बिजनौर जिला अस्पताल में नवजात कन्याओं का जन्मोत्सव: ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के तहत 16 माताओं को मिला सम्मान

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नवजात बेटियों और माताओं का सम्मान करती जिलाधिकारी जसजीत कौर

रिपोर्ट- ताबिश मिर्जा

बिजनौर:  बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से महिला कल्याण विभाग द्वारा शुक्रवार को बिजनौर जिला अस्पताल में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत नवजात कन्या जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाते हुए समाज को यह संदेश देना था कि बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति की मजबूत आधारशिला हैं।

इस अवसर पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने जिला अस्पताल पहुंचकर हाल ही में जन्मी 16 नवजात बालिकाओं की माताओं को बेबी किट, उपहार एवं मिठाई भेंट की। साथ ही उन्होंने सभी परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए नवजात बालिकाओं के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बेटियों के सम्मान का दिया गया संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा कि वर्तमान समय में बेटियां प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, खेल, रक्षा, उद्योग और राजनीति सहित हर क्षेत्र में बेटियों ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इसलिए समाज को अब बेटा और बेटी के बीच किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि “बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। यदि उन्हें समान अवसर, अच्छी शिक्षा और सुरक्षित वातावरण मिले तो वे परिवार ही नहीं बल्कि पूरे देश का नाम रोशन कर सकती हैं।”

इसके साथ ही उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दें ताकि वे भविष्य में अपने सपनों को साकार कर सकें।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना का उद्देश्य

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनके प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना तथा शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह योजना केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का एक महत्वपूर्ण अभियान है।

इसके माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि बेटियों को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्रदान करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। साथ ही बाल लिंगानुपात में सुधार और बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

माताओं को वितरित की गई बेबी किट

कार्यक्रम के दौरान नवजात बालिकाओं की माताओं को उपयोगी बेबी किट प्रदान की गई, जिसमें शिशु देखभाल से जुड़ी आवश्यक सामग्री शामिल थी। इसके अलावा मिठाई और उपहार देकर परिवारों के साथ इस खुशी को साझा किया गया।

माताओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी स्तर पर इस प्रकार का सम्मान मिलने से उन्हें विशेष खुशी महसूस हुई है। उनका कहना था कि इससे समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा और लोगों की सोच में भी बदलाव आएगा।

परिवारों में दिखा उत्साह

जिला अस्पताल में आयोजित इस जन्मोत्सव के दौरान नवजात बालिकाओं के परिजनों में भी उत्साह देखने को मिला। परिवारों ने अपनी बेटियों के जन्म को खुशी के साथ मनाया और प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने परिवारों को बालिकाओं के पोषण, नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही उन्हें सरकार द्वारा संचालित विभिन्न महिला एवं बाल विकास योजनाओं से भी अवगत कराया गया।

समाज में बदल रही है सोच

पिछले कुछ वर्षों में बेटियों के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। शिक्षा के बढ़ते स्तर, सरकारी योजनाओं और जागरूकता अभियानों के कारण अब बड़ी संख्या में परिवार बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रत्येक परिवार बेटियों को समान अवसर प्रदान करे तो समाज में लैंगिक समानता और सामाजिक विकास को नई दिशा मिल सकती है। ऐसे आयोजन इसी सकारात्मक परिवर्तन को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

महिला कल्याण विभाग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नवजात कन्याओं के जन्म पर सम्मान समारोह आयोजित करने से समाज में बेटियों के प्रति सम्मान का भाव विकसित होता है तथा कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ भी सकारात्मक संदेश जाता है।

इसके साथ ही कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि बालिकाओं को बेहतर स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और सुरक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा इसके लिए विभिन्न विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।

समान अवसर से बनेगा सशक्त समाज

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि समाज तभी विकसित माना जाएगा जब बेटियों को हर क्षेत्र में समान अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बेटियों की शिक्षा में किसी प्रकार की कमी न आने दें और उन्हें अपनी रुचि के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करें।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाना है। इसलिए प्रत्येक पात्र परिवार को इन योजनाओं का लाभ अवश्य उठाना चाहिए।

सकारात्मक संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम का समापन सभी नवजात बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना और बेटियों के सम्मान के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बेटियां देश का भविष्य हैं और उनका बेहतर पालन-पोषण, शिक्षा तथा सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।महिला कल्याण विभाग की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बेटी केवल परिवार की खुशियों का आधार नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत शक्ति भी है। यदि प्रत्येक बेटी को समान अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो वह जीवन के हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकती है।

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