मानसून से निपटने के लिए ताल ठोक चुका है NHAI: कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर जलभराव रोकने का कार्य है जारी – पढ़िए क्या बोल रहे जिम्मेदार?

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रिपोर्ट – कृष्णा शर्मा 

कानपुर: मानसून के आगमन से पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और त्रिवेणी संगम हाइवे प्राइवेट लिमिटेड ने हाईवे पर संभावित जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। हर वर्ष बारिश के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों में जलभराव होने से वाहन चालकों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसे देखते हुए इस बार एनएचएआई ने पहले से ही जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने, संवेदनशील स्थानों की पहचान करने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

जनपद कानपुर में चकेरी से प्रयागराज होते हुए पोखराज तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर एनएचएआई की सक्रियता साफ दिखाई दे रही है। विभागीय टीमें लगातार सड़क किनारे जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और संभावित जलभराव वाले स्थानों पर सुधार कार्यों में जुटी हुई हैं।

इस वर्ष मानसून से पहले शुरू हुआ व्यापक अभियान

बारिश के मौसम में सड़क पर पानी भरने से यातायात प्रभावित होने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा पर भी असर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने मानसून शुरू होने से पहले ही व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है।

इस मार्ग के जिम्मेदार अधिकारियों के अनुसार, हाईवे के किनारों पर जल निकासी को बेहतर बनाने, नालियों की सफाई कराने और संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा जहां आवश्यकता महसूस की गई है, वहां मरम्मत और समतलीकरण का कार्य भी कराया जा रहा है।

जल निकासी व्यवस्था को बनाया जा रहा मजबूत

एनएचएआई की प्राथमिकता इस बार जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाना है। विभागीय टीमों द्वारा सड़क किनारे बने ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण किया जा रहा है ताकि वर्षा का पानी तेजी से निकल सके और सड़क पर जमा न हो।

विशेष रूप से उन स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है जहां पिछले वर्षों में जलभराव की शिकायतें सामने आई थीं। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते सुधार कार्य पूरे होने से बारिश के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।

मिक्स कोल मटेरियल से किया जा रहा सुधार कार्य

एनएचएआई द्वारा हाईवे के किनारों को मजबूत बनाने के लिए मिक्स कोल मटेरियल का उपयोग किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि इससे सड़क के किनारों की मजबूती बढ़ेगी और बारिश के दौरान मिट्टी के कटाव तथा जलभराव की संभावना कम होगी।

इसके साथ ही जहां सड़क के किनारे धंसाव या क्षति की आशंका है, वहां भी आवश्यक मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं ताकि मानसून के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

वाहन चालकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

एनएचएआई का कहना है कि इस अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से फिसलन, दृश्यता में कमी और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

इसी कारण सड़क की सतह, जल निकासी और संवेदनशील स्थानों की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही संबंधित टीमों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

परियोजना अधिकारी ने जताया भरोसा

त्रिवेणी संगम हाइवे प्राइवेट लिमिटेड के परियोजना अधिकारी राकेश भारद्वाज ने बताया कि विभाग मानसून को लेकर पूरी तरह तैयार है। उनके अनुसार, जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने और आवश्यक तकनीकी सुधार करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि इस वर्ष मानसून के दौरान हाईवे पर जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, मौसम की तीव्रता और वर्षा की मात्रा जैसे प्राकृतिक कारक भी स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।

पहली तेज बारिश में होगी तैयारियों की वास्तविक परीक्षा

हालांकि एनएचएआई ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी करने का दावा किया है, लेकिन इन प्रयासों की वास्तविक प्रभावशीलता मानसून की पहली तेज बारिश के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

यदि जल निकासी व्यवस्था अपेक्षित रूप से कार्य करती है, तो इससे न केवल वाहन चालकों को राहत मिलेगी बल्कि यातायात भी सुचारु बना रहेगा। वहीं, यदि किसी स्थान पर समस्या सामने आती है, तो विभाग को तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करनी होगी।

विशेषज्ञ भी मानते हैं समय से तैयारी है बहुत जरूरी

सड़क अवसंरचना से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था की समीक्षा और मरम्मत कार्य करना अत्यंत आवश्यक होता है। इससे सड़क की गुणवत्ता बनाए रखने के साथ-साथ दुर्घटनाओं की संभावना भी कम की जा सकती है।

इसके अलावा नियमित निरीक्षण और समय पर रखरखाव से राजमार्गों की उपयोगिता और सुरक्षा दोनों में सुधार होता है।

नागरिकों से भी सावधानी बरतने की अपील

सड़क अवसंरचना विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के मौसम में वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। तेज वर्षा के दौरान निर्धारित गति सीमा का पालन करना, सुरक्षित दूरी बनाए रखना और मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करना सड़क सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

यदि किसी स्थान पर जलभराव दिखाई दे, तो वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाना चाहिए और प्रशासन द्वारा जारी यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करना चाहिए।

मानसून के आगमन से पहले कानपुर से प्रयागराज और पुखरायां तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर एनएचएआई द्वारा जलभराव रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने, सड़क किनारों की मरम्मत, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और वाहन चालकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

परियोजना अधिकारी राकेश भारद्वाज ने भरोसा जताया है कि इस वर्ष हाईवे पर जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। अब सभी की नजर मानसून की पहली तेज बारिश पर रहेगी, जब इन तैयारियों की वास्तविक प्रभावशीलता सामने आएगी।

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