आजमगढ़ के हुई पुलिस मुठभेड़: महिला पर हमला करने वाला आरोपी के पैर में लगी गोली, आगे पढ़िए
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के पवई कस्बे में महिला पर धारदार हथियार से हमला कर फरार हुए वांछित आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की। इसके बाद आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पवई भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में रखा गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध .315 बोर तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और 220 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अंजाम दिया गया।
रात में चल रही थी सघन चेकिंग
पुलिस के अनुसार 17 और 18 जुलाई की मध्यरात्रि को थानाध्यक्ष मनीषपाल सिंह के नेतृत्व में पवई थाना पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि महिला पर हमले का आरोपी सुजीत मौर्य खंडोरा अंडरपास के पास छिपा हुआ है और किसी सुरक्षित स्थान पर भागने की फिराक में है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके की घेराबंदी की। हालांकि, पुलिस को देखते ही आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय भागने का प्रयास किया। जब पुलिस ने उसे रुकने के लिए कहा, तब उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
पुलिस ने आत्मसमर्पण का दिया अवसर
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को पहले आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी गई। इसके बावजूद उसने दोबारा फायर करने का प्रयास किया। ऐसी स्थिति में पुलिस ने आत्मरक्षा के तहत जवाबी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में आरोपी सुजीत मौर्य के दाहिने पैर में गोली लगी, जिसके बाद वह घायल होकर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
इसके बाद पुलिस ने तत्काल उसे उपचार के लिए सीएचसी पवई पहुंचाया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद आगे की विधिक कार्रवाई शुरू की गई।
महिला पर हमले का क्या था मामला?
पुलिस के अनुसार यह मामला 16 जुलाई 2026 की रात का है। आरोप है कि लगभग रात 8:30 बजे पवई कस्बा निवासी सुजीत मौर्य चोरी-छिपे एक महिला के घर में घुस गया। महिला ने जब आरोपी को देखा तो उसने शोर मचाना शुरू कर दिया।
इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से धारदार हथियार से महिला की गर्दन पर दो वार तथा हाथ पर एक वार किया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया।
इस मामले में थाना पवई में मु0अ0सं0 176/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) एवं 118(1) में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
पूछताछ में आरोपी ने क्या बताया?
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने महिला पर हमला करने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार उसने बताया कि वह महिला को एकतरफा पसंद करता था और काफी समय से उसका पीछा कर रहा था। घटना के बाद गिरफ्तारी के डर से वह लगातार स्थान बदलकर छिपता रहा।
हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और पूछताछ के आधार पर प्राप्त तथ्यों का सत्यापन भी किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुठभेड़ में क्या-क्या हुआ बरामद?
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने निम्न सामान बरामद किया है—
- एक अवैध तमंचा .315 बोर
- एक जिंदा कारतूस
- एक खोखा कारतूस
- 220 रुपये नकद
बरामद अवैध हथियार को कब्जे में लेकर पुलिस ने उसे फोरेंसिक परीक्षण के लिए सुरक्षित किया है।
पुलिस पर फायरिंग का अलग मुकदमा दर्ज
महिला पर हमले के पहले से दर्ज मुकदमे के अतिरिक्त पुलिस पर फायरिंग और अवैध हथियार रखने के आरोप में आरोपी के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार मु0अ0सं0 177/2026 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 3/25/27 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। दोनों मामलों में आगे की विवेचना की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जिले में वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि गंभीर आपराधिक मामलों में फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकरण में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी का पता लगाया गया और उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों का विधिक परीक्षण कराया जाएगा तथा विवेचना निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी।
कानून व्यवस्था और सुरक्षा पर जोर
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो वह तत्काल स्थानीय पुलिस को सूचित करे। समय पर मिली सूचना से कई मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
फिलहाल घायल आरोपी का उपचार कराया जा रहा है। चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। वहीं, महिला का उपचार भी जारी है और पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

