कानपुर में सड़क हादसों में 29.5 फीसदी की कमी, आरटीओ प्रवर्तन राहुल श्रीवास्तव ने जारी किए आंकड़े
रिर्पोट-हरि शंकर शर्मा
कानपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रयासों का सकारात्मक असर अब आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। आरटीओ (प्रवर्तन) विभाग की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें घायल होने वाले लोगों की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। विभाग का दावा है कि लगातार चलाए गए सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए किए गए प्रवर्तन अभियान और लोगों में बढ़ी जागरूकता के कारण यह सुधार देखने को मिला है।
कानपुर मंडल के आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि जनवरी से जून 2026 के बीच सड़क दुर्घटनाओं में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक बनाना भी है। इसी दिशा में लगातार स्कूलों, कॉलेजों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर सड़क सुरक्षा अभियान चलाए गए।
जागरूकता और सख्त प्रवर्तन का दिखा असर
आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए गए विशेष अभियान और प्रवर्तन अधिकारियों की नियमित निगरानी का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। विभाग ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ लोगों को हेलमेट, सीट बेल्ट और सुरक्षित ड्राइविंग के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।
उन्होंने कहा कि यदि वाहन चालक यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें तो अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
ये हैं सड़क हादसों के प्रमुख कारण
आरटीओ प्रवर्तन विभाग के अनुसार अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे चालक की लापरवाही प्रमुख कारण रही। जांच में निम्न कारण सामने आए—
- यातायात नियमों की अनदेखी करना।
- वाहन चलाते समय नींद या झपकी आ जाना।
- शराब के नशे में वाहन चलाना (ड्रिंक एंड ड्राइव)।
- तेज गति से वाहन चलाना।
- लापरवाही और असावधानी के साथ ड्राइविंग करना।
विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे लंबी यात्रा के दौरान पर्याप्त आराम करें, शराब पीकर वाहन न चलाएं तथा निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
आंकड़ों पर डालिएं एक नजर
आरटीओ प्रवर्तन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 की तुलना में वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में दुर्घटनाओं और घायलों की संख्या में कमी दर्ज की गई है।
| वर्ष | सड़क दुर्घटनाएं | घायल |
|---|---|---|
| 2025 | 784 | 681 |
| 2026 (जनवरी-जून) | 685 | 480 |
इन आंकड़ों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में 99 मामलों की कमी दर्ज की गई है। वहीं घायलों की संख्या 681 से घटकर 480 रह गई, यानी 201 कम घायल हुए। यह लगभग 29.5 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है।
सड़क सुरक्षा के लिए लगातार चल रहे अभियान
आरटीओ प्रवर्तन विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। विभाग समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम, विशेष चेकिंग अभियान और यातायात नियमों के पालन को लेकर अभियान चलाता रहेगा।
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें तथा सभी यातायात नियमों का पालन करें। इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि लोगों की जान भी सुरक्षित रहेगी।
आरटीओ की जनता से की अपील
आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक वाहन चालक जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाए और यातायात नियमों का पालन करे, तो सड़क दुर्घटनाओं में और अधिक कमी लाई जा सकती है। विभाग भविष्य में भी जागरूकता अभियान और प्रवर्तन कार्रवाई को इसी तरह जारी रखेगा।

