बांदा से नैतिक पार्टी ने 2027 चुनाव का किया आगाज, राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

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रिपोर्ट – शैलेन्द्र शानू वर्मा

बांदा: उत्तर प्रदेश की राजनीति में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीतियों को धार देने में जुट गए हैं। इसी क्रम में नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायाधीश चंद्रभूषण पांडेय ने बांदा पहुंचकर पार्टी के चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज किया।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बांदा की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि बुंदेलखंड की धरती देश को नई दिशा देने की क्षमता रखती है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विभिन्न नीतियों पर सवाल उठाए तथा आगामी चुनाव में जनता से समर्थन की अपील की।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 का चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन का अवसर होगा। उनके अनुसार नैतिक पार्टी प्रदेश की जनता के सामने वैकल्पिक राजनीतिक सोच प्रस्तुत करने का प्रयास कर रही है।

बांदा की धरती को बताया अध्यात्म और शौर्य की भूमि

अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि बांदा की पहचान केवल बुंदेलखंड के एक महत्वपूर्ण जिले के रूप में नहीं है, बल्कि यह अध्यात्म, संस्कृति और वीरता की भूमि भी है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों ने हमेशा न्याय, स्वाभिमान और संघर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में नई राजनीतिक सोच को मजबूत करना है तो बांदा और पूरे बुंदेलखंड की जनता का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इसी उद्देश्य से पार्टी ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत इस क्षेत्र से करने का निर्णय लिया है।

वर्ष 2027 के चुनाव का किया उल्लेख

सभा को संबोधित करते हुए नैतिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी प्रदेशभर में जनसंपर्क अभियान चलाएगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी विकास, पारदर्शिता, न्याय और सामाजिक समरसता के मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का कार्य शुरू किया जा चुका है और आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भाजपा की नीतियों पर उठाए सवाल

अपने संबोधन के दौरान चंद्रभूषण पांडेय ने भारतीय जनता पार्टी की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कई नीतियां समाज के विभिन्न वर्गों के बीच असंतोष पैदा कर रही हैं। उनके अनुसार सरकार को सभी वर्गों के हितों को समान रूप से ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए तथा नीति निर्माण में किसी भी प्रकार के भेदभाव की भावना नहीं होनी चाहिए।

कानूनों और नीतियों को लेकर जताई आपत्ति

पूर्व न्यायाधीश ने अपने भाषण में कुछ कानूनों और नीतिगत निर्णयों का उल्लेख करते हुए उन पर असहमति जताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा और सामाजिक नीतियों से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा और सभी पक्षों की भागीदारी आवश्यक है।

इसके साथ ही उन्होंने जातीय जनगणना सहित अन्य मुद्दों पर भी अपनी पार्टी का दृष्टिकोण रखा। उनका कहना था कि सरकार को ऐसे निर्णय लेने चाहिए जो समाज में विश्वास और समान अवसर की भावना को मजबूत करें।

बुंदेलखंड के विकास पर भी रखी बात

चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि बुंदेलखंड लंबे समय से विकास की चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने क्षेत्र में रोजगार, सिंचाई, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र का समुचित विकास किया जाए तो यहां के युवाओं को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी बुंदेलखंड के विकास को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करेगी।

धार्मिक और सामाजिक मुद्दों का किया उल्लेख

सभा के दौरान उन्होंने धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान सभी को करना चाहिए तथा सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है।

उन्होंने यह भी कहा कि जनता के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर संवाद जारी रखा जाएगा और पार्टी अपने विचार लोकतांत्रिक तरीके से लोगों तक पहुंचाएगी।

लोकतांत्रिक व्यवस्था पर व्यक्त किए विचार

अपने भाषण में उन्होंने लोकतंत्र, संसद और जनप्रतिनिधित्व जैसे विषयों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है तथा जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास होता है और राजनीतिक दलों को जनता की समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता से कार्य करना चाहिए।

संगठन विस्तार पर दिया जोर

कार्यक्रम में मौजूद पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चंद्रभूषण पांडेय ने संगठन विस्तार पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद स्थापित करे और पार्टी की नीतियों एवं कार्यक्रमों की जानकारी दे।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यदि कार्यकर्ता पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ कार्य करेंगे तो आगामी चुनाव में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।

कार्यकर्ताओं में दिखा उत्साह

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष के संबोधन के बाद कार्यकर्ताओं ने आगामी चुनाव की तैयारियों को लेकर उत्साह व्यक्त किया। मंच से पार्टी की भविष्य की रणनीति, संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को लेकर भी चर्चा की गई।

राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा कार्यक्रम

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी सक्रियता बढ़ानी शुरू कर दी है। ऐसे में नैतिक पार्टी द्वारा बांदा से चुनावी अभियान की शुरुआत को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में पार्टी अपने संगठन का कितना विस्तार कर पाती है और प्रदेश की राजनीति में किस प्रकार अपनी उपस्थिति दर्ज कराती है।

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