शिवपाल यादव का भाजपा पर हमला, बोले- आजम खान को झूठे मुकदमों में फंसाकर किया जा रहा परेशान

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रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान

इटावा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने आजम खान के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं और उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। शिवपाल यादव ने कहा कि आजम खान समाजवादी पार्टी के बड़े नेता हैं और भाजपा को डर है कि यदि वह जेल से बाहर आए तो उत्तर प्रदेश की राजनीति में पार्टी को नुकसान हो सकता है।

दरअसल, सोमवार को इटावा शहर स्थित कर्मक्षेत्र महाविद्यालय में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिवपाल सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में शामिल होने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आजम खान के अलावा केशव प्रसाद मौर्य, स्वामी प्रसाद मौर्य और ओमप्रकाश राजभर के बयानों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।

आजम खान के समर्थन में उतरे शिवपाल यादव

आजम खान के मामले पर बोलते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि आजम खान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ और बड़े नेता हैं। उनके खिलाफ झूठे मुकदमे लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत से जमानत मिलने के बावजूद आजम खान को राहत नहीं मिल पा रही है। शिवपाल के मुताबिक, घर पहुंचने से पहले ही उनके आवास के गेट पर ईडी के अधिकारी पहुंच गए।

उन्होंने कहा कि आजम खान ने चंदा एकत्र करके विश्वविद्यालय तैयार कराया था, लेकिन अब सरकार और जांच एजेंसियों के माध्यम से उन्हें परेशान किया जा रहा है। शिवपाल यादव ने दावा किया कि आजम खान के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा को इस बात का डर है कि आजम खान बाहर आएंगे तो उत्तर प्रदेश में पार्टी के लिए राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शिवपाल ने विश्वास जताया कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद आजम खान को न्याय मिलेगा।

केशव प्रसाद मौर्य पर भी साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के बयानों को लेकर पूछे गए सवाल पर शिवपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य की सोच छोटी है। किसी भी व्यक्ति के बारे में इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।

शिवपाल यादव ने कहा कि इसी तरह की बयानबाजी के कारण प्रदेश की राजनीति का माहौल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने केशव प्रसाद मौर्य के चुनावी प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें दो बार चुनाव में पराजित किया है। उनके मुताबिक, इस तरह के बयान राजनीतिक हताशा को दर्शाते हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर दी प्रतिक्रिया

स्वामी प्रसाद मौर्य की ओर से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लेकर की गई टिप्पणी पर भी शिवपाल यादव ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्वामी प्रसाद मौर्य की भाषा और सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है। हालांकि, शिवपाल ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के भविष्य को लेकर भी टिप्पणी की।

ओमप्रकाश राजभर को लेकर भी बोले शिवपाल

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर के संबंध में पूछे गए सवाल पर शिवपाल यादव ने कहा कि वह पहले भी इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने राजभर की सोच को छोटी बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों से राजनीतिक माहौल प्रभावित होता है।

भाजपा सरकार पर लोकतंत्र और संविधान की अनदेखी का आरोप

पत्रकारों से बातचीत के दौरान शिवपाल यादव ने भाजपा सरकार पर समाजवादी पार्टी और इंडिया गठबंधन से घबराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र और संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं कर रही है।

शिवपाल यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार का कार्यकाल ज्यादा दिनों का नहीं है और आने वाले समय में उसे सत्ता से बाहर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की जनता के लिए जो काम किए हैं, उससे भाजपा परेशान है। इसी वजह से विपक्षी नेताओं के खिलाफ बयानबाजी की जा रही है।

पटेल जयंती कार्यक्रम में पहुंचे थे शिवपाल यादव

गौरतलब है कि इटावा के कर्मक्षेत्र महाविद्यालय में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें शिवपाल सिंह यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, विपक्षी नेताओं पर हो रही कार्रवाई और भाजपा नेताओं के बयानों को लेकर अपनी बात रखी।

शिवपाल यादव के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आजम खान का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उनके बयान में भाजपा सरकार, जांच एजेंसियों की कार्रवाई और विपक्षी दलों के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप प्रमुखता से सामने आए।

 

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