कानपुर में बीती रात अवैध खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, दो डंपर और जेसीबी को किया जब्त – कनिये कहां की गई छापेमारी?

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रिपोर्ट – शुभम साहू 

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर जिले के घाटमपुर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ प्रशासन ने देर रात बड़ी कार्रवाई की। मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी कर मिट्टी से लदे दो डंपर और एक जेसीबी मशीन को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान जेसीबी चालक को हिरासत में लिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

क्षेत्र में लंबे समय से रात के अंधेरे में मिट्टी का अवैध खनन किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे थे कि खनन से जुड़े लोग प्रशासन की निगरानी से बचने के लिए देर रात जेसीबी मशीनों के माध्यम से मिट्टी की खुदाई करते हैं और फिर डंपरों के जरिए उसे दूसरे स्थानों तक पहुंचाते हैं। इन गतिविधियों को लेकर लगातार शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की।

सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने की छापेमारी

जानकारी के मुताबिक, देर रात प्रशासन को घाटमपुर क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। टीम की अचानक आमद से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

इस दौरान टीम ने मौके से मिट्टी लदे दो डंपरों और खुदाई में इस्तेमाल की जा रही एक जेसीबी मशीन को अपने कब्जे में ले लिया। इसके साथ ही जेसीबी चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई। हालांकि, इस मामले में खनन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

एसडीएम की सख्ती के बावजूद जारी है अवैध खनन

गौरतलब है कि घाटमपुर क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार सख्ती बरतने की बात कही जा रही है। एसडीएम के निर्देशों के बाद भी क्षेत्र में मिट्टी के अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें सामने आना कई सवाल खड़े करता है।

दरअसल, खनन में शामिल लोग रात के समय को अपने लिए अनुकूल मानते हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर खुदाई की जाती है और डंपरों के माध्यम से मिट्टी का परिवहन किया जाता है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती केवल मौके से मशीनों और वाहनों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पूरे नेटवर्क की पहचान करना भी जरूरी है।

इसके अलावा, अवैध खनन से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। वहीं, बिना निर्धारित अनुमति और नियमों के मिट्टी की खुदाई होने से आसपास के रास्तों, खेतों और प्राकृतिक भू-भाग पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी माना जा रहा है।

खनन कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान करना होगी चुनौती

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पकड़े गए डंपरों और जेसीबी मशीन के मालिक कौन हैं और इनके माध्यम से किसके निर्देश पर मिट्टी का खनन किया जा रहा था। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होगा।

स्थानीय लोगों के बीच भी यह चर्चा है कि जब प्रशासन अवैध खनन के खिलाफ लगातार सख्ती बरत रहा है, तो इसके बावजूद रात के समय ऐसी गतिविधियां कैसे संचालित हो रही हैं। लोगों का मानना है कि केवल वाहनों को पकड़ने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके लिए खनन के स्थान, परिवहन के रास्तों और कारोबार से जुड़े लोगों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।

कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कंप

फिलहाल, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई को अवैध मिट्टी खनन के खिलाफ प्रशासन का महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दो डंपरों और एक जेसीबी मशीन के पकड़े जाने से क्षेत्र में सक्रिय खनन कारोबारियों को स्पष्ट संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करता है और पकड़े गए वाहनों तथा मशीनों के आधार पर अवैध खनन से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंच पाता है या नहीं। साथ ही, क्षेत्र में नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई से इस कारोबार पर कितना अंकुश लगता है, यह भी आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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