हमीरपुर में छात्रों का कैंडल मार्च: शिक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग, दिल्ली की घटना पर भी जताई नाराजगी

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रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम

हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जनपद में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों और दिल्ली में हाल ही में हुई घटनाओं के विरोध में छात्रों ने शांतिपूर्ण कैंडल मार्च निकाला।

इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र हाथों में तिरंगा और विभिन्न संदेशों वाले स्लोगन लेकर सड़कों पर उतरे। मार्च के माध्यम से उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने तथा पेपर लीक जैसे मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग उठाई।

कैंडल मार्च शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित अंबेडकर पार्क से शहीद पार्क तक निकाला गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और लोकतांत्रिक ढंग से अपनी मांगों को प्रशासन एवं सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग

कैंडल मार्च में शामिल छात्रों का कहना था कि देश की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय तथा छात्र हितैषी बनाए जाने की आवश्यकता है। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में पारदर्शिता सुनिश्चित होना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थियों का विश्वास बना रहे।

छात्रों ने यह भी कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं से मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का मनोबल प्रभावित होता है। इसलिए ऐसी घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

दिल्ली की घटना पर भी जताई नाराजगी

कैंडल मार्च के दौरान छात्रों ने दिल्ली में हाल ही में हुए घटनाक्रम पर भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रदर्शन में शामिल कई छात्रों ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान किए जाने की अपेक्षा करते हैं।

इसी क्रम में कुछ छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी निर्णय और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

हाथों में तिरंगा और संदेश लिखी तख्तियां

मार्च के दौरान छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और विभिन्न संदेश लिखी तख्तियां लेकर चल रहे थे। इन तख्तियों के माध्यम से उन्होंने शिक्षा सुधार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और छात्रों के हितों की रक्षा की मांग रखी।

मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने अनुशासित तरीके से अपनी बात रखी। कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों ने भी इस शांतिपूर्ण कार्यक्रम को देखा और छात्रों की मांगों पर चर्चा की।

अंबेडकर पार्क से शहीद पार्क तक निकला मार्च

छात्रों का यह कैंडल मार्च अंबेडकर पार्क से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए शहीद पार्क पहुंचा। पूरे मार्ग पर छात्र नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे।

यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा आवश्यक प्रबंध किए गए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

लोकतांत्रिक तरीके से उठाई गई मांगें

मार्च में शामिल छात्रों ने कहा कि वे संविधान द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत अपनी बात रख रहे हैं। उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जनजागरूकता बढ़ाना है।

उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और रचनात्मक सुझावों के माध्यम से समस्याओं का समाधान संभव है। इसलिए सरकार और संबंधित विभागों को छात्रों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

पेपर लीक मामलों में जवाबदेही की मांग

कैंडल मार्च के दौरान छात्रों ने विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करती हैं।

उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनाया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

प्रशासनिक व्यवस्था रही सतर्क

कैंडल मार्च के दौरान स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। पुलिस बल आवश्यक स्थानों पर तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील भी की। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद छात्र शांतिपूर्वक अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।

हमीरपुर में आयोजित छात्रों के कैंडल मार्च ने शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा। छात्रों ने शिक्षा सुधार, पेपर लीक मामलों में जिम्मेदारी तय करने और अपनी मांगों पर गंभीर विचार किए जाने की अपील की। साथ ही उन्होंने दिल्ली की हालिया घटना पर भी अपनी नाराजगी व्यक्त की।

आने वाले समय में संबंधित विभागों और सरकार की ओर से इन मांगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर छात्रों और आम जनता की नजर बनी रहेगी।

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