ऑनलाइन गेम के कर्ज ने बनाया अपराधी: किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, ये गिरफ्तार

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में ऑनलाइन गेम की लत और उससे जुड़े आर्थिक नुकसान का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। महराजगंज थाना पुलिस ने किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां किराये पर लेकर उन्हें बेचने वाले एक गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन गेम में हुए भारी कर्ज को चुकाने के लिए यह पूरी साजिश रची थी। पुलिस ने उनके कब्जे और निशानदेही पर तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां भी बरामद कर ली हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।

किसानों की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

महराजगंज थाना क्षेत्र के ग्राम नौबरार देवारा जदीद निवासी गुलाब यादव, उषा देवी, जौहर यादव और प्रवेश चौहान ने पुलिस को अलग-अलग शिकायतें दी थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि गांव के ही एक व्यक्ति ने उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां किराये पर लेने के बहाने अपने कब्जे में ले लीं, लेकिन तय समय पर वापस नहीं लौटाईं।

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि ट्रॉली वापस मांगने पर उन्हें टालमटोल किया गया और बाद में गाली-गलौज तथा धमकी भी दी गई। इसके बाद पीड़ितों ने पुलिस की शरण ली।

चार मुकदमे दर्ज कर शुरू की गई कार्रवाई

शिकायतों के आधार पर महराजगंज थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने साक्ष्य जुटाने, आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखने और संभावित ठिकानों की पहचान करने का काम शुरू किया।

इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से जांच को आगे बढ़ाया।

गोवर्धन ढाला के पास हुई गिरफ्तारी

29 जुलाई को थानाध्यक्ष जयप्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गोवर्धन ढाला क्षेत्र में घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुनील यादव पुत्र सुभाष यादव तथा उपेन्द्र यादव पुत्र रामजीत यादव, निवासी ग्राम नौबरार देवारा जदीद, थाना महराजगंज के रूप में हुई।

पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की, जिसके बाद मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।

निशानदेही पर बरामद हुई तीन ट्रॉलियां

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उन्होंने किसानों से ली गई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बेच दिया था।

उनकी निशानदेही पर पुलिस ने ग्राम नैनीजोर (थाना रौनापार) और ग्राम प्रतापपुर (थाना महराजगंज) से कुल तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बरामद कर लीं।

पुलिस का कहना है कि बरामदगी के बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है ताकि ट्रॉलियां उनके वास्तविक मालिकों को नियमानुसार वापस सौंपी जा सकें।

ऑनलाइन गेम में कर्ज का दावा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे AVITOR नामक ऑनलाइन गेम खेलते थे और खेल के दौरान उन पर भारी आर्थिक कर्ज हो गया था।

आरोपियों का कथित कहना है कि कर्ज चुकाने के लिए उन्होंने किसानों से लगभग 15,000 रुपये प्रतिमाह किराये पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां लीं। इसके बाद घरेलू जरूरत और अन्य कारणों का बहाना बनाकर ट्रॉलियों को बेच दिया तथा प्राप्त धनराशि का उपयोग कर्ज चुकाने में किया।

हालांकि पुलिस इन बयानों की भी जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा रही है।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि चोरी या धोखाधड़ी से बेची गई ट्रॉलियों को खरीदने वाले लोगों की भूमिका क्या थी और क्या उन्हें ट्रॉलियों की वास्तविक स्थिति की जानकारी थी।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन और क्षेत्राधिकारी सगड़ी के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। अभियान में थाना महराजगंज की पुलिस टीम के साथ उपनिरीक्षक सुधीर पाण्डेय, उपनिरीक्षक अवधेश कुमार यादव तथा अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

ऑनलाइन गेमिंग और आर्थिक जोखिम

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑनलाइन गेमिंग या किसी भी प्रकार की वित्तीय गतिविधि में अत्यधिक धन लगाना गंभीर आर्थिक संकट का कारण बन सकता है। यदि कोई व्यक्ति आर्थिक नुकसान का सामना करता है, तो उसका समाधान कानून का पालन करते हुए वैध तरीकों से ही किया जाना चाहिए।

किसी भी परिस्थिति में धोखाधड़ी, विश्वासघात या संपत्ति से जुड़े अपराध कानूनन दंडनीय हैं।

पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे अपनी कृषि मशीनरी, वाहन या अन्य मूल्यवान सामान किराये पर दें, तो संबंधित व्यक्ति की पहचान, आवश्यक दस्तावेज और लिखित अनुबंध अवश्य तैयार करें। इससे भविष्य में किसी विवाद या धोखाधड़ी की स्थिति में कानूनी कार्रवाई आसान हो सकती है।

आजमगढ़ के महराजगंज थाना क्षेत्र में किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां किराये पर लेकर बेचने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन ट्रॉलियां बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में ऑनलाइन गेम में हुए कर्ज को इस कथित अपराध का कारण बताया है। मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। यह घटना आर्थिक जोखिम और ऑनलाइन गेमिंग के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।

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