कानपुर में 54 शिक्षकों को मिले कैशलेस चिकित्सा कार्ड, एक हजार से अधिक शिक्षकों को मिलेगा लाभ

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: शिक्षकों और उनके परिवारजनों की स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत कानपुर में महत्वपूर्ण पहल की गई। रविवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के लेक्चर हॉल नंबर-1 में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाभार्थी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। कार्यक्रम में 54 शिक्षकों को कार्ड प्रदान किए गए, जबकि जनपद के एक हजार से अधिक शिक्षकों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत पात्र शिक्षकों और उनके परिवारजनों को सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, सरकारी चिकित्सालयों में उपचार की राशि की कोई सीमा निर्धारित नहीं होगी। इस व्यवस्था से स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के समय शिक्षकों और उनके परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

54 लाभार्थी शिक्षकों को वितरित किए गए कार्ड

कार्यक्रम के दौरान 54 लाभार्थी शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के कार्ड प्रदान किए गए। पीपीएन कॉलेज, बीएनडी कॉलेज, कानपुर विद्या मंदिर, जुहारी देवी, ब्रह्मावर्त कॉलेज, हरसहाय कॉलेज और डीएवी ट्रेनिंग कॉलेज से जुड़े शिक्षकों को जनप्रतिनिधियों ने कार्ड वितरित किए।

कार्ड वितरण के दौरान शिक्षकों ने योजना को स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में उपयोगी पहल बताया। शिक्षकों का कहना है कि चिकित्सा संबंधी जरूरत के समय कैशलेस सुविधा मिलने से उपचार प्रक्रिया को लेकर आर्थिक चिंता कम हो सकती है।

निजी अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज

योजना के तहत पात्र शिक्षकों और उनके परिवारजनों को सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, सरकारी चिकित्सालयों में उपचार राशि की कोई सीमा नहीं होगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों और उनके परिवारों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। खासतौर पर स्वास्थ्य संबंधी आपात परिस्थितियों में इलाज के खर्च की तत्काल व्यवस्था करना कई परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा योजना आर्थिक राहत देने में सहायक हो सकती है।

दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार, गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी, बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा, घाटमपुर विधायक सरोज कुरील, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक, अपर जिलाधिकारी नगर आलोक कुमार, जिला विकास अधिकारी एपी रस्तोगी और उच्च शिक्षा विभाग की नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह मौजूद रहीं।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और शिक्षकों ने योजना के महत्व पर विचार रखे। इसके साथ ही, शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा और कल्याण से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

नीलिमा कटियार ने बताया शिक्षक हित में महत्वपूर्ण योजना

कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना प्रदेश सरकार की शिक्षक हितों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी संकट के समय यह योजना शिक्षकों और उनके परिवारों को महत्वपूर्ण राहत प्रदान करेगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके स्वास्थ्य और परिवार की सुरक्षा को मजबूत करना आवश्यक है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा इस दिशा में उपयोगी कदम साबित हो सकती है।

सुरेंद्र मैथानी ने शिक्षक कल्याण की दिशा में बताया कदम

गोविंद नगर विधायक सुरेंद्र मैथानी ने योजना को शिक्षक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की भावी पीढ़ी को दिशा देने का कार्य करते हैं।

ऐसे में शिक्षकों और उनके परिवारजनों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि योजना से शिक्षकों को उपचार के समय बेहतर सुविधा और आर्थिक राहत मिलेगी।

राहुल बच्चा ने आर्थिक चिंता कम होने की बात कही

बिल्हौर विधायक राहुल बच्चा ने कहा कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा से शिक्षकों को बीमारी के समय उपचार के लिए आर्थिक व्यवस्था की चिंता से काफी हद तक राहत मिलेगी।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा उपचार के दौरान परिवारों को कई बार आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कैशलेस व्यवस्था उपचार प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद कर सकती है।

सरोज कुरील ने सरकार की प्रतिबद्धता बताया

घाटमपुर विधायक सरोज कुरील ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना को शिक्षकों के कल्याण और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।

उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने से शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिलता है।

कुलपति ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। इसलिए उनके स्वास्थ्य और कल्याण की चिंता करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि कैशलेस चिकित्सा जैसी सुविधा आकस्मिक स्वास्थ्य परिस्थितियों में शिक्षकों और उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्रदान करेगी। इसके साथ ही, बेहतर उपचार प्राप्त करने में भी यह योजना सहायक हो सकती है।

कुलपति ने योजना को शिक्षकों के लिए उपयोगी सुविधा बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

उच्च शिक्षा विभाग ने सक्रिय सहयोग की अपील की

उच्च शिक्षा विभाग की नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह ने कहा कि यह योजना उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षकों और उनके परिवारजनों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में शिक्षकों और संबंधित संस्थानों से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय आवश्यक है।

कई कॉलेजों के शिक्षकों को मिला लाभ

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। इनमें पीपीएन कॉलेज, बीएनडी कॉलेज, कानपुर विद्या मंदिर, जुहारी देवी, ब्रह्मावर्त कॉलेज, हरसहाय कॉलेज और डीएवी ट्रेनिंग कॉलेज के शिक्षक शामिल रहे।

इससे स्पष्ट है कि योजना का दायरा उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न संस्थानों तक है। आने वाले समय में पात्रता के अनुसार अन्य शिक्षकों और उनके परिवारजनों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग के संयोजन में हुआ आयोजन

कार्यक्रम का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग की नोडल अधिकारी प्रो. अपर्णा सिंह, सहायक नोडल अधिकारी एवं प्राचार्य प्रो. अमर श्रीवास्तव तथा जिला प्रशासन के संयोजन में किया गया।

कार्यक्रम का मंच संचालन रामसहाय राजकीय महाविद्यालय, शिवराजपुर की प्रो. सुमन शुक्ला ने किया। वहीं, प्रो. अपर्णा सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अधिकारियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

कुल मिलाकर, कानपुर में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत 54 शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए गए। जनपद के एक हजार से अधिक शिक्षकों को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।

योजना के तहत पात्र शिक्षकों और उनके परिवारजनों को सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में पांच लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी, जबकि सरकारी चिकित्सालयों में उपचार राशि की कोई सीमा नहीं होगी। इससे शिक्षकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के समय आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने योजना को शिक्षक कल्याण और स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं, शिक्षकों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग की अपेक्षा की गई।