मेरठ में उधारी के विवाद में मेडिकल स्टोर संचालक से मारपीट, वीडियो वायरल होने पर थाने पहुंचा परिवार
रिपोर्ट – मनीष पाराशर
मेरठ: थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र के तारापुरी स्थित आरा मशीन वाली गली में उधारी के पैसों को लेकर विवाद के बाद एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि कुछ युवकों ने पैसे देने के बहाने उसे बुलाया और वहां उसके साथ मारपीट की। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद परिवार को मामले की जानकारी हुई। इसके बाद पीड़ित के पिता ने लिसाड़ी गेट थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, वायरल वीडियो और तहरीर में लगाए गए आरोपों के आधार पर घटना से जुड़े लोगों की पहचान और पूरे मामले की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
उधारी के पैसों को लेकर शुरू हुआ विवाद
पीड़ित परिवार के मुताबिक, उनका बेटा मेडिकल स्टोर पर बैठता है। आरोप है कि क्षेत्र में रहने वाला एक युवक अक्सर मेडिकल स्टोर से दवाइयां और अन्य सामान उधार लेकर जाता था। परिवार का कहना है कि पुराना भुगतान नहीं होने के कारण जब उससे पैसे मांगे जाते थे तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी होती थी।
बताया गया कि घटना वाले दिन भी संबंधित युवक मेडिकल स्टोर पर सामान लेने पहुंचा था। पुराना भुगतान नहीं होने के कारण मेडिकल स्टोर संचालक ने सामान देने से मना कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद होने की बात सामने आई।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसी विवाद के बाद युवक ने फोन करके पैसे देने के बहाने मेडिकल स्टोर संचालक को आरा मशीन वाली गली में बुलाया।
बुलाने के बाद मारपीट का आरोप
शिकायत में पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जब युवक बताए गए स्थान पर पहुंचा तो वहां कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। इसके बाद उसे घेरकर मारपीट की गई। परिवार ने पुलिस को दी गई तहरीर में कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं, जबकि कुछ अन्य लोगों की पहचान अज्ञात बताई गई है।
पीड़ित पक्ष का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उसे धमकी दी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
घटना के बाद पीड़ित युवक ने परिवार को तत्काल पूरी जानकारी नहीं दी। परिवार के मुताबिक, वह घटना को लेकर डरा हुआ था। इसी बीच सोशल मीडिया पर मारपीट से संबंधित वीडियो सामने आया, जिसे देखने के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई।
वीडियो वायरल होने के बाद परिवार को हुई जानकारी
पीड़ित के पिता का कहना है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मारपीट की घटना दिखाई दे रही थी। आरोप है कि वीडियो को सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक अंदाज में प्रसारित किया गया। परिवार का कहना है कि वीडियो देखने के बाद उन्होंने बेटे से जानकारी ली, जिसके बाद घटना के बारे में पूरी जानकारी सामने आई।
इसके बाद परिवार लिसाड़ी गेट थाने पहुंचा और पुलिस को लिखित तहरीर दी। पीड़ित पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस अब वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वीडियो कब और कहां बनाया गया, इसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।
पुलिस ने शुरू की जांच
लिसाड़ी गेट थाना प्रभारी दलवीर सिंह के अनुसार, पीड़ित पक्ष की ओर से शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तहरीर में लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही घटना के संबंध में अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में किसी भी आरोपी को दोषी मानने से पहले जांच और साक्ष्यों की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पीड़ित परिवार ने की कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। परिवार का कहना है कि उधारी के पैसों को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद जिस तरह घटना हुई, उससे वे चिंतित हैं।
वहीं, पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी वीडियो या जानकारी को बिना पुष्टि के आगे प्रसारित न करें। वायरल वीडियो की वास्तविकता और उसके संदर्भ की जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित होगा।
जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की पूरी तस्वीर
फिलहाल लिसाड़ी गेट पुलिस मामले की जांच में जुटी है। शिकायत में बताए गए नामों, अज्ञात लोगों की भूमिका, वायरल वीडियो और घटनास्थल से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस यह भी देख रही है कि घटना के पीछे केवल उधारी का विवाद था या कोई अन्य कारण भी जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, घटना के समय मौजूद लोगों और आसपास के संभावित गवाहों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र में उधारी के विवाद के बाद मेडिकल स्टोर संचालक से मारपीट और वीडियो वायरल होने का मामला पुलिस जांच के दायरे में है। पीड़ित परिवार ने न्याय और सुरक्षा की मांग की है, जबकि पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

