कानपुर सेंट्रल पर अवैध शराब तस्करी का खुलासा, RPF-GRP ने इन दो आरोपियों को पकड़ा

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) कानपुर सेंट्रल की संयुक्त टीम ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर की गई सघन चेकिंग के दौरान संयुक्त टीम ने दो संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से विभिन्न ब्रांडों की लगभग दो लाख रुपये मूल्य की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई है।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी बरामद शराब को अवैध रूप से बिहार ले जाने की तैयारी में थे। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रेलवे स्टेशन पर संयुक्त टीम ने चलाया चेकिंग अभियान

रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट कानपुर सेंट्रल और जीआरपी कानपुर सेंट्रल की ओर से रेलवे स्टेशन तथा रेल परिसर में अपराध और अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में संयुक्त टीम ने कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध यात्रियों और सामान की सघन जांच की।

अभियान के दौरान टीम की नजर दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी। पूछताछ और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर पुलिसकर्मियों ने दोनों को रोककर उनके सामान की तलाशी ली। तलाशी के दौरान टीम को विभिन्न ब्रांडों की अंग्रेजी शराब मिली।

इसके बाद बरामद शराब को विधिवत कब्जे में लेते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई गई है।

बिहार ले जाने की तैयारी में थे आरोपी

प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह जानकारी सामने आई कि दोनों आरोपी शराब को अवैध रूप से बिहार ले जाने की फिराक में थे। हालांकि, संयुक्त टीम की सतर्कता के कारण उन्हें रेलवे स्टेशन पर ही पकड़ लिया गया।

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसे बिहार में किसे पहुंचाया जाना था। इसके अलावा, आरोपियों के संभावित नेटवर्क और तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

अवैध शराब की तस्करी के मामलों में पुलिस अक्सर सप्लाई चेन और उससे जुड़े नेटवर्क की जांच करती है। इसी वजह से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई

बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस द्वारा मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

जांच एजेंसियां बरामद शराब के स्रोत, परिवहन के तरीके और संभावित खरीदारों के संबंध में जानकारी जुटा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब की तस्करी को रोकने के लिए रेलवे परिसर और ट्रेनों में निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।

रेलवे स्टेशन तस्करी के लिए इस्तेमाल न हो, इसके लिए RPF और GRP की टीमें संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चला रही हैं। यात्रियों के सामान की जांच के साथ-साथ संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

RPF और GRP की संयुक्त कार्रवाई से मिली सफलता

इस कार्रवाई में रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। दोनों सुरक्षा एजेंसियां रेलवे परिसर में अपराध नियंत्रण और यात्रियों की सुरक्षा के लिए संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में रेलवे परिसर में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है।

इसी उद्देश्य से समय-समय पर संदिग्ध व्यक्तियों, सामान और अन्य गतिविधियों की जांच की जाती है। इस संयुक्त अभियान के दौरान हुई शराब बरामदगी को भी इसी सतर्कता अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।

अवैध तस्करी के खिलाफ अभियान रहेगा जारी

रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि रेलवे परिसर को अपराध और अवैध गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। अवैध शराब, मादक पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार, रेलवे मार्गों का इस्तेमाल अवैध तस्करी के लिए करने वालों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाती है।

इसके अलावा, यात्रियों से भी अपील की जाती है कि वे किसी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस सामान की जानकारी तत्काल रेलवे सुरक्षा बल या जीआरपी को दें। इससे रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

दो आरोपियों की गिरफ्तारी से तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज

दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां इस मामले से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं। पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब की खेप कहां से आई थी और इसे बिहार तक पहुंचाने की योजना कैसे बनाई गई थी।

जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया जारी है।

कुल मिलाकर, कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर RPF और GRP की संयुक्त कार्रवाई ने अवैध शराब तस्करी के प्रयास को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। करीब दो लाख रुपये मूल्य की अंग्रेजी शराब की बरामदगी के साथ दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां पूरे मामले की आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

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