लखनऊ में CM योगी ने जनता दर्शन में सुनीं लोगों की समस्याएं, पढ़िए अधिकारियों को यह निर्देश

2e1902d8-9b82-4cdb-ad94-576202526367

Digital UP News Desk

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने एक-एक कर नागरिकों की बात सुनी और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।

जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान शासन की प्राथमिकता है। इसलिए प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और उसके निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साथ ही, शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि लोगों को शासन-प्रशासन पर भरोसा बना रहे।

विभिन्न जिलों से पहुंचे नागरिक

मुख्यमंत्री के जनता दर्शन कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों से नागरिक पहुंचे। लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और स्थानीय स्तर की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा। इस दौरान नागरिकों ने अपनी शिकायतों से संबंधित प्रार्थना पत्र भी सौंपे। मुख्यमंत्री ने लोगों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।

दरअसल, जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री सीधे आम नागरिकों से संवाद करते हैं। इससे लोगों को अपनी समस्याएं सरकार के शीर्ष स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। इसके अलावा, अधिकारियों को भी शिकायतों के समाधान के लिए सीधे निर्देश प्राप्त होते हैं। यही कारण है कि जनता दर्शन को सरकार और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।

अधिकारियों को निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे। इसके बजाय, प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए और नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।

इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने समयबद्ध कार्रवाई पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसलिए शिकायतों का तय समयसीमा के भीतर समाधान किया जाना चाहिए। साथ ही, शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।

जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार लगातार जन शिकायतों के समाधान पर जोर देती रही है। जनता दर्शन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार का प्रयास है कि आम नागरिक सीधे अपनी समस्याएं शासन के सामने रख सकें। इसके अलावा, जिला स्तर से लेकर शासन स्तर तक शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जन शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। कई बार आम नागरिक अपनी समस्या को लेकर लंबे समय तक विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते हैं। ऐसे में अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे समस्या की वास्तविकता को समझें और नियमानुसार समाधान की दिशा में तेजी से कार्रवाई करें।

वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद

जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद, मुख्यमंत्री के सचिव सूर्यपाल गंगवार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने विभिन्न मामलों पर संबंधित विभागों से आवश्यक जानकारी ली और शिकायतों के निस्तारण को लेकर दिशा-निर्देश दिए।

इस दौरान अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों तक शीघ्र पहुंचाया जाए। इसके बाद प्रत्येक मामले की प्रगति की निगरानी की जाए, ताकि शिकायतों का समाधान प्रभावी तरीके से हो सके।

सीधे संवाद से बढ़ता है जनता का भरोसा

जनता दर्शन कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य सरकार और नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। आमतौर पर लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर संबंधित विभागों और अधिकारियों से संपर्क करते हैं। हालांकि, जब किसी मामले का समाधान स्थानीय स्तर पर नहीं हो पाता, तो जनता दर्शन के माध्यम से नागरिक अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख सकते हैं।

इस व्यवस्था के कारण लोगों को अपनी शिकायतों को उच्च स्तर तक पहुंचाने का अवसर मिलता है। वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित अधिकारियों पर भी शिकायतों के निस्तारण की जिम्मेदारी तय होती है। परिणामस्वरूप, प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने में ऐसे कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समयबद्ध निस्तारण पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। शिकायतों का समाधान कानून और नियमों के अनुसार किया जाए, लेकिन इसके साथ ही प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबा भी न खींचा जाए।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि शिकायतों की गंभीरता के आधार पर प्राथमिकता तय की जाए। जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता हो, उनमें तेजी से कदम उठाए जाएं। वहीं, अन्य मामलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

सरकार का मानना है कि जन शिकायतों का प्रभावी समाधान सुशासन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए जनता की समस्याओं को सुनना, उनका निष्पक्ष मूल्यांकन करना और समय पर कार्रवाई करना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है।

शिकायतों के समाधान से मजबूत होगा भरोसा

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने नागरिकों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। साथ ही, अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। इससे न केवल लोगों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि शासन और प्रशासन के प्रति नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा।

कुल मिलाकर, लखनऊ में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि आम जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत पर निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए। साथ ही, निस्तारण की प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए।

इस प्रकार, जनता दर्शन कार्यक्रम सरकार और आम नागरिकों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बना हुआ है। इसके जरिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले नागरिक सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रख सकते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद संबंधित विभागों को शिकायतों के समाधान की जिम्मेदारी दी जाती है। अब देखना होगा कि जनता दर्शन में प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभाग किस गति और प्रभावशीलता के साथ कार्रवाई करते हैं।

You may have missed