सपा प्रदेश सचिव अंगद सिंह को किया गया नजरबंद, छात्रों के आंदोलन में शामिल होने से पहले पुलिस ने घर पर रोका

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा: समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव और छात्र राजनीति में सक्रिय नेता ठाकुर अंगद सिंह को पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उन्हें सुबह ही घर पर रोक लिया। इसके बाद वह किसी भी आंदोलन या प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाहर नहीं जा सके। अंगद सिंह अक्सर छात्र हितों और विभिन्न सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों को लेकर होने वाले धरना-प्रदर्शनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन चल रहा है। इसी आंदोलन में शामिल होने के लिए समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव ठाकुर अंगद सिंह के भी पहुंचने की संभावना जताई जा रही थी। इसके मद्देनजर पुलिस ने उन्हें उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

सुबह ही पुलिस ने घर पर पहुंचकर किया नजरबंद

बताया गया कि पुलिस ने सुबह के समय ठाकुर अंगद सिंह को उनके आवास पर ही रोक लिया। इसके बाद उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। अंगद सिंह ने पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर पर ही नजरबंद रखा।

अंगद सिंह छात्र राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। मथुरा में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर वह समय-समय पर अपनी आवाज उठाते रहे हैं। इसके अलावा, विभिन्न आंदोलनों और धरना-प्रदर्शनों में भी उनकी सक्रिय भागीदारी रही है। ऐसे में पुलिस की ओर से उन्हें नजरबंद किए जाने को जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन से जोड़कर देखा जा रहा है।

हालांकि, पुलिस की ओर से नजरबंदी को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, समाजवादी पार्टी नेता ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

अंगद सिंह ने सरकार पर साधा निशाना

नजरबंद किए जाने के बाद ठाकुर अंगद सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्र अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज उठाने वालों को आंदोलन में शामिल होने से रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

अंगद सिंह ने कहा कि छात्र अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और वह उनके समर्थन में आंदोलन में शामिल होना चाहते थे। उनके मुताबिक, उन्हें छात्रों के सहयोग के लिए जाने से रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामी को छिपाने के लिए विपक्षी नेताओं और आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास कर रही है।

सपा नेता ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है। इसलिए सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

ठाकुर अंगद सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि छात्र किसी मुद्दे को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं तो सरकार को उनकी मांगों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि सरकार धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा क्यों नहीं ले रही है।

सपा नेता का कहना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जिम्मेदारी तय करनी चाहिए। उनके अनुसार, छात्र देश का भविष्य हैं और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से छात्रों की मांगों पर बातचीत करने और उचित निर्णय लेने की अपील की।

छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं अंगद सिंह

ठाकुर अंगद सिंह मथुरा की छात्र राजनीति में सक्रिय चेहरों में शामिल रहे हैं। वह छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर कई बार अपनी आवाज उठा चुके हैं। इसके साथ ही, समाजवादी पार्टी के संगठन में प्रदेश सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।

राजनीतिक गतिविधियों और आंदोलनों में उनकी सक्रियता के कारण वह स्थानीय स्तर पर लगातार चर्चा में रहते हैं। इसी वजह से जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन में उनके संभावित शामिल होने को लेकर पुलिस ने एहतियाती कदम उठाया।

वहीं, नजरबंदी की कार्रवाई के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि किसी भी नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।

पुलिस कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

ठाकुर अंगद सिंह को घर पर नजरबंद किए जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होना चाहता है तो उसे रोकने के बजाय सरकार को संबंधित मुद्दे पर संवाद करना चाहिए।

दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए नजरबंदी की कार्रवाई के पीछे पुलिस की ओर से बताए गए औपचारिक कारणों को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

फिलहाल, ठाकुर अंगद सिंह अपने आवास पर ही हैं और उनके बयान के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से चर्चा में आ गया है। समाजवादी पार्टी नेता ने छात्रों के आंदोलन को समर्थन देते हुए सरकार से उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की है।

मथुरा में सपा प्रदेश सचिव ठाकुर अंगद सिंह को घर पर नजरबंद किए जाने का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अंगद सिंह का आरोप है कि उन्हें छात्रों के आंदोलन में शामिल होने से रोकने के लिए पुलिस ने यह कार्रवाई की। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का हवाला देते हुए सरकार से छात्रों की मांगें सुनने और संबंधित मुद्दों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। अब इस मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है।

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