संविद गुरुकुलम बालिका सैनिक स्कूल में अलंकरण समारोह आयोजित, छात्र परिषद ने ली नेतृत्व और अनुशासन की शपथ
रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज
वृंदावन: वात्सल्य ग्राम स्थित संविद गुरुकुलम बालिका सैनिक स्कूल में शनिवार को गरिमामय वातावरण के बीच अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पद्म भूषण से सम्मानित विभूषित साध्वी ऋतम्भरा (दीदी माँ) ने मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद नव निर्वाचित छात्र परिषद की पदाधिकारी छात्राओं को बैज पहनाकर तथा दायित्व ध्वज सौंपकर उन्हें नेतृत्व एवं उत्तरदायित्व का संकल्प दिलाया गया।
यह समारोह केवल पदभार ग्रहण करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्राओं को जीवन में अनुशासन, नेतृत्व, संस्कार और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देने का माध्यम भी बना। कार्यक्रम में विद्यालय प्रशासन, शिक्षक, अभिभावक तथा अनेक गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
अनुशासन और नेतृत्व ही सफलता का आधार: साध्वी ऋतम्भरा
अपने प्रेरणादायी संबोधन में साध्वी ऋतम्भरा ने कहा कि किसी भी नेतृत्व की सबसे पहली शर्त स्वयं अनुशासित होना है। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने मन, विचार और व्यवहार पर नियंत्रण रखना सीख लेता है, वही समाज और राष्ट्र का सफल नेतृत्व कर सकता है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय जीवन केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण पाठशाला है। इसलिए प्रत्येक छात्रा को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहना चाहिए और निरंतर प्रयास करते हुए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
संस्कारों से ही मजबूत होगा भविष्य
दीदी माँ ने अपने उद्बोधन में कहा कि विद्यालय का वातावरण जितना अनुशासित और संस्कारयुक्त होगा, उतना ही उज्ज्वल भविष्य विद्यार्थियों का बनेगा। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे शिक्षकों के निर्देशों का सम्मान करें और विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने आगे कहा कि आज की छात्राएं ही कल के भारत का भविष्य हैं। इसलिए उन्हें भारतीय संस्कृति, ऋषि परंपरा और नैतिक मूल्यों को आत्मसात करते हुए समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाषा में विनम्रता, व्यवहार में सरलता और कार्य में ईमानदारी ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।
ध्रुव और लव-कुश जैसे आदर्शों से सीख लेने की प्रेरणा
अपने संबोधन के दौरान साध्वी ऋतम्भरा ने भारतीय परंपरा के आदर्श चरित्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को ध्रुव और लव-कुश जैसे आत्मविश्वासी एवं कर्तव्यनिष्ठ व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्रा को शुभ और अशुभ के बीच अंतर समझने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में छात्राएं समाज और परिवार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाएंगी। इसलिए दूसरों को अनुशासन सिखाने से पहले स्वयं अनुशासित बनना आवश्यक है। जब नेतृत्व अपने आचरण से उदाहरण प्रस्तुत करता है, तभी वह वास्तव में सफल माना जाता है।
नव निर्वाचित छात्र परिषद को सौंपे गए दायित्व
समारोह के दौरान साध्वी ऋतम्भरा ने नव निर्वाचित छात्र परिषद के सदस्यों को बैज पहनाकर उनके दायित्वों की औपचारिक घोषणा की। साथ ही सभी पदाधिकारियों ने अपने उत्तरदायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की शपथ भी ली।
विद्यालय की हेड गर्ल के रूप में साक्षी वर्मा (कक्षा 12 विज्ञान) तथा वॉइस हेड गर्ल के रूप में अनन्या वत्स (कक्षा 11 विज्ञान) को जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसी प्रकार स्पोर्ट्स कैप्टन के रूप में दृष्णा अनिल, वाइस स्पोर्ट्स कैप्टन के रूप में परी गोयल, कल्चरल कैप्टन के रूप में गार्गी शर्मा तथा वाइस कल्चरल कैप्टन के रूप में दिव्यंका सिंह को दायित्व प्रदान किए गए।
विभिन्न हाउसों के लिए भी कैप्टन एवं वाइस कैप्टन नियुक्त किए गए, जिनमें संस्कृति सिवाच, यश्वी अग्रवाल, वामिका सिंह, तन्वी पाण्डेय, ललिता कुमारी, आन्या शर्मा, तन्वी, कृष्णा दुबे, वसुंधरा चंदेल, वंदना चौधरी, वामिका कश्यप, विनायक भट्ट, प्राची प्रज्ञा, शाही सिंह परिहार और अनन्या सहित अनेक छात्राओं एवं कैडेट्स को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
इसके अतिरिक्त अनुशासन समिति में दिव्याशा गंगवार, राधिका, स्नेहा विश्वास, उन्नति गुप्ता, वंशिका चौहान, वेदिका शर्मा, आभा, भान्वी बघेल, समृद्धि सिंह, खुशी कुमारी, प्रियांशी कामताक, समीक्षा मिश्रा, अमूल्या तिवारी, आर्ची दलाल तथा आन्या अलिवा दास को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं।
उत्तरदायित्व के साथ सेवा भावना का भी संदेश
समारोह के दौरान सभी छात्राओं ने विद्यालय की गरिमा बनाए रखने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लिया।
विद्यालय प्रशासन ने भी विश्वास व्यक्त किया कि नई छात्र परिषद विद्यालय के विकास, अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन संजय भइया, विद्यालय निदेशिका सुश्री सुमन लता, परम शक्ति पीठ के कोषाध्यक्ष अशोक सरीन, उपप्रधानाचार्या श्रीमती पूजा सिंह, पूर्व डीआईजी एच. के. शर्मा, श्री सत्यशील जी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने नव निर्वाचित छात्र परिषद को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
व्यक्तित्व निर्माण का महत्वपूर्ण अवसर
विद्यालय प्रशासन ने कहा कि अलंकरण समारोह केवल पद वितरण का कार्यक्रम नहीं बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, सेवा भावना और उत्तरदायित्व विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भविष्य में समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने तथा सकारात्मक नेतृत्व प्रदान करने के लिए प्रेरित करते हैं।
विद्यालय परिवार ने विश्वास व्यक्त किया कि नई छात्र परिषद अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए विद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएगी और शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को भी सशक्त बनाएगी।

