विश्व IVF दिवस पर कानपुर में निशुल्क आईवीएफ कैंप, 250 दंपत्तियों ने कराया पंजीकरण

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रिपोर्ट – विवेक कृष्ण दीक्षित 

कानपुर: विश्व आईवीएफ दिवस के अवसर पर काकादेव स्थित आस्था आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर की ओर से निशुल्क आईवीएफ कैंप का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य निःसंतानता और आईवीएफ उपचार को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद दंपत्तियों को विशेषज्ञ परामर्श और प्रारंभिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराना था। कैंप में कानपुर के अलावा फतेहपुर, उरई, उन्नाव, अकबरपुर और कन्नौज से आए दंपत्तियों ने भी भाग लिया।

दोपहर 12 बजे से शुरू हुए इस निशुल्क आईवीएफ कैंप में बड़ी संख्या में लोगों ने पंजीकरण कराया। आयोजकों के अनुसार, लगभग 250 निःसंतान दंपत्तियों ने शिविर में पंजीकरण कराकर विशेषज्ञों से परामर्श लिया। इस दौरान दंपत्तियों को आईवीएफ प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी गई और उनके मन में मौजूद विभिन्न सवालों का समाधान किया गया।

महिलाओं और पुरुषों के लिए निशुल्क जांच की सुविधा

कैंप के दौरान महिलाओं के लिए निःशुल्क ट्रांसवेजिनल सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध कराई गई। वहीं, पुरुषों की निःशुल्क सीमेन एनालिसिस जांच भी की गई। इसके साथ ही, विशेषज्ञों ने दंपत्तियों की स्थिति को समझते हुए आवश्यक परामर्श दिया।

आयोजकों के अनुसार, निःसंतानता से जुड़ी समस्या में महिला और पुरुष दोनों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच महत्वपूर्ण होती है। इसलिए शिविर में दोनों पक्षों से संबंधित आवश्यक जानकारी और जांच सुविधाओं पर ध्यान दिया गया। इससे दंपत्तियों को अपनी स्थिति को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली।

आईवीएफ को लेकर भ्रम और भ्रांतियां दूर करने का प्रयास

शिविर में आए दंपत्तियों को आईवीएफ प्रक्रिया से जुड़ी भ्रांतियों और भ्रम के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आईवीएफ एक चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसके बारे में सही जानकारी होना जरूरी है। कई बार जानकारी के अभाव में लोग उपचार को लेकर असमंजस में रहते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों से बातचीत और उचित चिकित्सकीय परामर्श महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसी उद्देश्य से कैंप में दंपत्तियों को आईवीएफ प्रक्रिया के विभिन्न चरणों, उपचार की आवश्यकता और डॉक्टर की सलाह के महत्व के बारे में समझाया गया। साथ ही, लोगों से यह भी कहा गया कि किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या के लिए स्वयं उपचार करने के बजाय योग्य चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

डॉ. आस्था सिंह ने बताया कैंप का उद्देश्य

आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. आस्था सिंह ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों में आईवीएफ और निःसंतानता से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। उन्होंने कहा कि इनफर्टिलिटी को लेकर समाज में कई तरह की गलत धारणाएं मौजूद हैं। इसलिए जरूरी है कि लोग सही जानकारी प्राप्त करें और समय पर विशेषज्ञ से सलाह लें।

डॉ. आस्था सिंह के अनुसार, आज की व्यस्त जीवनशैली और बढ़ता तनाव भी कई लोगों के जीवन पर प्रभाव डाल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर जांच और चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उचित जांच और विशेषज्ञ की सलाह के आधार पर उपचार की दिशा तय की जा सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रयास है कि प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकें। इसी उद्देश्य से निशुल्क आईवीएफ कैंप का आयोजन किया गया, ताकि लोग विशेषज्ञों से सीधे बातचीत कर सकें और अपनी समस्याओं को समझ सकें।

निःसंतानता को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान डॉ. आस्था सिंह ने कहा कि इनफर्टिलिटी को केवल सामाजिक चिंता के रूप में देखने के बजाय इसे एक चिकित्सकीय स्थिति के रूप में समझना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी स्थिति में दंपत्तियों को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए और समय पर विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि चिकित्सा विज्ञान में लगातार प्रगति हो रही है और प्रजनन संबंधी समस्याओं के लिए विभिन्न उपचार विकल्प उपलब्ध हैं। हालांकि, हर दंपत्ति की स्थिति अलग हो सकती है। इसलिए उपचार का निर्णय विशेषज्ञ की जांच और चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

कई जिलों से पहुंचे दंपत्ति

कानपुर के अलावा फतेहपुर, उरई, उन्नाव, अकबरपुर और कन्नौज से आए दंपत्तियों ने भी कैंप में हिस्सा लिया। इससे पता चलता है कि प्रजनन स्वास्थ्य और आईवीएफ से जुड़ी जानकारी को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है।

कैंप में आने वाले दंपत्तियों ने विशेषज्ञों से बातचीत की और अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को लेकर जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा, जांच और काउंसलिंग के माध्यम से उन्हें आगे की चिकित्सा प्रक्रिया को समझने में सहायता मिली।

दंपत्तियों ने पहल की सराहना की

निशुल्क आईवीएफ कैंप में शामिल दंपत्तियों ने इस पहल की सराहना की। उनका कहना था कि विशेषज्ञों से सीधे बातचीत करने और प्रारंभिक जांच की सुविधा मिलने से उन्हें अपनी स्थिति को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिली।

कैंप में आईवीएफ से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ लोगों को यह भी बताया गया कि उपचार को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी या भ्रम से बचना चाहिए। सही जानकारी और विशेषज्ञ परामर्श के माध्यम से ही आगे की चिकित्सा प्रक्रिया तय की जानी चाहिए।

डॉक्टरों और स्टाफ का किया गया सम्मान

कार्यक्रम के समापन के बाद विभिन्न डॉक्टरों और स्टाफ सदस्यों को सम्मानित किया गया। डॉ. आस्था सिंह और डॉ. अभिनव सेंगर ने चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग देने वाले डॉक्टरों और स्टाफ का सम्मान किया।

इस अवसर पर आईवीएफ टीम के सदस्यों के योगदान की सराहना की गई। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों को सफल बनाने में डॉक्टरों, तकनीकी टीम और स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

जागरूकता कार्यक्रमों की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। कई दंपत्ति जानकारी के अभाव में समय पर विशेषज्ञ से सलाह नहीं लेते। वहीं, कुछ लोग सामाजिक संकोच या गलत धारणाओं के कारण उपचार में देरी कर देते हैं।

ऐसे में जागरूकता शिविर लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से दंपत्तियों को यह समझने का अवसर मिलता है कि चिकित्सा संबंधी किसी भी समस्या का मूल्यांकन योग्य विशेषज्ञ से कराना आवश्यक है।

विश्व आईवीएफ दिवस के अवसर पर आयोजित यह निशुल्क कैंप इसी दिशा में एक प्रयास रहा। कैंप में विशेषज्ञ परामर्श, जांच और जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से दंपत्तियों को प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी दी गई। साथ ही, आईवीएफ प्रक्रिया को लेकर मौजूद कई भ्रमों को दूर करने का प्रयास किया गया।

कुल मिलाकर, आस्था आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर काकादेव में आयोजित निशुल्क आईवीएफ कैंप में करीब 250 दंपत्तियों ने पंजीकरण कराया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को प्रजनन स्वास्थ्य, निःसंतानता और आईवीएफ उपचार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। आयोजकों ने भविष्य में भी जरूरतमंद लोगों तक जागरूकता और विशेषज्ञ परामर्श पहुंचाने का प्रयास जारी रखने की बात कही।

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