श्रावस्ती में अखिलेश, राहुल और प्रियंका की गिरफ्तारी के विरोध में सपा-कांग्रेस का प्रदर्शन – पढ़ें पूरी खबर

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रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में श्रावस्ती जिले में सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। देर रात भिनगा के ईदगाह तिराहा पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारेबाजी की।

देर रात सड़क पर बैठकर किया विरोध

सपा और कांग्रेस कार्यकर्ता देर रात भिनगा के ईदगाह तिराहा पर एकत्र हुए। इसके बाद कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और दिल्ली में विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की।

सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप

प्रदर्शन में शामिल सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए।

कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विरोध करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विरोध के लिए भी स्थान होना चाहिए।

हालांकि, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए इन राजनीतिक आरोपों पर सरकार या संबंधित प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अलग से सामने आना बाकी है।

प्रधानमंत्री के खिलाफ लगाए नारे

प्रदर्शन के दौरान सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई पर सवाल उठाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में सड़क पर उतरे हैं। उन्होंने मांग की कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर सरकार स्पष्ट जवाब दे।

इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर राजनीतिक नारेबाजी का दौर जारी रहा।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का किया प्रयास

प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया, ताकि यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।

हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर बैठे रहे और उन्होंने तत्काल हटने से इनकार कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।

प्रशासन की प्राथमिकता प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकना रही।

मौके पर भारी पुलिस बल तैनात

प्रदर्शन को देखते हुए भिनगा के ईदगाह तिराहा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। मौके पर एसडीएम, एएसपी, डीएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

अधिकारियों ने प्रदर्शन स्थल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की।

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में भी पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई।

प्रशासन की प्रदर्शन पर लगातार नजर

देर रात तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखता रहा। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि प्रदर्शन के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो।

प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की गई। वहीं, प्रदर्शनकारी अपने नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में नारेबाजी करते रहे।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के कारण स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा गया।

विपक्षी नेताओं की रिहाई के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, अखिलेश यादव और राहुल गांधी की रिहाई के बाद सपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ता मौके से हट गए।

प्रदर्शन समाप्त होने के बाद प्रशासन और पुलिस ने क्षेत्र में स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को सामान्य करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

प्रदर्शन के दौरान किसी बड़े अप्रिय घटनाक्रम की सूचना सामने नहीं आई।

सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जताई राजनीतिक एकजुटता

श्रावस्ती में हुए इस प्रदर्शन के दौरान सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक साथ अपनी राजनीतिक एकजुटता दिखाई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में एकजुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों और विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस प्रदर्शन के जरिए स्थानीय स्तर पर सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी राजनीतिक सक्रियता भी दिखाई।

भिनगा में देर रात तक बना रहा माहौल

प्रदर्शन के चलते भिनगा के ईदगाह तिराहा क्षेत्र में देर रात तक राजनीतिक गतिविधियां बनी रहीं। सड़क पर कार्यकर्ताओं के बैठने और नारेबाजी के कारण प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को नियंत्रित रखा। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की गई।

विपक्षी नेताओं की रिहाई की जानकारी के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।

आगे भी जारी रह सकती है राजनीतिक प्रतिक्रिया

दिल्ली की घटना के बाद उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में विपक्षी दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जाने की संभावना बनी हुई है। श्रावस्ती में हुआ प्रदर्शन भी इसी राजनीतिक प्रतिक्रिया का हिस्सा रहा।

सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों दलों की ओर से और राजनीतिक बयान सामने आ सकते हैं।

कुल मिलाकर, श्रावस्ती में सपा-कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित किया गया। भिनगा के ईदगाह तिराहा पर देर रात कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। एसडीएम, एएसपी और डीएसपी समेत भारी पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।

बाद में अखिलेश यादव और राहुल गांधी की रिहाई के बाद सपा-कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया। अब इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक दलों की आगे की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

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