लखीमपुर खीरी में 18 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, पैसों के विवाद में वारदात को दिया गया अंजाम – जरूर पढ़िए पूरा घटनाक्रम

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रिपोर्ट – शरद अवस्थी 

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में रविवार देर शाम एक युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। थाना नीमगांव क्षेत्र में कस्ता-सिकंदराबाद मार्ग पर हुई इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई। बाजार से घर लौटने के दौरान 18 वर्षीय युवक विपुल मिश्रा को निशाना बनाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक को दो गोलियां लगी थीं। गंभीर रूप से घायल विपुल की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हत्या के पीछे मजदूरी के पैसों को लेकर विवाद की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।

गांव का युवक बुलाकर ले गया था बाजार

जानकारी के अनुसार, मृतक विपुल मिश्रा (18) पुत्र रमाशंकर मूल रूप से मितौली थाना क्षेत्र के रामखेड़ा गांव का निवासी था। बताया जा रहा है कि रविवार शाम गांव का ही एक युवक उसे घर से बाजार जाने के लिए बुलाकर ले गया था। विपुल उसके साथ बाजार पहुंचा था। इसी दौरान कस्ता-सिकंदराबाद मार्ग पर कुछ लोगों के साथ उसका सामना हुआ।

बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर पहले से दो लोग मौजूद थे। आरोप है कि वहां विपुल के साथ पहले हाथापाई की गई और इसके बाद उस पर फायरिंग कर दी गई। अचानक हुई गोलीबारी से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई राउंड फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग सहम गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विपुल को दो गोलियां लगी थीं। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों में भी चिंता फैल गई। हालांकि, परिजनों को पूरी घटना की जानकारी मिल पाती, उससे पहले ही विपुल की मौत हो गई।

मजदूरी के रुपये को लेकर विवाद की आशंका

इस हत्याकांड में मजदूरी के पैसों को लेकर विवाद की बात सामने आ रही है। मृतक के पिता रमाशंकर ने बताया कि गांव का ही एक युवक विपुल को घर से बाजार ले गया था। बाद में उन्हीं लोगों की ओर से उसे गोली मारकर हत्या किए जाने की सूचना दी गई।

पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने जिन दो लोगों के नाम बताए हैं, विपुल उन्हीं के यहां मजदूरी करता था। इसी आधार पर मजदूरी के रुपये को लेकर विवाद होने की आशंका जताई जा रही है।

वहीं, परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने पहले भी विपुल को जान से मारने की धमकी दी थी। ऐसे में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को भी पुलिस जांच के दायरे में रखा गया है। हालांकि, अभी तक इस मामले में किसी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने किया घटनास्थल का निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही नीमगांव थाना पुलिस सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष प्रवीर गौतम, सिकंदराबाद चौकी प्रभारी और मितौली के प्रभारी निरीक्षक दिलीप चौबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद सीओ मितौली यादवेन्द्र यादव ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी अमित राय भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने घटना से संबंधित जानकारी जुटाई और आसपास के लोगों से पूछताछ की।

इसके अलावा, पुलिस ने वारदात के खुलासे के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था और युवक को बाजार ले जाने वाले व्यक्ति की इस पूरे मामले में क्या भूमिका रही।

तहरीर मिलने का इंतजार, पुलिस ने गठित की जांच टीमें

पुलिस के अनुसार, परिजनों ने फिलहाल मौखिक रूप से दो लोगों के नाम बताए हैं, लेकिन घटना के संबंध में लिखित तहरीर नहीं मिली थी। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रथम दृष्टया मामला मजदूरी के रुपये के विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत से संबंधित चिकित्सकीय तथ्यों की भी पुष्टि हो सकेगी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना के खुलासे के लिए टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही मामले का खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है।

18 वर्षीय विपुल की मौत से परिवार में शोक

महज 18 वर्ष की उम्र में विपुल मिश्रा की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस युवक को परिवार ने शाम को घर से बाजार जाते देखा था, उसकी हत्या की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

फिलहाल, पुलिस जांच के आधार पर यह स्पष्ट होने का इंतजार है कि विपुल की हत्या किस वजह से की गई और इस वारदात में किन लोगों की भूमिका थी। अब सभी की नजरें पुलिस की जांच और मामले के आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं।

मामले में पुलिस जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

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