राम मंदिर चढ़ावा मामले पर साध्वी निरंजन ज्योति का बयान, बोलीं- SIT जांच के बाद दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

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रिपोर्ट – कृष्णा शर्मा

कानपुर: भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कानपुर दौरे के दौरान अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि किसी स्तर पर कोई अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस प्रकरण की निगरानी कर रहे हैं। इसलिए जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। उनके अनुसार, जांच एजेंसी सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसके बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है

साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि किसी भी धार्मिक स्थल से जुड़े मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसी कारण सरकार ने इस प्रकरण को हल्के में लेने के बजाय तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना कार्य कर रही हैं और किसी भी दोषी को कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना है। इसके साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आएंगे तथ्य

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि किसी भी संवेदनशील मामले में बिना जांच पूरी हुए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है। ऐसे में उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार करें और अपुष्ट जानकारियों पर विश्वास करने से बचें।

उन्होंने कहा कि विशेष जांच दल का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। वहीं, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यदि कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है।

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए

साध्वी निरंजन ज्योति ने अपने संबोधन में कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास का केंद्र है। इसलिए कुछ व्यक्तियों की कथित गलती के आधार पर पूरे मंदिर या उससे जुड़े धार्मिक महत्व पर प्रश्नचिह्न लगाना उचित नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि देशभर के श्रद्धालु भगवान श्रीराम के प्रति गहरी श्रद्धा रखते हैं और उनकी आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी घटना के कारण करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने या भ्रम फैलाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।

अफवाहों से बचने की अपील

साध्वी निरंजन ज्योति ने जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर प्रसारित होने वाली अपुष्ट जानकारियों पर भरोसा न करें। किसी भी संवेदनशील विषय में गलत जानकारी तेजी से फैल सकती है, जिससे भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

उन्होंने कहा कि लोगों को केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करना चाहिए। यदि किसी प्रकार की जांच चल रही है तो उसके निष्कर्ष आने तक धैर्य और संयम बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

कानून अपना काम कर रहा है

अपने बयान में उन्होंने दोहराया कि कानून अपना कार्य पूरी निष्पक्षता के साथ कर रहा है। यही कारण है कि सरकार ने जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से काम करने की अनुमति दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन सिद्ध होता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है कि किसी भी मामले में दोषियों को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। जांच में निर्दोष पाए जाने वाले लोगों के साथ भी न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर दिया जोर

साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। इसी क्रम में उन्होंने कहा कि जांच का उद्देश्य केवल दोष तय करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना भी है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक विश्वास बनाए रखने के लिए जांच प्रक्रिया का निष्पक्ष और पारदर्शी होना जरूरी है। इससे लोगों का भरोसा भी मजबूत होता है और संस्थाओं की विश्वसनीयता भी बनी रहती है।

राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से संवेदनशील मामला

राम मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है और इससे जुड़ी किसी भी खबर पर व्यापक जनचर्चा होती है। साध्वी निरंजन ज्योति ने स्पष्ट किया कि इस मामले को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय तथ्यों के आधार पर समझने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को अपना कार्य बिना किसी दबाव के करने दिया जाना चाहिए। इसके बाद जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई होगी।

जनता से धैर्य बनाए रखने की अपील

अपने संबोधन के अंत में साध्वी निरंजन ज्योति ने नागरिकों और श्रद्धालुओं से शांति एवं धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी जांच प्रक्रिया को समय लगता है और जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होता।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जांच एजेंसी निष्पक्ष तरीके से अपना कार्य पूरा करेगी और सत्य सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह से बचना चाहिए।