बिजनौर के अजूपुर जट में गुलदार के हमले में महिला की मौत, वन विभाग ने शुरू किया सर्च अभियान
रिपोर्ट – तबिश मिर्जा
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र के अजूपुर जट गांव में मंगलवार को एक दुखद घटना सामने आई। खेत पर चारा लेने गई एक महिला पर कथित रूप से गुलदार ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में चिंता और सतर्कता का माहौल है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गुलदार की तलाश के लिए अभियान शुरू कर दिया। साथ ही ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
खेत पर चारा लेने गई थीं महिला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला अपने दैनिक कार्य के तहत गांव के समीप खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई थीं। इसी दौरान उन पर गुलदार द्वारा हमला किए जाने की सूचना सामने आई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग और परिजन मौके पर पहुंचे।
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को तुरंत सूचना दी गई, जिसके बाद संबंधित अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस एवं वन विभाग की टीम आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया में जुटी हुई है।
गांव में चिंता का माहौल
घटना के बाद अजूपुर जट गांव के लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र जंगल और हरित क्षेत्र के निकट होने के कारण समय-समय पर वन्यजीवों की गतिविधियां देखी जाती रही हैं। हालिया घटना के बाद लोग विशेष रूप से सतर्क हो गए हैं और खेतों में अकेले जाने से बच रहे हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार निगरानी बढ़ाने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।
वन विभाग ने शुरू किया सर्च अभियान
सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र में गुलदार की तलाश शुरू कर दी। अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीव की गतिविधियों का पता लगाने के लिए क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी लगाई जा सकती हैं।
वन विभाग ने यह भी कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बरसात के मौसम में बढ़ जाती है वन्यजीवों की गतिविधि
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ सकती है। पानी, भोजन या सुरक्षित स्थान की तलाश में कुछ वन्यजीव जंगल से सटे गांवों और खेतों की ओर पहुंच जाते हैं।
ऐसी परिस्थितियों में जंगल से लगे इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। विशेषकर सुबह और शाम के समय खेतों या घने क्षेत्रों में जाते समय सतर्क रहना आवश्यक माना जाता है।
ग्रामीणों के लिए सुरक्षा संबंधी सुझाव
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे निम्नलिखित सावधानियां अपनाएं—
- जंगल या घने खेतों की ओर अकेले न जाएं।
- सुबह और शाम के समय विशेष सतर्कता बरतें।
- बच्चों को अकेले खेतों या जंगल के किनारे न भेजें।
- यदि किसी वन्यजीव की मौजूदगी दिखाई दे तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।
- अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल आधिकारिक जानकारी का पालन करें।
मानव और वन्यजीव के बीच संतुलन की आवश्यकता
विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों से सटे क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों का संपर्क पूरी तरह असामान्य नहीं है। इसलिए ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जनजागरूकता, समय पर सूचना और विभागीय समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है।
वन विभाग समय-समय पर प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाता है, ताकि लोग वन्यजीवों के व्यवहार को समझ सकें और किसी भी आपात स्थिति में सही कदम उठा सकें।
प्रशासन की अपील
स्थानीय प्रशासन और वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि यदि किसी को क्षेत्र में गुलदार या अन्य वन्यजीव दिखाई दे तो स्वयं उसे पकड़ने या भगाने का प्रयास न करें।
इसके बजाय तुरंत संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित टीम सुरक्षित तरीके से कार्रवाई कर सके। बिजनौर के अजूपुर जट गांव में हुई यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है।
प्रशासन और वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सर्च अभियान शुरू कर दिया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बरसात के मौसम में जंगल से सटे क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतना आवश्यक है। समय पर सूचना, विभागीय समन्वय और जनजागरूकता के माध्यम से ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम किया जा सकता है।

