संत कबीर नगर में 121 दिव्यांग बच्चों को मिला बड़ा तोहफा, विधायक अनिल त्रिपाठी ने ऐसे बढ़ाया बच्चों का मनोबल, पढ़िए पूरी खबर
रिपोर्ट – शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी
संत कबीर नगर। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी शैक्षिक जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से समग्र शिक्षा समेकित शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने 121 दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुसार 145 सहायक उपकरण वितरित किए। यह कार्यक्रम एलिम्को (ALIMCO), कानपुर के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मेहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी का खंड शिक्षा अधिकारी गरिमा यादव ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद विधायक ने बच्चों को सहायक उपकरण वितरित किए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और संबंधित कर्मचारी मौजूद रहे।
दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा दिव्यांग बच्चों को उनकी जरूरत के हिसाब से आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन सुविधाओं का अधिकतम लाभ बच्चों और उनके अभिभावकों को उठाना चाहिए, ताकि दिव्यांग बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का उद्देश्य पूरा हो सके।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य के लिए अभिभावकों की सहभागिता भी बेहद जरूरी है। यदि जनपद में किसी बच्चे को आवश्यक सुविधा प्राप्त करने में परेशानी होती है और स्थानीय स्तर पर उसका समाधान नहीं हो पाता है, तो अभिभावक पड़ोसी जनपद गोरखपुर में स्थापित सीआरसी (CRC) केंद्र से भी बेहतर सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
आवश्यकता के अनुसार वितरित किए गए उपकरण
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए जिला समन्वयक डॉ. रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि समग्र शिक्षा समेकित शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों का आकलन कर उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार सहायक उपकरणों के लिए चयन किया गया था। इसके लिए 25 अगस्त 2025 को मेहदावल तहसील क्षेत्र के बच्चों का आकलन किया गया था। चयनित बच्चों को अब उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वितरण किए गए उपकरणों में ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर, ब्रेल किट, रोलेटर तथा बच्चों की आयु और शैक्षिक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण सहायक सामग्री शामिल हैं। इन उपकरणों का उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की दैनिक गतिविधियों को आसान बनाना और विद्यालय आने-जाने के साथ-साथ पढ़ाई में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है।
समग्र शिक्षा अभियान और एलिम्को मिलकर उठा रहे खर्च
जिला समन्वयक ने बताया कि इस योजना के तहत उपकरणों की व्यवस्था के लिए 40 प्रतिशत धनराशि समग्र शिक्षा अभियान द्वारा तथा 60 प्रतिशत धनराशि मानव संसाधन मंत्रालय के माध्यम से एलिम्को द्वारा वहन की जाएगी। इस सहयोग से जरूरतमंद बच्चों को उनकी दिव्यांगता के अनुसार आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
जनपद में कार्यरत हैं 23 स्पेशल एजुकेटर
डॉ. रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि वर्तमान में संत कबीर नगर जनपद में 23 स्पेशल एजुकेटर कार्यरत हैं। इनके माध्यम से परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता और दिव्यांगता के प्रकार के अनुसार शैक्षिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने बताया कि बच्चों को कक्षा और विषय के अनुसार लर्निंग मटेरियल दिया जाता है। वहीं, दृष्टिबाधित बच्चों के लिए ब्रेल लिपि में पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि वे भी अन्य बच्चों की तरह पढ़ाई कर सकें। इसके अलावा गंभीर दिव्यांगता की श्रेणी में आने वाले ऐसे बच्चे, जो किसी कारणवश विद्यालय तक नहीं पहुंच पाते हैं, उनके लिए होम बेस्ड एजुकेशन की व्यवस्था की गई है।
इस व्यवस्था के अंतर्गत स्पेशल एजुकेटर सप्ताह में एक दिन बच्चों के घर पहुंचकर उन्हें शैक्षिक सहयोग प्रदान करते हैं। इससे विद्यालय नहीं जा पाने वाले बच्चों को भी शिक्षा से जुड़े रहने का अवसर मिलता है।
हर बच्चे तक शिक्षा की सुविधा पहुंचाने का प्रयास
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि दिव्यांगता किसी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बननी चाहिए। इसके लिए आवश्यक है कि बच्चों को समय पर सहायक उपकरण, शिक्षण सामग्री और व्यक्तिगत शैक्षिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। संत कबीर नगर में 121 बच्चों को 145 उपकरणों का वितरण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
शिक्षा विभाग की ओर से शासन की योजनाओं के माध्यम से यह प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी बच्चा संसाधनों के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे और प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को अपनी क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

