श्रावस्ती पुलिस की बड़ी सफलता: सर्विलांस टीम ने 65 गुम मोबाइल खोजकर मालिकों को लौटाए, 16.10 लाख की संपत्ति बरामद
रिपोर्ट- सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में पुलिस की सर्विलांस सेल ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए गुम हुए 65 मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 16 लाख 10 हजार रुपये है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी जताई और पुलिस टीम के प्रयासों की सराहना की।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई विशेष अभियान के तहत की गई, जिसमें IMEI ट्रैकिंग, लोकेशन ट्रैकिंग और केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (CEIR) पोर्टल जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया। अभियान का उद्देश्य गुम हुए मोबाइल फोन को खोजकर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना था।
तकनीकी संसाधनों की मदद से मिली सफलता
श्रावस्ती पुलिस ने बताया कि गुम मोबाइल की तलाश के लिए सर्विलांस टीम ने चरणबद्ध तरीके से तकनीकी जांच की। सबसे पहले संबंधित मोबाइल फोन के IMEI नंबरों का सत्यापन किया गया। इसके बाद लोकेशन ट्रैकिंग और CEIR पोर्टल की सहायता से विभिन्न मोबाइल उपकरणों की वर्तमान स्थिति का पता लगाया गया।
इसी प्रक्रिया के माध्यम से टीम ने अलग-अलग स्थानों से कुल 65 मोबाइल फोन का पता लगाया। आवश्यक सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया।
लोगों की उम्मीदें हुईं पूरी
अक्सर मोबाइल फोन गुम होने के बाद लोग उसके वापस मिलने की संभावना बहुत कम मानते हैं। हालांकि, इस अभियान ने ऐसे कई लोगों को राहत दी, जिन्हें अपना मोबाइल मिलने की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी थी।
जब पुलिस कार्यालय में मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए, तब कई लोगों ने इसे सुखद अनुभव बताया। मोबाइल वापस मिलने पर नागरिकों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया और आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग की सराहना की।
विशेष अभियान के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार यह अभियान पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर चलाया गया। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक चंद्रकेश सिंह तथा क्षेत्राधिकारी (क्राइम) भरत पासवान द्वारा की गई।
अधिकारियों ने सर्विलांस टीम को उपलब्ध शिकायतों का तकनीकी विश्लेषण कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद टीम ने उपलब्ध सूचनाओं और तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए मोबाइल फोन की खोज की प्रक्रिया पूरी की।
CEIR पोर्टल की भूमिका रही महत्वपूर्ण
मोबाइल फोन की बरामदगी में CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह प्रणाली गुम या चोरी हुए मोबाइल उपकरणों की पहचान और ट्रैकिंग में सहायता करती है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि किसी मोबाइल का IMEI नंबर उपलब्ध हो और समय पर संबंधित जानकारी दर्ज करा दी जाए, तो ऐसे उपकरणों का पता लगाने की संभावना बढ़ जाती है। यही कारण है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत संबंधित पुलिस थाने या आधिकारिक पोर्टल पर सूचना दर्ज कराने की सलाह दी जाती है।
डिजिटल पुलिसिंग को मिल रही मजबूती
हाल के वर्षों में पुलिस विभाग द्वारा तकनीकी संसाधनों का उपयोग लगातार बढ़ाया गया है। सर्विलांस, डिजिटल डेटा विश्लेषण, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य तकनीकी साधनों की मदद से कई मामलों की जांच पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है।
श्रावस्ती पुलिस की यह कार्रवाई भी डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से नागरिकों की समस्याओं का समाधान अधिक तेजी से किया जा सकता है।
मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए आवश्यक सावधानियां
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि प्रत्येक मोबाइल उपयोगकर्ता अपने फोन का IMEI नंबर सुरक्षित स्थान पर लिखकर रखें। इसके अलावा मोबाइल में मजबूत स्क्रीन लॉक, पासकोड या बायोमेट्रिक सुरक्षा का उपयोग करना भी आवश्यक है।
यदि मोबाइल गुम हो जाए, तो सबसे पहले अपने सेवा प्रदाता को सूचित करें, संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं तथा CEIR पोर्टल पर भी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। इससे मोबाइल का पता लगाने में सहायता मिल सकती है।
नागरिकों और पुलिस के बीच बढ़ा विश्वास
मोबाइल वापस मिलने के बाद कई नागरिकों ने पुलिस अधिकारियों और सर्विलांस टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। लोगों का कहना था कि उन्हें अपने मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस की मेहनत और तकनीकी प्रयासों के कारण उन्हें राहत मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से नागरिकों और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत होता है तथा लोगों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रोत्साहन मिलता है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए आगे भी इसी प्रकार के अभियान जारी रहेंगे। इसके साथ ही लोगों से अपील की गई है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में समय रहते शिकायत दर्ज कराएं और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं, ताकि तकनीकी जांच शीघ्र शुरू की जा सके।

