पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी, कानपुर देहात में 200 किसानों ने देखा प्रधानमंत्री का लाइव प्रसारण
रिपोर्ट – विशाल मिश्रा
कानपुर देहात: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा जिले से देशभर के पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में योजना की 24वीं किस्त प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात स्थित विकास भवन सभागार में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। यहां जनपद के लगभग 200 प्रगतिशील किसानों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को देखा और सुना। साथ ही किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक खेती और पशुपालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी गईं।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि और कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रगतिशील किसानों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को केंद्र और प्रदेश सरकार की कृषि एवं किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देना तथा उनका लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा।
गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री ने किया किस्त का हस्तांतरण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा जिले में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में डीबीटी के जरिए धनराशि भेजी गई।
इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देश के विभिन्न जिलों में आयोजित किया गया। इसी क्रम में कानपुर देहात के विकास भवन सभागार में भी विशेष व्यवस्था की गई थी। यहां मौजूद किसानों और अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य पात्र किसान परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे खेती से संबंधित अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद प्राप्त कर सकें। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को निर्धारित नियमों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाती है।
सीडीओ विधान जायसवाल ने अधिकारियों को दिए निर्देश
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने किसानों के कल्याण और कृषि क्षेत्र के विकास को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए संचालित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पात्र किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों तक पहुंचे, जिससे कोई भी पात्र किसान जानकारी के अभाव में सरकारी सुविधाओं से वंचित न रहे।
सीडीओ ने कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और नई पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नई तकनीकों से जोड़ना जरूरी है। इससे खेती की लागत को नियंत्रित करने और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की ओर से कैबिनेट मंत्री अजीत सिंह पाल के प्रतिनिधि अविनाश चौबे तथा राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के प्रतिनिधि बहुआ पाण्डेय उपस्थित रहे।
इसके अलावा उप कृषि निदेशक हरिशंकर भार्गव और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.के. बरनवाल मंचासीन रहे। अधिकारियों ने किसानों को कृषि एवं पशुपालन से संबंधित विभागीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के बीच किसानों ने राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी साझा करने पर भी विशेष ध्यान दिया।
200 प्रगतिशील किसानों ने आधुनिक खेती की जानकारी प्राप्त की
इस कार्यक्रम में जनपद के लगभग 200 प्रगतिशील कृषकों ने प्रतिभाग किया। किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को सुना और कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इसके साथ ही उन्हें आधुनिक कृषि पद्धतियों, प्राकृतिक खेती और पशुपालन से जुड़ी विभिन्न जानकारियों से अवगत कराया गया। किसानों को बताया गया कि खेती में नई तकनीकों का इस्तेमाल करके उत्पादन को बेहतर बनाया जा सकता है। वहीं, प्राकृतिक खेती के माध्यम से खेती की पारंपरिक पद्धतियों को प्रोत्साहित करने और कृषि संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी ध्यान दिया जा सकता है।
विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों के माध्यम से किसानों तक कृषि से जुड़ी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना भी इस तरह के आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इससे किसानों को अपने क्षेत्र में उपलब्ध सरकारी सुविधाओं और कृषि विकास के नए विकल्पों के बारे में जानकारी मिलती है।
किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील
कार्यक्रम के समापन पर विभागीय अधिकारियों ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उनसे अपील की गई कि वे सरकारी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी करें और अपनी पात्रता के अनुसार उनका अधिकतम लाभ प्राप्त करें।
अधिकारियों ने किसानों को योजनाओं की जानकारी के लिए संबंधित विभागों से संपर्क बनाए रखने की सलाह भी दी। इसके अलावा कृषि और पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों में आधुनिक तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
किसानों की आर्थिक मजबूती पर सरकार का जोर
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। कानपुर देहात में आयोजित यह कार्यक्रम भी किसानों को योजनाओं से जोड़ने और उन्हें कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों की जानकारी देने का माध्यम बना।
मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के हित में संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए। कुल मिलाकर, विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 200 किसानों की सहभागिता रही और उन्हें सरकारी योजनाओं के साथ आधुनिक कृषि, प्राकृतिक खेती तथा पशुपालन से जुड़ी जानकारियां प्राप्त हुईं।

