लखीमपुर खीरी: छात्रा को फेल करने की धमकी देकर शोषण और ब्लैकमेलिंग का आरोप, आरोपी गिरफ्तार
रिपोर्ट – शरद अवस्थी
लखीमपुर खीरी। जनपद लखीमपुर खीरी में एक शिक्षक पर छात्रा को परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर उसका शोषण करने और बाद में कथित वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर शारदानगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2023 का है। उस समय पीड़िता सावित्री देवी इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा थी। शिकायत में रहमत अली सिद्दीकी पुत्र सबीर अली, निवासी ग्राम मकसोहा, थाना शारदानगर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने पढ़ाई के दौरान परीक्षा में फेल करने की धमकी देकर उस पर दबाव बनाया और कई बार उसके साथ जबरन संबंध बनाए। इस दौरान आरोपी ने कथित तौर पर वीडियो भी बना लिया था।
स्कूल बदलने के बाद शुरू हुई कथित ब्लैकमेलिंग
शिकायत के मुताबिक, कुछ समय बाद छात्रा ने संबंधित विद्यालय छोड़ दिया और दूसरे स्कूल में पढ़ाई शुरू कर दी। हालांकि, इसके बाद भी उसकी परेशानी कम नहीं हुई। आरोप है कि आरोपी ने कथित वीडियो को आधार बनाकर छात्रा को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और लगातार उस पर दबाव बनाने लगा।
इतना ही नहीं, पीड़िता के परिवार को भी इस मामले में परेशान किए जाने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने छात्रा के भाई को कथित वीडियो दिखाया और उसके माध्यम से छात्रा से संपर्क कराने का प्रयास किया। आरोप है कि उसने छात्रा के भाई पर अपनी बहन से बात कराने और उसे मिलने के लिए बुलाने का दबाव बनाया।
पीड़ित परिवार की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
लगातार मिल रही कथित धमकियों और मानसिक दबाव से परेशान होकर पीड़ित पक्ष ने थाना शारदानगर पहुंचकर पुलिस को लिखित प्रार्थना पत्र दिया। परिवार ने आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने मामले में वांछित आरोपी रहमत अली सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया।
आईटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट समेत संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया।
इस घटना ने एक बार फिर शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों और शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई किए जाने की आवश्यकता को सामने ला दिया है। शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच विश्वास तथा सम्मान का रिश्ता शिक्षा व्यवस्था की बुनियाद माना जाता है। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने पर निष्पक्ष जांच और पीड़िता को न्याय दिलाना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

