फतेहगढ़ होमगार्ड मामले मे नया अपडेट , पढिए कौन कौन किसान नेता लिया गया हिरासत मे

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रिपोर्ट -हर्ष वर्मा 

फतेहगढ़: उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़ स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड के साथ कथित अभद्रता, धक्का-मुक्की और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार समेत कई लोगों को हिरासत में लिया।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पहले से दर्ज मुकदमे के आधार पर की गई है। वहीं किसान संगठन के पदाधिकारियों ने इस कार्रवाई का विरोध जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मामला सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।

तीन थानों की पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई सीओ सिटी अभय वर्मा के नेतृत्व में की गई। अभियान में फतेहगढ़ कोतवाली, शहर कोतवाली और कादरीगेट थाना पुलिस की संयुक्त टीम शामिल रही।

पुलिस ने भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अजय कटियार को उनके आवास से हिरासत में लिया। इसके अलावा मामले में नामजद अन्य लोगों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपितों के संबंध में नियमानुसार आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

होमगार्ड की तहरीर पर दर्ज हुआ मुकदमा

फतेहगढ़ कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड शिवपूजन ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर अजय कटियार समेत सात नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

तहरीर में उल्लेख किया गया है कि 22 जुलाई की रात लगभग 8:30 बजे वह कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। उसी दौरान कुछ लोग वाहन लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्य गेट खोलने का अनुरोध किया।

गेट खोलने को लेकर हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अधिकारियों की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए मुख्य गेट खोलने से इनकार किया। इसके बाद कथित रूप से दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि होमगार्ड के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और धमकी भी दी गई। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

जबरन प्रवेश का भी लगाया गया आरोप

तहरीर के अनुसार, कुछ लोगों ने कथित रूप से कलेक्ट्रेट परिसर के साइड गेट से प्रवेश करने का प्रयास किया। शिकायत में कहा गया है कि रोकने पर कथित धक्का-मुक्की हुई, जिससे ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड को चोटें आईं।

पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर की जा रही है। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन का उल्लेख

एफआईआर के अनुसार घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ समय के लिए नारेबाजी और धरना-प्रदर्शन भी हुआ। पुलिस का कहना है कि इससे सरकारी कार्य प्रभावित हुआ और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी।

हालांकि इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

पुलिस ने शिकायत के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट, धमकी देने तथा अन्य संबंधित धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है।

अधिकारियों ने बताया कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आरोपितों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जा रही है। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

न्यायालय में पेश करने की तैयारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार हिरासत में लिए गए आरोपितों को नियमानुसार न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की जाएगी तथा किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।

किसान संगठन ने जताया विरोध

दूसरी ओर, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।

किसान नेताओं ने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई को लेकर अपनी असहमति भी दर्ज करा रहे हैं। संगठन के अनुसार आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।

प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की

प्रशासन ने जिले के लोगों से शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

साथ ही प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थानों की सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी आगे की कार्रवाई

इस प्रकार के मामलों में पुलिस जांच, न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए किसी भी पक्ष के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही निकाला जा सकता है।

इसी कारण पुलिस ने भी कहा है कि सभी तथ्यों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाएगा और कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

फतेहगढ़ कलेक्ट्रेट में होमगार्ड से कथित अभद्रता और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में पुलिस द्वारा भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सहित कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस का कहना है कि कार्रवाई दर्ज मुकदमे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई है, जबकि किसान संगठन ने इसका विरोध करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

फिलहाल मामला जांच के अधीन है और आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय एवं पुलिस जांच के निष्कर्षों के अनुसार आगे बढ़ेगी। ऐसे में इस प्रकरण की अंतिम स्थिति आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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