केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन, अश्लील कंटेंट के आरोप में दो साल में 50 OTT प्लेटफॉर्म बंद
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने डिजिटल कंटेंट को लेकर बड़ी कार्रवाई की है। सरकार ने पिछले दो वर्षों में अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट प्रदर्शित करने के आरोप में 50 OTT प्लेटफॉर्म की भारत में सार्वजनिक पहुंच बंद की है। यह जानकारी केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से लोकसभा में दी गई है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने लोकसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि सरकार को प्राप्त शिकायतों और संबंधित मामलों के आधार पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत पिछले दो वर्षों में 50 OTT प्लेटफॉर्म को भारत में सार्वजनिक पहुंच के लिए disable किया गया।
सरकार के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और अश्लील कंटेंट प्रदर्शित किए जाने के साथ-साथ विभिन्न कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के मामले सामने आए थे। इसके बाद संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की गई।
सरकार ने लोकसभा में दी जानकारी
यह जानकारी लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में दी गई। केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बताया कि सरकार डिजिटल माध्यमों पर उपलब्ध कंटेंट की निगरानी से जुड़े मामलों में शिकायतों और कानून के प्रावधानों के आधार पर कार्रवाई करती है।
हालांकि, सरकार ने अपने आधिकारिक जवाब में उन 50 OTT प्लेटफॉर्म के नामों की पूरी सूची सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट है कि पिछले दो वर्षों में कुल 50 प्लेटफॉर्म की भारत में सार्वजनिक पहुंच बंद की गई है, लेकिन सभी प्लेटफार्म के नाम आधिकारिक जवाब में नहीं बताए गए हैं।
किन कानूनी प्रावधानों के तहत हुई कार्रवाई?
सरकारी जानकारी के अनुसार, इन मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67 A, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294 और महिलाओं के अशोभनीय चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 से जुड़े प्रावधानों का उल्लंघन सामने आया था।
इन कानूनी प्रावधानों के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ऐसे कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है, जो कानून के दायरे में आपत्तिजनक या प्रतिबंधित माना जाता है। इसके अलावा, सरकार ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3)(b) के तहत इंटरमीडियरी को अवैध कंटेंट को हटाने या उसकी पहुंच को disable करने के लिए नोटिस दिया जा सकता है।
इस प्रकार, केंद्र सरकार की कार्रवाई केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं है, बल्कि संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत की गई प्रक्रिया का हिस्सा है।
IT Rules 2021 के तहत डिजिटल कंटेंट की निगरानी
भारत सरकार ने 25 फरवरी 2021 को Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 अधिसूचित किए थे। इन नियमों के Part-III में डिजिटल समाचार प्रकाशकों और OTT प्लेटफॉर्म के लिए आचार संहिता तथा शिकायत निवारण से जुड़ी व्यवस्था का प्रावधान है।
इन नियमों के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म को कंटेंट से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन करना होता है। इसके अलावा, कानून का उल्लंघन करने वाले कंटेंट के मामलों में सरकार संबंधित प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई कर सकती है।
केंद्र सरकार का कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और OTT सेवाओं की बढ़ती पहुंच को देखते हुए कंटेंट से जुड़े मामलों की निगरानी लगातार की जाती है। यदि किसी प्लेटफॉर्म के खिलाफ शिकायत मिलती है और जांच में कानूनी उल्लंघन सामने आता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
पिछले साल भी कई OTT प्लेटफॉर्म पर हुई थी कार्रवाई
केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष भी कई OTT प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई की थी। 2025 में सरकार ने 25 OTT प्लेटफॉर्म को आपत्तिजनक कंटेंट से जुड़े मामलों में ब्लॉक किया था। उस कार्रवाई में ALTT, Ullu और Desiflix जैसे प्लेटफॉर्म के नाम भी रिपोर्ट में सामने आए थे।
इसके बाद फरवरी 2026 में भी पांच OTT प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म के खिलाफ अश्लील कंटेंट के आरोपों के चलते कार्रवाई की गई थी। इस तरह डिजिटल कंटेंट को लेकर सरकार की निगरानी और कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है।
सरकार का कहना- शिकायतों के आधार पर होती है कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई शिकायतों और संबंधित कानूनों के आधार पर की जाती है। इसका अर्थ है कि किसी भी प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसके कंटेंट और उपलब्ध शिकायतों को संबंधित प्रक्रिया के तहत देखा जाता है।
इसके अलावा, सरकार ने यह भी बताया कि वह ऐसे डिजिटल माध्यमों की नियमित निगरानी करती है। जरूरत पड़ने पर संबंधित प्लेटफार्म और इंटरमीडियरी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के बीच सरकार की यह नीति ऑनलाइन कंटेंट के नियम को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस व्यवस्था में कानून के प्रावधानों के साथ-साथ शिकायत निवारण और नियामकीय प्रक्रिया का भी महत्व है।
OTT क्षेत्र में बढ़ रहा है डिजिटल कंटेंट का विस्तार
भारत में OTT प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ा है। दर्शक मोबाइल फोन, स्मार्ट टीवी और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए विभिन्न प्रकार का कंटेंट देखते हैं। ऐसे में कंटेंट की विविधता के साथ उसके नियमों की आवश्यकता भी बढ़ी है।
सरकार का जोर इस बात पर है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म कानून और निर्धारित आचार संहिता का पालन करें। वहीं, प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी है कि वे अपने कंटेंट की निगरानी करें और लागू नियमों के अनुरूप व्यवस्था बनाए रखें।
इसीलिए, सरकार द्वारा 50 OTT प्लेटफॉर्म की सार्वजनिक पहुंच बंद किए जाने की कार्रवाई डिजिटल कंटेंट रेगुलेशन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
नामों की पूरी सूची अभी सार्वजनिक नहीं
लोकसभा में दिए गए आधिकारिक जवाब में सरकार ने 50 OTT प्लेटफॉर्म की संख्या और कार्रवाई के आधार के बारे में जानकारी दी है। हालांकि, सभी प्रभावित प्लेटफॉर्म के नामों की पूरी सूची सार्वजनिक जवाब में शामिल नहीं है।
इसलिए सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर सामने आने वाली किसी भी सूची को आधिकारिक मानने से पहले सरकारी स्रोत से पुष्टि करना जरूरी है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्य तथ्य यह है कि पिछले दो वर्षों में 50 OTT प्लेटफॉर्म की भारत में सार्वजनिक पहुंच को अश्लील कंटेंट और विभिन्न कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के मामलों में disable किया गया।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
केंद्र सरकार ने संकेत दिया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की निगरानी आगे भी जारी रहेगी। यदि किसी OTT प्लेटफॉर्म या अन्य डिजिटल इंटरमीडियरी के खिलाफ शिकायत प्राप्त होती है और जांच में कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में 50 OTT प्लेटफॉर्म के खिलाफ कार्रवाई कर डिजिटल कंटेंट के नियमन को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की है। सरकार का कहना है कि अश्लील और कानून का उल्लंघन करने वाले कंटेंट के खिलाफ शिकायतों के आधार पर कार्रवाई की जाती है। वहीं, IT Rules 2021 और अन्य संबंधित कानूनों के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारियां भी निर्धारित हैं।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि OTT और डिजिटल कंटेंट क्षेत्र में सरकार की निगरानी लगातार बढ़ रही है। आने वाले समय में भी नियमों का पालन नहीं करने वाले प्लेटफॉर्म के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

