बिजनौर में अवैध शराब की भट्टी पर पुलिस का छापा, 2 आरोपी गिरफ्तार, 80 लीटर कच्ची शराब बरामद
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में बढ़ापुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध शराब बनाने की भट्टी पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही 80 लीटर कच्ची शराब, लगभग 600 लीटर लहन और शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। दीपावली के त्योहार से पहले हुई इस छापेमारी को पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। वहीं, कार्रवाई के बाद अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हलचल देखी जा रही है।
अवैध शराब बनाने की सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस के अनुसार, बढ़ापुर थाना क्षेत्र में अवैध रूप से कच्ची शराब तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने संबंधित स्थान पर छापेमारी की योजना बनाई।
इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान वहां अवैध शराब बनाने की गतिविधियां सामने आईं। पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फुमन पुत्र तारा सिंह और संदीप पुत्र महावीर के रूप में हुई है। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
80 लीटर कच्ची शराब और 600 लीटर लहन बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से बड़ी मात्रा में अवैध शराब बनाने से संबंधित सामग्री मिली। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 80 लीटर कच्ची शराब बरामद की है। इसके अलावा लगभग 600 लीटर लहन भी बरामद किया गया।
लहन का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से कच्ची शराब तैयार करने की प्रक्रिया में किया जाता है। पुलिस ने इसे भी अपने कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की है।
इसके साथ ही शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए हैं। इनमें ट्यूब, ड्रम, बाल्टी और अन्य सामग्री शामिल है। पुलिस ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में एक पहले भी जा चुका है जेल
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल फुमन पुत्र तारा सिंह पहले भी आबकारी अधिनियम के एक मामले में जेल जा चुका है। उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
वहीं, दूसरे आरोपी संदीप की भूमिका और इस गतिविधि से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अवैध शराब का निर्माण किस उद्देश्य से किया जा रहा था और इसकी आपूर्ति कहां की जानी थी।
एसपी के निर्देशन में चल रहा अवैध शराब के खिलाफ अभियान
बिजनौर पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई के निर्देशन में जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य ऐसे अवैध कारोबार पर रोक लगाना और कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
खासकर त्योहारों के दौरान अवैध शराब की बिक्री और उसके वितरण की आशंका को देखते हुए पुलिस ने निगरानी बढ़ाई है। इसी अभियान के तहत बढ़ापुर क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब का निर्माण और बिक्री कानूनन अपराध है। इसके अलावा, बिना मानकों के तैयार की गई शराब लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई कर रही है।
एसपी ग्रामीण गौतम राय ने दी कार्रवाई की जानकारी
इस पूरे मामले में एसपी ग्रामीण गौतम राय ने पुलिस की कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से कच्ची शराब, लहन और शराब बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं।
फिलहाल, पुलिस आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में विधिक कार्रवाई कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध गतिविधि में अन्य लोग तो शामिल नहीं हैं।
दीपावली से पहले पुलिस की कार्रवाई से अवैध कारोबार पर नजर
दीपावली जैसे बड़े त्योहार से पहले बिजनौर पुलिस की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। त्योहारों के दौरान अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग की निगरानी अहम होती है।
बढ़ापुर थाना क्षेत्र में हुई इस छापेमारी से साफ है कि पुलिस अवैध शराब के कारोबार पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, इस मामले में आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि गिरफ्तार आरोपी कितने समय से इस गतिविधि में शामिल थे और अवैध शराब की आपूर्ति कहां की जानी थी।
फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर बरामद सामग्री जब्त कर ली है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

