श्रावस्ती के इस तालाब में डूबने से महिला की हुई मौत, पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव – जानिए कहां

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रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला 

श्रावस्ती: जिले के इकौना थाना क्षेत्र के भलुहिया दसौंधी गांव में रविवार सुबह एक दुखद हादसे में 56 वर्षीय महिला की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को तालाब से बाहर निकलवाया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला रविवार सुबह घर से दैनिक कार्य के लिए बाहर निकली थीं। इसी दौरान ईंट भट्ठे के लिए मिट्टी निकालकर बनाए गए एक तालाब के पास उनका संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह गहरे पानी में चली गईं। परिजनों का कहना है कि महिला का एक हाथ पहले से फ्रैक्चर था, जिसके कारण वह स्वयं को संभाल नहीं सकीं और पानी से बाहर नहीं निकल पाईं।

सुबह घर से निकली थीं महिला

मृतका की पहचान रंजना (56 वर्ष), पत्नी मयाराम, निवासी भलुहिया दसौंधी के मजरा जमुनहा गांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, रंजना रविवार सुबह रोज की तरह घर से बाहर गई थीं। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटीं तो परिवार के सदस्यों को चिंता हुई।

इसके बाद परिजनों ने आसपास के लोगों को सूचना दी और गांव के लोगों के साथ उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद उनका शव गांव के पास स्थित तालाब में दिखाई दिया। यह देखकर परिजनों और ग्रामीणों में शोक फैल गया।

तालाब में मिला महिला का शव

ग्रामीणों ने तुरंत घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही इकौना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से महिला के शव को तालाब से बाहर निकलवाया।

इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिनगा भेज दिया, ताकि मृत्यु के कारणों की विधिवत पुष्टि की जा सके।

फ्रैक्चर के कारण खुद को नहीं संभाल सकीं

परिजनों का कहना है कि रंजना का एक हाथ पहले से फ्रैक्चर था। उनका मानना है कि यदि उनका हाथ सामान्य स्थिति में होता तो संभवतः वह संतुलन बनाकर स्वयं को बचाने का प्रयास कर सकती थीं।

बताया जा रहा है कि तालाब में पानी अपेक्षाकृत अधिक गहरा था। ऐसे में संतुलन बिगड़ने के बाद उनके लिए बाहर निकलना संभव नहीं हो सका। हालांकि, मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

ईंट भट्ठे के लिए मिट्टी निकालने से बना था तालाब

स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस तालाब में यह घटना हुई, वह ईंट भट्ठे के लिए मिट्टी की खुदाई के बाद बना था। बरसात और अन्य स्रोतों से उसमें पानी भर गया था। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर सुरक्षा संबंधी पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।

हालांकि, पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि घटना पूरी तरह दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण तो नहीं है। फिलहाल किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

काफी देर तक घर नहीं लौटने पर शुरू हुई तलाश

परिजनों ने बताया कि रंजना के काफी देर तक घर नहीं लौटने पर पहले आसपास के क्षेत्रों में उनकी तलाश की गई। जब कहीं उनका पता नहीं चला तो गांव के अन्य लोगों की मदद ली गई।

तलाश के दौरान ग्रामीण तालाब के पास पहुंचे, जहां पानी में उनका शव दिखाई दिया। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने बिना देर किए मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

पुलिस ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया

इकौना थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और पंचनामा भरने की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी निरीक्षक ने क्या कहा

इकौना थाना प्रभारी निरीक्षक परमानंद तिवारी ने बताया कि महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और सभी पहलुओं का परीक्षण किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि अब तक की जांच में मामला प्रथम दृष्टया दुर्घटनाजन्य प्रतीत हो रहा है। हालांकि अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा।

परिवार में शोक का माहौल

घटना के बाद मृतका के परिवार में गहरा शोक व्याप्त है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का वातावरण बना हुआ है। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और प्रशासन से ऐसे जलभराव वाले स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में ऐसे तालाबों और गड्ढों के आसपास सावधानी बरतना आवश्यक है। साथ ही यदि इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा घेराबंदी की व्यवस्था हो तो भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।

सुरक्षा के प्रति जागरूकता भी है आवश्यक

जानकारों का मानना है कि बरसात के मौसम में जलभराव वाले क्षेत्रों, गहरे तालाबों और मिट्टी की खुदाई से बने गड्ढों के आसपास विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। विशेष रूप से बुजुर्गों और शारीरिक रूप से अस्वस्थ लोगों के लिए ऐसे स्थानों पर अकेले जाने से बचना अधिक सुरक्षित माना जाता है।

इसके अलावा स्थानीय प्रशासन और संबंधित संस्थाओं द्वारा संभावित जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं तो दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र में हुई यह घटना एक दुखद दुर्घटना है, जिसने पूरे परिवार को गहरे शोक में डाल दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वहीं स्थानीय स्तर पर भी ऐसे जलभराव वाले स्थानों पर सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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