केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर जंतर-मंतर में जश्न का माहौल, अभिजीत दीपके समेत कई स्टूडेंट हुए भावुक, जान गंवाने वाले छात्रों को मिल न्याय
Digital UP News Desk
नई दिल्लीः दिल्ली के जंतर-मंतर में शनिवार को जश्न का माहौल है। केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर जब जंतर-मंतर पहुंची, तो वहां मौजूद छात्र खुशी से झूम उठे। सभी एक दूसरे को बधाई देने में लगे हैं। सभी एक सुर में खुशी से चीखने लगे। वहीं, सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने इसे नैतिकता के आधार पर छात्रों की जीत बताया है। इसके साथ उनका कहना है कि नीट परीक्षा लीक मामले में 20 से ज्यादा छात्रों ने अपनी जान गवाईं है।
आज उन छात्रों को न्याय मिला है। काॅक्रोच जनता पार्टी का बीते एक महीने से दिल्ली के जंतर मंतर में प्रोटेस्ट कर चल रहा था। इस प्रदर्शन के साथ लोग धीरे-धीरे लोग जुड़ते चले गए। आलम यह हुए कि जंतर मंतर पर 24 घंटे हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ जुटने लगी। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग जुड़ते चले गए। 20 जुलाई के बाद सीजेपी का यह आंदोलन देशव्यापी आंदोलन में तब्दील हो गया।
सोनम वांगचुक ने प्रोटेस्ट को दी धार
इस आंदोलन को धार तब मिली जब पर्यावरण और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक जंतर मंतर पर अनशन पर बैठ गए। वह 20 दिनों तक जंतर मंतर हंगर स्ट्राइक पर बैठ रहे। लेकिन सरकार की तरफ से उनसे बातचीत करने के लिए कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को संसद मार्च का एलान किया था। पुलिस ने सोनम वांगचुक को बीते 18 जुलाई की सुबह प्रोटेस्ट स्थल से उठा लिया। इसके बाद उन्हे सफदरगंज अस्पताल में भर्ती दिया गया था।
संसद मार्च के दौरान हुआ था लाठी चार्ज
वहीं जब बीते 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में लोग दिल्ली के जंतर मंतर पहुंच गए। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जब संसद के लिए कूच किया तो पुलिस ने छात्रों पर जमकर लाठियां भांजी थीं।
गुस्से का माहौल था
पुलिस ने छात्र-छात्राओं को जमकर पीटा। किसी का सिर फोड़ दिया गया, तो किसी के हाथ तोड़ दिए गए। छात्रों की जमकर पिटाई गई। यह तस्वीरें जब सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, तो पूरे देश में गुस्से का माहौल बन गया।
सीजेपी केंद्रीय शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी थी
देश के माहौल को भांपते हुए सरकार ने सीजेपी से वार्ता करने बात कही। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर 10 मिनट की बातचीत हुई थी। संसद मार्च के बाद विपक्षी पार्टियां भी सीजेपी के समर्थन में खुलकर सामने आ गईं थीं। इसके साथ ही विपक्षी पार्टियां भी सरकार पर लगातार केंद्रीय शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही थीं।
सरकार ने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगे मानी
बीते शुक्रवार 24 जुलाई को एक बार फिर से सरकार और सीजेपी की बीच बातचीत हुई। जिसमें सीजेपी की तरफ से मांग की गई थी कि छात्रों पर की गई एफआईआर को वापस लिया जाए। इसके साथ ही जिन छात्रों ने सुसाइड किया उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाए। इस वार्ता में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बात अटक गई थी। सरकार ने 24 घंटे का समय दिया था। इस समय अवधि के भीतर ही सरकार ने शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा ले लिया।
पुलिस सभी से घर वापस जाने की अपील कर रही है
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर मंतर में खुशी का माहौल है। कोई ढपली तो काई थाली बजाकर जश्न मना रहे हैं। लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या जंतर मंतर से छात्रों का प्रोटेस्ट खत्म होगा। वहां मौजूद हजारों की संख्या में भीड़ अपने घरों को वापस लौटेगी। वहीं पुलिस की तरफ से अनाउंस किया जा रहा है कि आप लोगों की सभी मांगे पूरी हो गईं हैं। सभी लोग अपने घरों को जा सकते हैं।

