कानपुर देहात कलेक्ट्रेट में मनाया गया राष्ट्रीय एकता दिवस, अधिकारियों ने ली एकता और अखंडता की शपथ
रिपोर्ट- विशाल मिश्रा
कानपुर देहात। भारत रत्न एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर जनपद कानपुर देहात में राष्ट्रीय एकता दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी कपिल सिंह सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ ली। साथ ही सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर कानपुर देहात के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के साथ हुई। कलेक्ट्रेट में मौजूद अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन और राज्य स्तरीय कार्यक्रम को देखा तथा सुना।
इस दौरान जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट कपिल सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंकित शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य तथा अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) दिग्विजय सिंह समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकजुटता के महत्व को समझाना तथा सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों को जनमानस तक पहुंचाना रहा।
अधिकारियों और कर्मचारियों ने ली राष्ट्र की एकता की शपथ
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने की शपथ ली। शपथ के माध्यम से सभी ने देश की एकता को मजबूत करने, राष्ट्रीय एकजुटता की भावना बनाए रखने और नागरिकों के बीच आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
इसके बाद सामूहिक रूप से राष्ट्रगान किया गया। राष्ट्रगान के दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सम्मानपूर्वक सहभागिता की। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश दिया गया। साथ ही यह संकल्प भी दोहराया गया कि राष्ट्र की एकता और अखंडता को बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन
राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम के अंतर्गत जिलाधिकारी कपिल सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस दौरान अधिकारियों ने उनके व्यक्तित्व, विचारों और देश के प्रति समर्पण को याद किया।
अधिकारियों ने कहा कि सरदार पटेल का योगदान भारतीय इतिहास में सदैव महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों के एकीकरण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और भारत को एक मजबूत राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके दृढ़ नेतृत्व, दूरदर्शिता और निर्णय लेने की क्षमता ने देश की एकता को मजबूत आधार प्रदान किया।
राष्ट्रीय एकता के प्रतीक हैं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल
सरदार वल्लभभाई पटेल को भारत के लौह पुरुष के रूप में जाना जाता है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर स्वतंत्र भारत के निर्माण तक उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने देश को एक सूत्र में पिरोने के लिए जिस दृढ़ इच्छाशक्ति और राजनीतिक कौशल का परिचय दिया, वह आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
विशेष रूप से स्वतंत्रता के बाद विभिन्न रियासतों के भारत में विलय की प्रक्रिया में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही। उनके प्रयासों से भारत की भौगोलिक और राजनीतिक एकता को मजबूती मिली। यही कारण है कि उनकी जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देशभर में विभिन्न सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को एकता और अखंडता का संदेश दिया जाता है।
प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की रही सहभागिता
कलेक्ट्रेट में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के महत्व को समझते हुए कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश की प्रगति और विकास के लिए सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और राष्ट्रीय एकता बेहद आवश्यक हैं।
अंततः कार्यक्रम में सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प दोहराया गया। कानपुर देहात कलेक्ट्रेट में आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का संदेश देने वाला रहा।

