कानपुर में गंदगी के बीच बन रहे थे मोमोज, तीन निर्माणशालाएं बंद; 115 किलो चटनी नष्ट – पढ़ें कहां
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कानपुर प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के र्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने रावतपुर, केशव नगर, साकेत नगर और मसवानपुर क्षेत्रों में मोमोज निर्माण शालाओं एवं खाद्य विक्रेताओं का विशेष निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर मोमोज और उनके साथ परोसी जाने वाली चटनी अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार और संग्रहीत मिली। इसके बाद विभाग ने तीन निर्माणशालाओं का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया तथा लगभग 115 किलोग्राम संदिग्ध चटनी का नगर निगम के वेस्ट डिस्पोजल यार्ड में विनष्टीकरण कराया।
इसके अलावा, विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर चला विशेष अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर की। अभियान का उद्देश्य शहर में तैयार और बेचे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा की जांच करना था।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न निर्माणशालाओं और ठेलों का निरीक्षण किया। जांच में जहां-जहां स्वच्छता मानकों का उल्लंघन मिला, वहां तत्काल कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
रावतपुर स्थित आकाश मोमोज निर्माणशाला में मिली गंभीर कमियां
खाद्य सचल दल के खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय वर्मा, रजनीश कुमार राय, अनिल कुमार और सारिका सिंह ने सबसे पहले केशव नगर, रावतपुर गांव स्थित आकाश मोमोज निर्माणशाला का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निर्माणशाला की साफ-सफाई बेहद खराब पाई गई। साथ ही, मोमोज के साथ परोसी जाने वाली चटनी भी अस्वच्छ एवं संदिग्ध परिस्थितियों में रखी मिली। टीम ने चटनी का नमूना जांच के लिए संग्रहित किया तथा करीब 40 किलोग्राम चटनी का सुरक्षित तरीके से विनष्टीकरण कराया।
इसके बाद अधिकारियों ने निर्माणशाला संचालक को निर्देश दिए कि जब तक सभी कमियां दूर नहीं होतीं और आवश्यक स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक प्रतिष्ठान का संचालन बंद रखा जाए।
श्री बालाजी मोमोज निर्माणशाला में नहीं मिला खाद्य पंजीकरण
इसके बाद विभागीय टीम ने रावतपुर गांव स्थित श्री बालाजी मोमोज निर्माणशाला का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान के पास खाद्य कारोबार के लिए आवश्यक खाद्य पंजीकरण उपलब्ध नहीं था।
इसके अतिरिक्त परिसर की साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली। निरीक्षण में रंगीन चटनी अस्वच्छ परिस्थितियों में संग्रहीत पाई गई। अधिकारियों ने मोमोज और चटनी दोनों के नमूने जांच के लिए लिए तथा लगभग 45 किलोग्राम रंगीन चटनी नष्ट कराई।
विभाग ने संचालक को खाद्य पंजीकरण प्राप्त करने और सभी आवश्यक सुधार करने तक कारोबार बंद रखने के निर्देश दिए।
साकेत नगर में भी बंद कराई गई निर्माणशाला
अभियान के अगले चरण में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रश्मि प्रभा ने साकेत नगर स्थित एक मोमोज निर्माणशाला का निरीक्षण किया।
यहां भी निर्माण क्षेत्र की स्वच्छता संतोषजनक नहीं पाई गई। निरीक्षण के दौरान मोमोज में उपयोग की जाने वाली चटनी संदिग्ध और अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी मिली। विभाग ने चटनी का नमूना संग्रहित किया और लगभग 30 किलोग्राम चटनी को नगर निगम के वेस्ट डिस्पोजल यार्ड में नष्ट कराया।
साथ ही, निर्माणशाला को आवश्यक सुधार होने तक बंद रखने के निर्देश दिए गए।
मसवानपुर में ठेलों पर भी हुई कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने केवल निर्माणशालाओं तक ही अभियान सीमित नहीं रखा। इसके बाद मसवानपुर क्षेत्र में मोमोज बेचने वाले ठेलों का भी निरीक्षण किया गया।
जांच के दौरान कई ठेलों पर बिक रहे रंगीन फिंगर चिप्स और उनके साथ परोसी जाने वाली रंगीन चटनी स्वच्छता मानकों के अनुरूप नहीं मिली। विभागीय टीम ने मौके पर ही इन खाद्य पदार्थों का विनष्टीकरण कराया और संबंधित विक्रेताओं को भविष्य में खाद्य सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करने की चेतावनी दी।
सभी नमूने भेजे गए प्रयोगशाला
निरीक्षण के दौरान लिए गए सभी खाद्य नमूनों को परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
यदि जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर जुर्माना, लाइसेंस संबंधी कार्रवाई अथवा अन्य कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
खाद्य कारोबारियों को दिए गए निर्देश
अभियान के दौरान खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ पानी का उपयोग करने, खाद्य पदार्थों का सुरक्षित भंडारण करने और वैध खाद्य पंजीकरण रखने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ ही कर्मचारियों को व्यक्तिगत स्वच्छता का पालन करने, साफ उपकरणों का उपयोग करने तथा खाद्य पदार्थों को निर्धारित तापमान पर सुरक्षित रखने की भी सलाह दी गई।
जनस्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता
सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने कहा कि खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और विक्रय में स्वच्छता मानकों का पालन प्रत्येक खाद्य व्यवसायी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना भी है। इसलिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान लगातार चलाए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई खाद्य व्यवसायी नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है सतर्कता
विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने में उपभोक्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि किसी दुकान, निर्माणशाला या ठेले पर साफ-सफाई की कमी दिखाई दे, तो संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी जानी चाहिए।
इसके अलावा, उपभोक्ताओं को हमेशा स्वच्छ वातावरण में तैयार खाद्य पदार्थों का ही सेवन करना चाहिए तथा पैक्ड खाद्य उत्पाद खरीदते समय उनकी गुणवत्ता, निर्माण तिथि और वैधता की जांच भी अवश्य करनी चाहिए।
कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा चलाया गया यह विशेष अभियान जन स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। तीन मोमोज निर्माणशालाओं का संचालन बंद कराना, 115 किलोग्राम संदिग्ध चटनी का विनष्टीकरण करना और खाद्य नमूनों को प्रयोगशाला भेजना यह दर्शाता है कि प्रशासन खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर है।
आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, विभाग ने संकेत दिए हैं कि ऐसे निरीक्षण अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।

