कानपुर देहात में मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर अलर्ट, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी; जानिए क्या करें और क्या न करें,,,

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रिपोर्ट – विशाल मिश्रा 

कानपुर देहात: मौसम में बदलाव और मेघगर्जन के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए कानपुर देहात जिला प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और बिजली चमकने या बादलों की तेज गर्जना होने पर सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। इसके साथ ही लोगों को बिजली गिरने से बचाव के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दी गई है।

अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दुष्यंत कुमार मौर्य ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, लखनऊ की ओर से 23 अक्टूबर 2026 को जारी मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार 28 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक मेघगर्जन और वज्रपात के साथ झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना व्यक्त की गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने जनसामान्य के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।

वज्रपात से बचाव के लिए सावधानी जरूरी

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि वर्षा, मेघगर्जन और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान सावधानी एवं समय रहते तैयारी ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। थोड़ी सी सतर्कता बरतकर वज्रपात से होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में अनावश्यक रूप से न रहें। यदि आसमान में बिजली चमक रही हो या बादलों की तेज गर्जना सुनाई दे रही हो तो तुरंत किसी सुरक्षित पक्के मकान के अंदर चले जाएं। साथ ही बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें।

मोबाइल में डाउनलोड करें सचेत और दामिनी ऐप

प्रशासन ने मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्राप्त करने के लिए लोगों को अपने एंड्रॉयड मोबाइल फोन में प्ले स्टोर से ‘सचेत’ और ‘दामिनी’ मोबाइल ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी है।

इन ऐप के माध्यम से मौसम और वज्रपात से संबंधित चेतावनियां तथा जरूरी एडवाइजरी प्राप्त की जा सकती हैं। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे मोबाइल पर मिलने वाले अलर्ट को गंभीरता से लें और उसके अनुसार अपनी गतिविधियों में बदलाव करें।

इसके अतिरिक्त स्थानीय रेडियो, समाचार माध्यमों और अन्य संचार साधनों के जरिए मौसम की ताजा जानकारी लेते रहें, ताकि किसी भी संभावित स्थिति में समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचा जा सके।

मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान क्या करें?

जिला प्रशासन ने आमजन के लिए कुछ जरूरी सावधानियां जारी की हैं, जिनका पालन करके आकाशीय बिजली से बचाव में मदद मिल सकती है।

1. तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाएं: यदि आप किसी खुले मैदान, खेत या सड़क पर हैं तो मौसम खराब होने पर जल्द से जल्द किसी पक्के मकान के अंदर शरण लें।

2. दरवाजे और खिड़कियों से दूर रहें: घर के अंदर पहुंचने के बाद खिड़कियों, दरवाजों, बरामदों और छत से दूरी बनाकर रखें।

3. बिजली के उपकरणों से दूरी रखें: बिजली चमकने और मेघगर्जन के दौरान विद्युत उपकरणों तथा तारों को न छुएं। संभव हो तो संवेदनशील उपकरणों के बिजली कनेक्शन सुरक्षित तरीके से बंद कर दें।

4. तालाब और जलाशयों से दूर रहें: बारिश और वज्रपात की आशंका के दौरान तालाब, नदी, पोखर और अन्य जल स्रोतों के आसपास न रुकें।

5. समूह में खड़े न हों: यदि किसी कारण खुले स्थान पर हैं तो एक साथ समूह बनाकर खड़े होने के बजाय एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखें। हालांकि, प्राथमिकता सुरक्षित पक्के भवन में पहुंचने की होनी चाहिए।

6. बिजली के खंभों और तारों से बचें: बिजली या टेलीफोन के खंभों, तारों की बाड़, मशीनों और अन्य विद्युत उपकरणों के पास खड़े न हों।

7. धातु के कृषि उपकरणों से दूरी रखें: खेतों में काम करने वाले किसान मौसम खराब होने पर धातु से बने कृषि यंत्र, डंडे और अन्य उपकरणों को अपने से दूर रख दें।

8. पशुओं को सुरक्षित रखें: पशुओं को खुले मैदान में न छोड़ें। उन्हें सुरक्षित स्थान पर बांधने की व्यवस्था करें।

9. घायल व्यक्ति को तत्काल सहायता दें: यदि कोई व्यक्ति वज्रपात की चपेट में आ जाता है तो उसे जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल या प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पहुंचाएं। जरूरत पड़ने पर आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करें।

वज्रपात के दौरान क्या न करें?

प्रशासन ने कुछ ऐसी गतिविधियों से भी बचने की सलाह दी है, जो खराब मौसम के दौरान जोखिम बढ़ा सकती हैं।

  • जर्जर और पुराने मकानों में शरण न लें।
  • ऊंची इमारतों या खुले स्थानों के आसपास खड़े न रहें।
  • बच्चों को तालाब, नदी और जलाशयों के पास न जाने दें।
  • बिजली और टेलीफोन के खंभों के नीचे शरण न लें।
  • पैदल चलते समय धातु की डंडी वाले छाते का इस्तेमाल न करें।
  • घर के अंदर रहने के दौरान पानी के नल, फ्रिज और टेलीफोन जैसे उपकरणों को न छुएं।
  • बाहर रहने पर धातु से बनी वस्तुओं का उपयोग न करें।
  • मौसम साफ होने से पहले सुरक्षित स्थान से बाहर निकलने की जल्दबाजी न करें।

कानपुर देहात प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

वज्रपात और मेघगर्जन से संबंधित किसी भी स्थिति में सहायता एवं जानकारी के लिए जिला प्रशासन ने जनपद स्तरीय मोबाइल नंबर 9454416429 सक्रिय किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम संबंधी चेतावनियों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर संबंधित हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

किसानों और ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील

कानपुर देहात में बड़ी संख्या में लोग खेती और पशुपालन से जुड़े हैं। ऐसे में मौसम खराब होने के दौरान खेतों में काम कर रहे किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मेघगर्जन की आवाज सुनाई देने या बिजली चमकने पर खेतों में काम रोककर सुरक्षित पक्के भवन में चले जाएं। पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचें।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मौसम संबंधी चेतावनियों का समय पर पालन करना बेहद जरूरी है। इसलिए सचेत और दामिनी ऐप से मिलने वाले अलर्ट पर ध्यान दें तथा परिवार के सभी सदस्यों को वज्रपात से बचाव के उपायों की जानकारी दें।

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