हाईस्कूल टॉपर खुशी के घर की सड़क छह साल बाद भी अधूरी, 230 मीटर इंटरलॉकिंग रोड का इंतजार कब खत्म होगा
रिपोर्ट-कृष्णा शर्मा
कानपुर: उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को गति देने के दावे लगातार किए जाते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उनकी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखने की बात कही जाती है। हालांकि, कानपुर से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। वर्ष 2020 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तर पर सातवीं रैंक हासिल करने वाली छात्रा खुशी द्विवेदी के घर तक जाने वाली सड़क आज भी अधूरी पड़ी है।
हैरानी की बात यह है कि इस सड़क के निर्माण का आश्वासन कई बार दिया गया, लेकिन करीब छह वर्ष बीत जाने के बाद भी महज 230 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क और नाली का निर्माण पूरा नहीं हो सका।
यह मामला न केवल एक सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि सरकारी घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच अब भी बड़ा अंतर मौजूद है।
मुख्यमंत्री ने किया था सड़क बनवाने का वादा
वर्ष 2020 में जब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम घोषित हुआ था, तब कानपुर की छात्रा खुशी द्विवेदी ने पूरे प्रदेश में सातवीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया था। उनकी इस उपलब्धि की प्रदेशभर में सराहना हुई थी।
उसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के मेधावी और टॉपर विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ उनके घर तक जाने वाली सड़क के निर्माण की भी घोषणा की थी। इस घोषणा से खुशी के परिवार और स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी कि अब वर्षों पुरानी सड़क की समस्या का समाधान हो जाएगा।
हालांकि, समय बीतता गया लेकिन यह उम्मीद अब तक पूरी नहीं हो सकी।
छह साल बाद भी अधूरी है 230 मीटर सड़क
जानकारी के अनुसार, कानपुर नगर निगम के वार्ड-87, जोन-2 के अंतर्गत आने वाली वीएसीएल सोसाइटी, सुंदरनगर बिनगवां में खुशी द्विवेदी का घर स्थित है। यहां उनके घर तक पहुंचने के लिए करीब 230 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क और नाली का निर्माण प्रस्तावित किया गया था।
बताया जा रहा है कि इस परियोजना को अब तक पांच बार निर्माण की तिथि मिल चुकी है। हर बार किसी न किसी कारण से काम शुरू नहीं हो पाया या बीच में ही रुक गया। अब अधिकारियों ने छठी बार इसी सप्ताह निर्माण कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया है।
परिवार को मिला केवल आश्वासन
खुशी द्विवेदी के पिता संजीव द्विवेदी का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों ने कई बार भरोसा दिलाया कि बारिश शुरू होने से पहले सड़क और नाली का निर्माण पूरा कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हर बार नई तारीख दी गई, लेकिन कार्य शुरू नहीं हुआ। अब जबकि मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है। ऐसे में परिवार के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लोगों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश ने बढ़ाई स्थानीय लोगों की परेशानी
बारिश शुरू होने के बाद सड़क की हालत और खराब हो गई है। जगह-जगह पानी भरने और कीचड़ होने से लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले भी सड़क जर्जर थी, लेकिन अब बारिश के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है। कई स्थानों पर जलभराव होने से वाहन निकालना कठिन हो जाता है। वहीं, दोपहिया वाहन चालकों को फिसलन का सामना करना पड़ता है।
बच्चों और बुजुर्गों को हो रही सबसे ज्यादा दिक्कत
क्षेत्र के लोगों के अनुसार, सड़क खराब होने का सबसे अधिक असर स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं पर पड़ रहा है। बारिश के दौरान बच्चों को स्कूल पहुंचने में कठिनाई होती है, जबकि बुजुर्गों के लिए इस रास्ते पर चलना जोखिम भरा बन जाता है।
इसके अलावा, यदि किसी व्यक्ति को अचानक अस्पताल जाना पड़े, तो खराब सड़क के कारण समय पर वाहन पहुंचाना भी मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क बनने से पूरे मोहल्ले को राहत मिलेगी।
विकास कार्यों की गति पर उठ रहे सवाल
महज 230 मीटर सड़क और नाली का निर्माण छह वर्षों में पूरा न होना विकास कार्यों की रफ्तार पर भी सवाल खड़े करता है। आमतौर पर इतनी छोटी परियोजना को कुछ सप्ताह या महीनों में पूरा किया जा सकता है, लेकिन लगातार टलती समय-सीमा ने लोगों की उम्मीदों को निराश किया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन समय पर निर्माण कार्य पूरा करता, तो बारिश के मौसम में उन्हें इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
स्थानीय लोगों की क्या है मांग?
क्षेत्रवासियों की मांग है कि नगर निगम और संबंधित विभाग इस मामले को प्राथमिकता दें। उनका कहना है कि सड़क और नाली का निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं से राहत मिल सके।
लोगों का यह भी कहना है कि निर्माण कार्य की स्पष्ट समय-सीमा तय की जाए और उसकी नियमित निगरानी हो, जिससे भविष्य में परियोजना फिर से लंबित न हो।
प्रशासन से अब छठी बार उम्मीद
नगर निगम अधिकारियों की ओर से एक बार फिर आश्वासन दिया गया है कि इसी सप्ताह सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखते हुए स्थानीय लोग तब तक पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं, जब तक मौके पर निर्माण कार्य शुरू होता हुआ दिखाई न दे।
यदि इस बार निर्माण समय पर पूरा होता है, तो न केवल खुशी द्विवेदी के परिवार को राहत मिलेगी, बल्कि पूरे इलाके के लोगों की वर्षों पुरानी समस्या का भी समाधान हो सकेगा।
कार्यप्रणाली पर सवाल
कानपुर की हाईस्कूल टॉपर खुशी द्विवेदी ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से प्रदेश का नाम रोशन किया था। उनके सम्मान में की गई घोषणाओं ने लोगों में उम्मीद जगाई थी, लेकिन छह साल बाद भी उनके घर तक जाने वाली 230 मीटर सड़क और नाली का निर्माण अधूरा रहना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

