करवा चौथ पर भावुक हुईं कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय, बीमार पति के चरणों में झुककर लिया आशीर्वाद
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कानपुर: करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास, समर्पण और अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है। इस अवसर पर कानपुर से एक ऐसा भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने अपने पति के प्रति प्रेम और समर्पण की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसने करवा चौथ के पारंपरिक महत्व को एक बार फिर लोगों के सामने जीवंत कर दिया।
दरअसल, महापौर प्रमिला पांडेय के पति इन दिनों कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। ऐसे कठिन समय में भी प्रमिला पांडेय ने करवा चौथ की परंपरा का पूरी श्रद्धा और भावनाओं के साथ निर्वहन किया। वह अपने पति के पास पहुंचीं और उनकी लंबी उम्र तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनका भावुक अंदाज देखने को मिला।
पति के माथे पर तिलक लगाकर की पूजा-अर्चना
करवा चौथ के अवसर पर महापौर प्रमिला पांडेय अपने पति के पास पहुंचीं, जहां उनके पति बिस्तर पर लेटे हुए थे। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पति के माथे पर तिलक लगाया और उनकी पूजा-अर्चना की। इस दौरान उनके चेहरे पर श्रद्धा, भावुकता और अपने जीवनसाथी के प्रति गहरा लगाव साफ दिखाई दिया।
आमतौर पर करवा चौथ पर महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। हालांकि, इस अवसर पर प्रमिला पांडेय की ओर से सामने आई तस्वीर ने इस पर्व के भावनात्मक पक्ष को भी उजागर किया। उनके लिए यह दिन केवल एक धार्मिक परंपरा निभाने का अवसर नहीं था, बल्कि अपने जीवनसाथी के प्रति प्रेम और साथ निभाने के संकल्प को दोहराने का भी मौका था।
पति के चरणों में झुककर लिया आशीर्वाद
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे भावुक क्षण तब सामने आया, जब महापौर प्रमिला पांडेय अपने पति के चरणों में झुककर उनका आशीर्वाद लेती नजर आईं। पति की बीमारी के बीच उनकी यह भावनात्मक अभिव्यक्ति लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गई। एक ओर जहां वह शहर की प्रथम नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं, वहीं दूसरी ओर एक पत्नी के रूप में अपने पारिवारिक रिश्तों और परंपराओं के प्रति उनका समर्पण भी दिखाई दिया।
इसके साथ ही, यह दृश्य इस बात का प्रतीक बना कि जीवन में परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अपनों के प्रति प्रेम और विश्वास का महत्व कम नहीं होता। बीमारी के कठिन दौर में जीवनसाथी के साथ खड़े रहना किसी भी रिश्ते की मजबूती को दर्शाता है।
करवा चौथ का भावनात्मक संदेश
भारतीय संस्कृति में करवा चौथ का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। सुबह सरगी ग्रहण करने से लेकर शाम को पूजा और चंद्र दर्शन तक इस पर्व से कई परंपराएं जुड़ी हुई हैं।
हालांकि, समय के साथ करवा चौथ का स्वरूप केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा है। यह पर्व पति-पत्नी के बीच आपसी विश्वास, सम्मान, सहयोग और भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक बन गया है। ऐसे में प्रमिला पांडेय का अपने बीमार पति के पास पहुंचकर पूजा करना और उनका आशीर्वाद लेना इस पर्व के मानवीय पक्ष को सामने लाता है।
मुश्किल समय में रिश्तों की अहमियत आई सामने
महापौर प्रमिला पांडेय का यह भावुक दृश्य इस बात की याद दिलाता है कि वैवाहिक जीवन केवल खुशियों और उत्सवों का नाम नहीं है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में एक-दूसरे का साथ निभाना भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। बीमारी के समय परिवार का भावनात्मक सहयोग व्यक्ति को संबल प्रदान करता है।
कानपुर से सामने आई इस तस्वीर ने करवा चौथ के अवसर पर प्रेम, विश्वास और समर्पण का संदेश दिया। हालांकि, इस घटनाक्रम से जुड़ी अन्य निजी जानकारियां सामने नहीं आई हैं, लेकिन पति के प्रति प्रमिला पांडेय की भावनात्मक अभिव्यक्ति ने इस पर्व को एक अलग मानवीय संवेदना से जोड़ दिया।
कुल मिलाकर, करवा चौथ पर महापौर प्रमिला पांडेय का अपने पति के प्रति यह सम्मान और समर्पण चर्चा का विषय बना हुआ है। यह दृश्य याद दिलाता है कि जीवन के कठिन दौर में रिश्तों की असली मजबूती प्रेम, विश्वास और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने से ही सामने आती है।

