पढ़िए मथुरा बड़ी मंडी में आज का भाव: दालों में हल्की तेजी, सूखे मेवों और फलों की मांग बढ़ी, अनाज के दाम स्थिर
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
मथुरा: मथुरा की बड़ी मंडी में बुधवार को थोक कारोबार सामान्य दिनों की तुलना में अधिक सक्रिय दिखाई दिया। सावन, रक्षाबंधन और आगामी त्योहारी सीजन की तैयारियों के बीच किराना, दालों, सूखे मेवों और फलों की खरीदारी में धीरे-धीरे तेजी देखी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है। हालांकि, अधिकांश प्रमुख अनाजों के भाव अभी भी स्थिर बने हुए हैं, जबकि अरहर और उड़द दाल के दामों में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
व्यापारियों के अनुसार फिलहाल मंडी में खाद्यान्न और किराना वस्तुओं की पर्याप्त आवक बनी हुई है। इसलिए आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सामान्य है और किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। वहीं, त्योहारी मांग बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में कुछ उत्पादों के दामों में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
सावन और त्योहारी सीजन से बाजार में बढ़ी रौनक
जुलाई माह के साथ ही सावन का धार्मिक माहौल शुरू होने वाला है। इसके बाद रक्षाबंधन और अन्य पर्व भी नजदीक हैं। ऐसे में थोक बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ने लगी हैं।
व्यापारियों का कहना है कि किराना दुकानदार और खुदरा विक्रेता पहले से ही आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक बढ़ाना शुरू कर रहे हैं। विशेष रूप से दालें, सूखे मेवे, मसाले और फलों की खरीदारी में पहले की तुलना में बेहतर रुझान देखने को मिल रहा है।
दालों में दर्ज हुई हल्की तेजी
बुधवार को बड़ी मंडी में अरहर और उड़द दाल के दामों में हल्की मजबूती दर्ज की गई। व्यापारियों के अनुसार मांग बढ़ने और बाजार की सामान्य गतिविधियों के चलते इन दोनों दालों के भाव में सीमित वृद्धि देखी गई है।
हालांकि मूंग, चना और मसूर दाल के दामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया। व्यापारियों का मानना है कि यदि आवक सामान्य बनी रहती है, तो निकट भविष्य में दालों के दामों में बहुत अधिक उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है।
दालों के प्रमुख थोक भाव (प्रति क्विंटल)
- अरहर दाल: 10,100–10,400
- उड़द दाल: 9,700–10,000
- मूंग दाल: 8,500–8,800
- चना दाल: 6,450–6,600
- मसूर दाल: 6,000–6,200
गेहूं, चावल और अन्य अनाजों के भाव स्थिर
मंडी में गेहूं, चावल, जौ, बाजरा और मक्का सहित अधिकांश प्रमुख अनाजों के भाव स्थिर बने हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि पर्याप्त आवक और संतुलित मांग के कारण फिलहाल इन वस्तुओं के दामों में उल्लेखनीय बदलाव नहीं हुआ है।
यदि मौसम सामान्य रहता है और आपूर्ति प्रभावित नहीं होती, तो आने वाले कुछ समय तक अनाज के दाम स्थिर रहने की संभावना जताई जा रही है।
प्रमुख अनाजों के थोक भाव (प्रति क्विंटल)
- गेहूं: 2,450–2,500
- सामान्य चावल: 4,300–4,600
- बासमती चावल: 7,500–9,500
- जौ: 2,400–2,450
- बाजरा: 2,350–2,800
- मक्का: 1,900–2,000
सूखे मेवों की मांग में धीरे-धीरे बढ़ोतरी
त्योहारी सीजन की तैयारियों के चलते सूखे मेवों की खरीदारी में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल मांग सामान्य स्तर से बेहतर है और आगामी सप्ताहों में इसमें और वृद्धि हो सकती है।
हालांकि वर्तमान में अधिकांश सूखे मेवों के दाम स्थिर हैं, लेकिन मांग बढ़ने पर इनमें सीमित वृद्धि संभव बताई जा रही है।
सूखे मेवों के थोक भाव (प्रति किलोग्राम)
- बादाम: 700–900
- काजू: 850–1,100
- पिस्ता: 1,000–1,300
- अखरोट: 900–1,200
- किशमिश: 220–350
- छुहारा: 180–300
- अंजीर: 700–1,000
फलों की खरीदारी में भी दिखा उत्साह
फल मंडी में भी ग्राहकों की संख्या पहले की तुलना में बढ़ी है। मौसमी फलों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण कीमतें संतुलित बनी हुई हैं। व्यापारियों का कहना है कि आम, केला, सेब, अनार, पपीता और मौसंबी की मांग लगातार बनी हुई है।
यदि मौसम अनुकूल रहा और आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई, तो अधिकांश फलों के दाम निकट भविष्य में स्थिर बने रह सकते हैं।
फलों के प्रमुख थोक भाव (प्रति किलोग्राम)
- सेब: 70–150
- केला: 20–35
- आम: 35–70
- अनार: 60–120
- पपीता: 30–45
- मौसंबी: 30–45
- अंगूर: 60–80
पर्याप्त आवक से बाजार में बनी हुई है स्थिरता
व्यापारियों के अनुसार अधिकांश खाद्यान्न, दालें और फल विभिन्न राज्यों से नियमित रूप से मंडी पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि बाजार में किसी वस्तु की उपलब्धता को लेकर फिलहाल कोई विशेष चिंता नहीं है।
उनका कहना है कि पर्याप्त आपूर्ति होने से कीमतों पर भी नियंत्रण बना हुआ है। हालांकि यदि आगामी दिनों में मांग तेजी से बढ़ती है, तो कुछ वस्तुओं में हल्का मूल्य परिवर्तन संभव है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन से पहले थोक बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां बढ़ना सामान्य प्रक्रिया है। यदि आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बना रहता है, तो कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की संभावना कम रहती है।
उन्होंने यह भी कहा कि मौसम, परिवहन व्यवस्था और कृषि उत्पादन जैसे कारक आने वाले समय में बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
मथुरा की बड़ी मंडी में 1 जुलाई को थोक कारोबार में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। दालों में हल्की तेजी, सूखे मेवों और फलों की बढ़ती मांग तथा अनाज के स्थिर भाव बाजार में संतुलित स्थिति का संकेत दे रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि सावन और आगामी त्योहारों के चलते आने वाले दिनों में व्यापारिक गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। हालांकि वर्तमान में अधिकांश आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है और प्रमुख अनाजों के दाम स्थिर हैं।

