अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच भूस्खलन का दिखा खौफनाक मंजर, मलबे में बह गया बाइक सवार – फिर जानिए आगे क्या हुआ?

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Digital UP News Desk 

ईटानगर/लोअर सियांग। अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले के सिजी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच एक बड़ा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हुआ, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 28 जून को अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक बाइक सवार मलबे की चपेट में आ गया और कुछ दूरी तक उसके साथ बहता हुआ दिखाई दिया। हालांकि राहत की बात यह रही कि वह अंततः सुरक्षित बच निकला।

इस घटना ने एक बार फिर पहाड़ी राज्यों में मानसून के दौरान बढ़ने वाले भूस्खलन के खतरे को उजागर कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

अचानक आया मलबा, सड़क पर मची अफरा-तफरी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार वर्षा होने के कारण पहाड़ी का एक हिस्सा अचानक दरक गया। देखते ही देखते मिट्टी, चट्टानें और पेड़ सड़क पर गिरने लगे। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार वहां से गुजर रहा था, जो मलबे की चपेट में आ गया।

घटना इतनी तेज़ी से हुई कि आसपास मौजूद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला। हालांकि कुछ समय बाद राहत और बचाव के प्रयास शुरू किए गए और जानकारी मिली कि बाइक सवार सुरक्षित है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है। वीडियो में पहाड़ी से तेजी से नीचे आता मलबा और उसके साथ बहता बाइक सवार दिखाई देता है। हालांकि वीडियो की पुष्टि संबंधित अधिकारियों द्वारा की जानी बाकी है, लेकिन घटना ने लोगों को प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे वीडियो लोगों में जागरूकता बढ़ाने में मदद करते हैं, लेकिन किसी भी वीडियो को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि भी आवश्यक है।

सिजी नदी का प्रवाह भी हुआ प्रभावित

भूस्खलन का मलबा नीचे स्थित सिजी नदी तक पहुंच गया, जिससे कुछ समय के लिए नदी के प्रवाह पर भी प्रभाव पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि भारी मात्रा में मलबा नदी में जमा हो जाए तो अस्थायी अवरोध बनने की आशंका रहती है, जिससे बाद में अचानक जलस्तर बढ़ सकता है।

इसी कारण प्रशासन नदी किनारे रहने वाले लोगों पर भी नजर बनाए हुए है और स्थिति का लगातार आकलन किया जा रहा है।

लगातार बारिश बनी चुनौती

अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में इन दिनों मानसून सक्रिय है। लगातार हो रही वर्षा के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, सड़क धंसने और पेड़ों के गिरने जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि जब लंबे समय तक बारिश होती है तो मिट्टी पानी से संतृप्त हो जाती है, जिससे उसकी पकड़ कमजोर पड़ जाती है और पहाड़ों का हिस्सा अचानक खिसक सकता है।

प्रशासन ने जारी की सतर्कता अपील

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों और यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा पहाड़ी मार्गों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सतर्कता रखें।

इसके अलावा प्रशासन ने यह भी कहा है कि मौसम विभाग की चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना सभी के हित में है।

राहत एवं निगरानी व्यवस्था

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है। यदि आवश्यकता पड़ी तो सड़क से मलबा हटाने और यातायात सामान्य करने के लिए अतिरिक्त संसाधन लगाए जाएंगे। संबंधित विभाग लगातार क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे का समय रहते सामना किया जा सके।

मानसून में बरतें ये सावधानियां

विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए—

  • मौसम विभाग की चेतावनियों पर नियमित नजर रखें।
  • भारी वर्षा के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से बचें।
  • भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन रोककर खड़े न हों।
  • प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स और चेतावनी संकेतों का पालन करें।
  • किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या राहत एजेंसियों से संपर्क करें।

अरुणाचल प्रदेश के लोअर सियांग जिले में हुआ यह भूस्खलन प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। राहत की बात यह रही कि मलबे की चपेट में आने के बावजूद बाइक सवार सुरक्षित बच गया। वहीं, प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से मौसम संबंधी निर्देशों का पालन करने की अपील कर रहा है। मानसून के मौसम में जागरूकता, सतर्कता और समय पर सावधानी ही ऐसी घटनाओं से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

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