होती है, जो भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप है।
विद्यार्थियों में दिखा उत्साह
कंप्यूटर लैब के उद्घाटन के बाद छात्रों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विद्यार्थियों ने नई कंप्यूटर लैब का अवलोकन किया और इसे अपनी पढ़ाई के लिए उपयोगी बताया।
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि आने वाले समय में कंप्यूटर शिक्षा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
कानपुर में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा CSR के तहत स्थापित आधुनिक कंप्यूटर लैब शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल है। 40 कंप्यूटरों से सुसज्जित इस लैब का लाभ लगभग 450 विद्यार्थियों को मिलेगा। साथ ही साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता पर दिया गया संदेश विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए भी उपयोगी साबित होगा। यह पहल डिजिटल इंडिया और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।

