अमेठी में जगन्नाथ सेवा संस्थान की अनूठी पहल, 800 हिंदू-मुस्लिम परिवारों के साथ मनाई दीपावली
रिपोर्ट – अंजनी मिश्रा
अमेठी: दीपावली का त्योहार केवल दीप जलाने और मिठाइयां बांटने का अवसर नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भाईचारे, सहयोग और सामाजिक समरसता का संदेश भी देता है। इसी भावना को साकार करते हुए उत्तर प्रदेश के अमेठी में जगन्नाथ सेवा संस्थान ने एक सराहनीय पहल की। संस्थान की ओर से करीब 800 हिंदू-मुस्लिम परिवारों के साथ दीपावली की खुशियां साझा की गईं। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों को साड़ी, सूट और मिठाइयां वितरित कर त्योहार की खुशियों में शामिल किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में आपसी प्रेम और धार्मिक सद्भाव का संदेश दिया गया।
इस आयोजन का नेतृत्व जगन्नाथ सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष महेश सोनी ने किया। कार्यक्रम में संस्थान की उपाध्यक्ष लक्ष्मी सोनी ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। उपहार पाकर जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली। वहीं, आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की भागीदारी रही।
800 हिंदू-मुस्लिम परिवारों को बांटे दीपावली के उपहार
दीपावली के अवसर पर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिला कार्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां महेश सोनी और लक्ष्मी सोनी ने जरूरतमंद परिवारों को साड़ी, सूट और मिठाइयां वितरित कीं। संस्थान की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी त्योहार की खुशियों में शामिल करना था।
दरअसल, त्योहारों का वास्तविक आनंद तभी है, जब समाज का हर वर्ग उनमें भागीदारी कर सके। इसी सोच के साथ संस्थान ने करीब 800 हिंदू-मुस्लिम परिवारों तक पहुंचकर उन्हें दीपावली की खुशियों में सहभागी बनाया। उपहार मिलने पर परिवारों ने प्रसन्नता जताई और संस्थान के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
इसके साथ ही कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि त्योहार किसी एक वर्ग या समुदाय तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये लोगों को आपस में जोड़ने और रिश्तों को मजबूत बनाने का अवसर प्रदान करते हैं।
महेश सोनी बोले- दूसरों के जीवन में खुशियों का प्रकाश फैलाना ही दीपावली
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जगन्नाथ सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश सोनी ने कहा कि दीपावली का वास्तविक अर्थ केवल अपने घर में रोशनी करना नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियों का प्रकाश फैलाना है। त्योहार की खुशियों पर हर व्यक्ति का समान अधिकार है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी परिवार दीपावली मनाने से वंचित न रहे, इसी उद्देश्य से संस्थान की ओर से यह आयोजन किया गया है। समाज में प्रेम, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।
महेश सोनी के अनुसार, समाज की वास्तविक मजबूती आपसी सहयोग और एक-दूसरे के सुख-दुख में शामिल होने से आती है। इसलिए जरूरी है कि त्योहारों के अवसर पर जरूरतमंद लोगों की मदद की जाए और उनके साथ खुशियां साझा की जाएं।
सामाजिक और जनहित के कार्यों में सक्रिय है संस्थान
जगन्नाथ सेवा संस्थान के माध्यम से महेश सोनी लंबे समय से सामाजिक और जनहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना, गरीब परिवारों को सहयोग देना और आपदा प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना उनके प्रमुख सामाजिक कार्यों में शामिल रहा है।
इसके अलावा, उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को भी समय-समय पर उठाया है। इनमें पेयजल संकट, रामलीला मैदान की साफ-सफाई, ओवरब्रिज निर्माण और रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक की व्यवस्था जैसे स्थानीय मुद्दे शामिल हैं।
इन प्रयासों के माध्यम से उनका उद्देश्य केवल त्योहारों पर सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि समाज की जरूरतों और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए भी लोगों को जागरूक करना रहा है।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
दीपावली के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान की उपाध्यक्ष लक्ष्मी सोनी के साथ सुशील जायसवाल, राकेश लोहिया, हिमांशु, राजू, अनूप अग्रवाल, सीता देवी, रुचि पांडेय और पुष्पा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
सभी ने जरूरतमंद परिवारों के बीच उपहार वितरण में सहयोग किया। कार्यक्रम के दौरान आपसी मेलजोल और उत्साह का माहौल देखने को मिला। खासतौर पर महिलाओं और बच्चों में उपहार मिलने को लेकर उत्साह रहा।
सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का दिया संदेश
जगन्नाथ सेवा संस्थान की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि समाज में प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए छोटे-छोटे प्रयास भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब अलग-अलग समुदायों के लोग एक-दूसरे की खुशियों में शामिल होते हैं, तो सामाजिक रिश्ते और मजबूत बनते हैं।
कुल मिलाकर, अमेठी में करीब 800 हिंदू-मुस्लिम परिवारों के साथ दीपावली मनाने की यह पहल सामाजिक समरसता और मानवीय सहयोग का उदाहरण बनी। संस्थान ने अपने आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी दूसरों के साथ खुशियां बांटने में है। समाज में आपसी सम्मान, सहयोग और सद्भाव की भावना बनी रहे, यही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

