कानपुर के ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में रक्तदान शिविर आयोजित, लोगों ने बढ़-चढ़कर किया रक्तदान
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों की सहायता के उद्देश्य से कानपुर के जरौली स्थित ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में संकल्प सेवा समिति की ओर से एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों, युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की सेवा का संदेश दिया। आयोजन के दौरान रक्तदान के महत्व, इसके स्वास्थ्य संबंधी लाभों तथा समाज में इसकी आवश्यकता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।
रक्तदान शिविर का उद्देश्य केवल रक्त एकत्र करना नहीं था, बल्कि समाज के अधिक से अधिक लोगों को इस नेक कार्य से जोड़ना भी था। इसी क्रम में विद्यालय प्रबंधन और संकल्प सेवा समिति के पदाधिकारियों ने उपस्थित अभिभावकों, विद्यार्थियों और नागरिकों को रक्तदान के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि एक यूनिट रक्त कई मरीजों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
संकल्प सेवा समिति की पहल को मिला लोगों का भरपूर सहयोग
शिविर का आयोजन संकल्प सेवा समिति की ओर से किया गया, जिसमें क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। सुबह से ही रक्तदान करने वाले स्वयंसेवकों का विद्यालय परिसर में पहुंचना शुरू हो गया। चिकित्सकीय टीम ने सभी इच्छुक रक्तदाताओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद निर्धारित मानकों के अनुरूप रक्त संग्रह किया।
आयोजकों के अनुसार रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित प्रक्रिया है। इसलिए योग्य और स्वस्थ व्यक्ति समय-समय पर रक्तदान कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। शिविर में मौजूद चिकित्सा विशेषज्ञों ने रक्तदाताओं को रक्तदान से पहले और बाद में बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की भी जानकारी दी।
विद्यालय में बच्चों और अभिभावकों को किया गया जागरूक
ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल के संचालक श्रेय पांडेय ने इस अवसर पर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा मानवीय दान माना जाता है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति नियमित रूप से रक्तदान करने का संकल्प ले, तो अस्पतालों में रक्त की कमी जैसी स्थिति को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से भी अपील की कि वे अभी से रक्तदान के महत्व को समझें और भविष्य में निर्धारित आयु पूरी होने पर स्वैच्छिक रक्तदाता बनकर समाज सेवा में योगदान दें। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं में जागरूकता बढ़ाने से भविष्य में रक्तदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी।
‘रक्तदान किसी के जीवन में नई उम्मीद ला सकता है’
संकल्प सेवा समिति के अध्यक्ष संतोष सिंह चौहान ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा कार्य है, जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति बिना किसी आर्थिक खर्च के किसी जरूरतमंद की जान बचाने में सहयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, ऑपरेशन, प्रसव, गंभीर बीमारियों और अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक होता है।
उन्होंने कहा कि कई बार केवल रक्त की उपलब्धता के अभाव में मरीजों और उनके परिजनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में यदि अधिक से अधिक लोग स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आएं, तो समाज में रक्त की कमी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
संतोष सिंह चौहान ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि रक्तदान को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसे नियमित सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति निर्धारित अंतराल पर रक्तदान करके कई लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है।
रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों को किया गया दूर
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित विशेषज्ञों ने रक्तदान से जुड़ी कई सामान्य भ्रांतियों को भी दूर किया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक मानकों के अनुसार किया गया रक्तदान पूरी तरह सुरक्षित होता है और इससे शरीर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। बल्कि निर्धारित समय के बाद शरीर स्वयं रक्त की कमी को पूरा कर लेता है।
इसके अलावा विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि रक्तदान करने से पहले व्यक्ति का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। यदि वह निर्धारित मानकों पर खरा उतरता है, तभी उससे रक्त लिया जाता है। इस प्रक्रिया में सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता है।
समाज सेवा की भावना को मिला बढ़ावा
रक्तदान शिविर केवल स्वास्थ्य सेवा का माध्यम नहीं रहा, बल्कि इसने सामाजिक सहभागिता और मानवीय मूल्यों को भी मजबूत किया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने एक-दूसरे को रक्तदान के लिए प्रेरित किया और भविष्य में भी ऐसे अभियानों से जुड़ने का संकल्प लिया।
विद्यालय परिसर में पूरे आयोजन के दौरान उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। स्वयंसेवकों ने रक्तदान करने वालों का स्वागत किया तथा उन्हें प्रमाण-पत्र और धन्यवाद देकर सम्मानित किया। इससे अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरणा मिली।
युवाओं की भागीदारी रही उल्लेखनीय
शिविर में युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में युवा स्वयंसेवकों ने न केवल रक्तदान किया, बल्कि शिविर के सफल संचालन में भी सहयोग दिया। उन्होंने पंजीकरण, व्यवस्था और जागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युवाओं में रक्तदान की भावना मजबूत होगी, तो भविष्य में सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में काफी मदद मिलेगी। इसलिए ऐसे आयोजन समाज के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं।
स्वास्थ्य और मानवता दोनों के लिए महत्वपूर्ण है रक्तदान
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, रक्तदान एक सुरक्षित और जिम्मेदार सामाजिक कार्य है। इससे न केवल जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिल पाता है, बल्कि समाज में सहयोग और सेवा की भावना भी मजबूत होती है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं समय-समय पर रक्तदान शिविर आयोजित कर लोगों को इसके प्रति जागरूक करती रहती हैं।
कानपुर के जरौली स्थित ज्योति हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित रक्तदान शिविर ने समाज में सेवा, सहयोग और मानवता का प्रेरणादायक संदेश दिया। संकल्प सेवा समिति की इस पहल को स्थानीय नागरिकों, युवाओं और विद्यालय परिवार का भरपूर सहयोग मिला। कार्यक्रम के दौरान रक्तदान के महत्व पर जागरूकता फैलाने के साथ-साथ लोगों को यह संदेश भी दिया गया कि स्वैच्छिक रक्तदान किसी जरूरतमंद के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और सुरक्षित रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होते हैं।

