हमीरपुर में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई, डॉ. अनीता गुप्ता ने महिलाओं की समस्याएं सुनकर दिए निस्तारण के निर्देश
रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम
हमीरपुर: महिलाओं से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हमीरपुर जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई आयोजित की गई। इस दौरान उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. अनीता गुप्ता ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों के शीघ्र एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी समस्याएं लेकर पहुंचीं। अधिकांश शिकायतें घरेलू विवाद, पारिवारिक समस्याओं और महिलाओं से जुड़े अन्य मामलों से संबंधित रहीं। आयोग की सदस्य ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित हुई महिला जनसुनवाई
महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हमीरपुर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने अपनी व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं को आयोग की सदस्य के सामने रखा। इसके बाद डॉ. अनीता गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों से शिकायतों के संबंध में जानकारी ली और मामलों के नियमानुसार समाधान के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
घरेलू समस्याओं से जुड़े मामले अधिक आए
जनसुनवाई में घरेलू समस्याओं से संबंधित शिकायतें सबसे अधिक सामने आईं। महिलाओं ने पारिवारिक विवाद, घरेलू परेशानियों और अन्य समस्याओं को लेकर आयोग के समक्ष अपनी बात रखी।
आयोग की सदस्य ने पीड़ित महिलाओं की बातों को ध्यानपूर्वक सुना। इसके साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों और अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को न्याय और सहायता उपलब्ध कराने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना चाहिए।
अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश
डॉ. अनीता गुप्ता ने जनसुनवाई के दौरान अधिकारियों को महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल औपचारिकता के रूप में न लिया जाए, बल्कि प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ता महिलाओं को उनकी शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि महिलाओं से संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर आपसी समन्वय मजबूत किया जाए।
सभी विभागों के बीच समन्वय पर जोर
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि महिलाओं से जुड़ी कई समस्याएं एक से अधिक विभागों से संबंधित होती हैं। ऐसे में किसी एक विभाग के स्तर पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती।
इसलिए उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर शिकायतों के समाधान पर काम करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि प्रशासन, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग मिलकर कार्य करेंगे तो महिलाओं की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ मामलों को सुनने और आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही।
विभिन्न क्षेत्रों से शिकायत लेकर पहुंचीं महिलाएं
हमीरपुर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर जनसुनवाई में पहुंचीं। कई महिलाओं ने अपने क्षेत्र और परिवार से जुड़ी समस्याओं को आयोग की सदस्य के सामने रखा।
जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं को उम्मीद थी कि उनकी शिकायतों पर संबंधित विभागों की ओर से कार्रवाई की जाएगी। आयोग की सदस्य ने सभी शिकायतों को सुना और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
इस दौरान अधिकारियों ने भी शिकायतों से संबंधित जानकारी दर्ज की और मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
महिलाओं को अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। आयोग की ओर से लगातार यह प्रयास किया जाता है कि महिलाएं अपनी समस्याओं को सामने लाने में संकोच न करें।
डॉ. अनीता गुप्ता ने कहा कि किसी भी महिला को अपनी समस्या लेकर संबंधित विभाग या आयोग के सामने आने में झिझक नहीं करनी चाहिए। शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संबंधित संस्थाएं लगातार काम कर रही हैं।
शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता जरूरी
आयोग की सदस्य ने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। कई बार शिकायतकर्ता महिलाएं व्यक्तिगत और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण मानसिक दबाव में होती हैं।
ऐसे में उनकी बात को धैर्यपूर्वक सुनना और समस्या को समझना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण करते समय नियमों के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण का भी ध्यान रखा जाए।
जनसुनवाई से महिलाओं को मिली शिकायत रखने की सुविधा
महिला जनसुनवाई के आयोजन से जिले की महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे आयोग की सदस्य के सामने रखने का अवसर मिला। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं ने भी अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।
जनसुनवाई के माध्यम से महिलाओं को यह भरोसा मिला कि उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके साथ ही, अधिकारियों को भी शिकायतों की वास्तविक स्थिति समझने और आवश्यक कार्रवाई करने का अवसर मिला।
विभागीय अधिकारियों से कार्रवाई की जानकारी ली
जनसुनवाई के दौरान आयोग की सदस्य ने अधिकारियों से शिकायतों की स्थिति और उनके निस्तारण को लेकर जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव है, उनमें बिना अनावश्यक देरी के कदम उठाए जाएं।
वहीं, जिन मामलों में विस्तृत जांच की आवश्यकता है, उनमें निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
महिलाओं की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता
राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. अनीता गुप्ता ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों को लंबित रखने के बजाय समयबद्ध तरीके से कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि महिला सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मामलों में सभी विभागों को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
जनसुनवाई के बाद कार्रवाई पर नजर
हमीरपुर में आयोजित महिला जनसुनवाई के बाद अब संबंधित विभागों द्वारा शिकायतों पर की जाने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। आयोग की सदस्य ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए।
अब यह देखना होगा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभाग कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और शिकायतकर्ता महिलाओं को कब तक राहत मिलती है।
कुल मिलाकर, हमीरपुर में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची महिलाओं ने अपनी समस्याएं रखीं। आयोग की सदस्य डॉ. अनीता गुप्ता ने शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में घरेलू समस्याओं से जुड़े मामले प्रमुख रूप से सामने आए। इसके अलावा, आयोग की सदस्य ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर महिलाओं की शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अब संबंधित विभागों की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जनसुनवाई में दर्ज शिकायतों का कितनी तेजी से निस्तारण किया जाता है।

